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मकान मलिक के साथ मेरी मम्मी की सेक्स कहानियां

हेलो दोस्तों, आज जो  हिंदी सेक्स कहानियां बताने जा रहा हू वो मेरी मम्मी की चुदाई की हैं । आज मैं बाटूंगा कैसे मकान मलिक ने मेरी मम्मी को चोदा, कैसे मकान मलिक ने मेरी मम्मी को नंगा करके चोदा,मम्मी की बूब्स चूसा,कैसे मम्मी की चूत चाटी, कैसे मम्मी को घोड़ी बना के चोदा, कैसे 8 इंच का लण्ड से मकान मलिक ने मेरी मम्मी की चूत मारा,  मम्मी की गांड मारा , कैसे मम्मी की चूचियों को चूसा और खड़े खड़े मम्मी को चोदा । कैसे मकान मलिक ने मम्मी को रखैल बनाया । मेरी मम्मी का नाम वर्षा है और वो बहुत ही सुंदर औरत है उनकी उम्र 39 साल की है लेकिन उनका शरीर बिल्कुल फिट है और उनको देखकर नहीं लगता है कि वो 39 साल की है.. मम्मी की बूब्स बहुत ही बड़े बड़े है और मम्मी की गांड बिल्कुल गोल गोल है। फिर मेरी मम्मी मुझे अपने साथ मार्केट लेकर जाती थी.. तो सारे अंकल मम्मी को देखते ही रह जाते थे।

वो सारे मेरी मम्मी को चोदना चाहते थे.. वो लोग मेरी मम्मी को घूर घूर कर देखते ही रहते थे। मेरी मम्मी अधिकतर टाईम सलवार सूट ही पहनती थी। मम्मी की कुरती में से उनके बूब्स गजब के दिखते थे और सारे मोहल्ले के अंकल मेरी मम्मी के हुस्न के दीवाने थे। दोस्तों यह उस समय की कहानी है.. जब मेरे पापा को एक बड़े प्रॉजेक्ट के काम से एक साल के लिए बाहर जाना पड़ा और में और मेरी मम्मी अकेले ही घर पर रह गये थे। फिर हम जिस घर में रहते थे उसके ऊपर वाले कमरों में हमारा मकान मलिक रहता था और मकान मलिक की बीवी कुछ समय पहले गुजर गई थी और फिर वो बिल्कुल अकेला ही रह गया था। मेरे मकान मलिक का नाम रमेश था। हमारा मकान मलिक मेरी मम्मी को बहुत घूरकर देखता था और वो मम्मी को बहुत ही पसंद करता था। फिर पापा को गये हुए बहुत दिन हो गये थे और फिर मम्मी अपने बचाए हुए पैसों में से घर का किराया दे दिया करती थी लेकिन धीरे धीरे हमे पैसों की कमी होने लगी और किराया देने में बहुत प्राब्लम होने लगी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मेरी मम्मी ने मेरे मकान मलिक से बात की.. वो कुछ दिन का समय दे दे। फिर उसने कहा कि ठीक है। फिर कुछ दिन तक ऐसा ही चलता रहा दो महीने बाद मेरा मकान मलिक आया और उसने पैसों के लिए पूछा। तभी मम्मी ने कहा कि अभी नहीं है लेकिन वो दे देंगी लेकिन उसने कहा कि नहीं बहुत दिन हो गये है अब वो और दिन नहीं रुक सकता है और उसने मम्मी से घर छोड़ देने के लिए कहा।

तभी मम्मी रोने लगी और उन्होंने कहा कि प्लीज कुछ दिन और रुक जाइए.. में पैसे दे दूँगी.. लेकिन वो मानने वाला नहीं था लेकिन मम्मी के बहुत रोने पर उसने कहा कि ठीक है में रुक जाता हूँ लेकिन इसके बदले में कुछ लूँगा। तभी मम्मी ने कहा कि आप जो बोलेंगे में वो दे दूँगी लेकिन प्लीज आप कुछ दिन और रुक जाइए।फिर मेरा मकान मलिक मम्मी के पास आया और वो मम्मी को चुप करने लगा और वो मम्मी से कहने लगा कि रोने की ज़रूरत नहीं है। फिर उसने मम्मी को सोफे पर बैठा दिया और मम्मी के आँसू पोंछने लगा। तभी मैंने  खा कि वो मम्मी के गालो को छू रहा है और फिर उसने एक हाथ मेरी मम्मी के बूब्स पर रख दिया। तभी मम्मी ने कहा कि यह क्या कर रहे है आप? फिर उसने मम्मी से कहा कि अगर घर में रहना है तो मुझसे चुदवाना पड़ेगा। तभी मम्मी ने कहा कि यह क्या कह रहे है आप? यह नहीं हो सकता। फिर उसने मम्मी से कहा कि ठीक है आप यहाँ से चले जाओ। तभी मम्मी उसकी तरफ देखने लगी और में दूसरे रूम से खड़ा होकर सब देख रहा था। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मम्मी ने कहा कि ठीक है लेकिन अभी नहीं अभी मेरा बेटा देख लेगा.. में रात में आउंगी। तभी उसने कहा कि ठीक है। फिर अंकल चले गये और में भी तैयार होकर स्कूल चला गया लेकिन में यही सोच रहा था कि आज अंकल मम्मी को चोद देंगे। फिर में घर वापस गया मैंने अपना स्कूल का काम टाईम पर खत्म करके में खाना खाने लगा।

फिर उस समय मम्मी नहाने गई हुई थी। फिर मम्मी जब मम्मी बाहर निकली तो मैंने देखा कि मम्मी ने सफेद कलर का सलवार सूट पहन रखा था और मम्मी का सूट बिल्कुल पारदर्शी था जिसमे से उनकी लाल रंग की ब्रा दिख रही थी और मम्मी गजब की सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने देखा कि मम्मी तैयार हो रही थी। तभी मैंने मम्मी से पूछा कि मम्मी आप कहीं जा रही हो क्या? फिर मम्मी ने कहा कि हाँ बेटा में एक पार्टी में जा रही हूँ और तुम सो जाओ।फिर मैंने कहा कि ठीक है और में सोने चला गया लेकिन मेरे दिमाग़ में अंकल की बात चल रही थी कि आज वो मेरी मम्मी को चोद देंगे। फिर कुछ देर बाद मम्मी बाहर निकल गयी और फिर अंकल के कमरे की तरफ चली गयी। फिर में थोड़ी देर तक ऐसे ही बेड पर लेटा रहा और फिर में उठा और गेट खोला और फिर मम्मी के पीछे पीछे चला गया। तभी मैंने देखा कि मम्मी अंकल के कमरे के अंदर चली गई और फिर अंकल ने गेट बंद कर दिया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तभी में वहीं पर बनी एक खिड़की से जब देखने लगा। फिर मम्मी सोफे पर जाकर बैठ गयी और अंकल भी वहीं पर मम्मी के पास में जाकर बैठ गये और मम्मी से बातें करने लगे। फिर मैंने देखा कि अंकल मम्मी को घूर घूरकर देख रहे थे और फिर अंकल मम्मी के पास में बैठ गये।फिर अंकल ने मम्मी की जांघो पर हाथ रख दिया और सहलाने लगे मम्मी कुछ डरी हुई नज़र आ रही थी क्योंकि पहली बार मम्मी किसी गैर मर्द से चुदने जा रही थी।

फिर अंकल ने मम्मी का गाल पकड़ लिया और फिर मम्मी के होंठो को अपने होंठो में सटा लिया और फिर चूमने लगे और मम्मी के होंठो को चूसने लगे। तभी मैंने देखा कि अंकल मम्मी की लिपस्टिक को चाट रहे थे। फिर मेरी मम्मी ने अंकल के गले को पकड़ रखा था और वो भी अंकल का साथ दे रही थी। फिर अंकल मेरी मम्मी के गले पर किस करने लगे और मम्मी को भी बहुत मज़ा आ रहा था और फिर उन्होंने अंकल के बाल पकड़ रखे थे। फिर अंकल ने मम्मी को खड़ा कर दिया और फिर दीवार से चिपका कर खड़ा कर दिया और मम्मी के गले पर किस करने लगे मम्मी आआ आआहह कर रही थी और अंकल जानवरों की तरह मेरी मम्मी को चूम रहे थे। तभी थोड़ी देर तक ऐसे ही मेरी मम्मी को किस करने के बाद अंकल ने अपने दोनों हाथों को पीछे कर दिया और मेरी मम्मी की कुरती ऊपर उठाकर सलवार के ऊपर से मम्मी के चूतड़ मसलने लगे। तभी मैंने देखा कि मम्मी की सलवार बिल्कुल पारदर्शी थी और उन्होंने लाल कलर की पेंटी पहन रखी थी।फिर अंकल मेरी मम्मी के चूतड़ो को मसले जा रहे थे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी अंकल ने मम्मी से कहा कि वर्षा जब से मैंने तुम्हे देखा है तब से तुम्हे चोदना चाहता था लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और आज में तेरी चूत फाड़ दूँगा। फिर अंकल ने मेरी मम्मी को अपने कंघे पर उठा लिया और अपने बेड रूम में लेकर चले गये..

अंकल का शरीर बहुत अच्छा है इसलिए मेरी मम्मी को उठाने में उन्हे ज्यादा प्राब्लम नहीं हुई। फिर में भी बेडरूम की खिड़की पर चला गया और रूम में देखने लगा। तभी मैंने देखा कि अंकल ने मेरी मम्मी को बेड पर पटक दिया और बेड पर गिरते ही मेरी मम्मी के बूब्स हिलने लगे। फिर अंकल ने अपने सारे कपड़े उतार लिए और मम्मी के सामने बिल्कुल नंगे हो गये। अंकल का लंड बहुत बड़ा था.. मकान मलिक का 7 इंच लंबा लंड था और बहुत मोटा था.. बिल्कुल काले रंग का लंड था। तभी मम्मी मकान मलिक का लंड देखकर डर गयी। फिर अंकल मम्मी के पास गये और उन्होंने अपना लंड मेरी मम्मी के मुहं में दे दिया। फिर मम्मी अंकल के लंड को चूसने लगी। तभी थोड़ी देर में मम्मी ने अंकल का पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया और अंदर बाहर करने लगी। फिर मैंने अंकल की तरफ देखा अंकल अह अह कर रहे थे और मेरी मम्मी के बूब्स को मसल रहे थे। फिर मम्मी कभी अंकल के लंड को चूसती थी तो कभी उनके लंड को सहलाती थी। फिर अंकल ने अपना लंड मम्मी के मुहं से निकाल दिया और उन्होंने मेरी मम्मी का कुर्ता निकाल कर ज़मीन पर फेंक दिया। तभी मैंने देखा कि मम्मी ने लाल कलर की ब्रा पहनी रखी थी। फिर अंकल ने मेरी मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया। तभी वो कमर के ऊपर से बिल्कुल नंगी थी। फिर मैंने पहली बार मम्मी के नंगे बूब्स को देखा था और मम्मी के निप्पल बिल्कुल भूरे कलर के थे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर अंकल तो मेरी मम्मी के बूब्स को देखते ही रह गये मम्मी के बूब्स बिल्कुल गोल गोल थे। फिर अंकल ने मेरी मम्मी को लेटा दिया और मैंने देखा कि अंकल ने तकिया मेरी मम्मी की पीठ के नीचे लगा दिया जिससे उनके बूब्स और तन गए।फिर मेरी मम्मी ने अपने हाथ पीछे कर रखे थे और बेड को पकड़ रखा था। तभी अंकल मम्मी के पास में लेट गये और उन्होंने मेरी मम्मी के एक बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। फिर अंकल बड़े मज़े से मेरी मम्मी के एक बूब्स को चूस रहे थे और दूसरे बूब्स को अपने हाथ से मसल रहे थे और मम्मी आआ…आआ ससस्स…ईईए…उई माँ कर रही थी। तभी अंकल समझ गये थे कि मम्मी को भी बहुत मज़ा आ रहा था। फिर अंकल ज़ोर ज़ोर से मेरी मम्मी के बूब्स को चूस रहे थे और मसल रहे थे। तभी अंकल ने अपने एक हाथ से मेरी मम्मी के पेट को सहलाना शुरू किया और फिर उन्होंने मेरी मम्मी के सलवार का नाड़ा खोल दिया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तभी मम्मी की सलवार थोड़ी ढीली हो गई और फिर मैंने देखा कि मकान मलिक ने अपना एक हाथ मेरी मम्मी की सलवार के अंदर डाल दिया और पेंटी के ऊपर से मेरी मम्मी की चूत को सहलाने लगे। फिर मम्मी आआ…आआ….हह मरी में कर रही थी और अंकल मज़े के साथ मेरी जवान मम्मी के जिस्म के साथ खेल रहे थे और वो एक हाथ से मेरी मम्मी के बूब्स मसल रहे थे तो दूसरे बूब्स को चूस रहे थे और अपने एक हाथ से मम्मी की चूत रगड़ रहे थे।

तभी थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद अंकल ने मम्मी की सलवार को खींच कर निकाल दिया और फिर मम्मी सिर्फ़ लाल रंग की पेंटी में अंकल के सामने थी। तभी अंकल उठकर बैठ गये और उन्होंने मेरी मम्मी की पेंटी निकाल ली। तभी मैंने देखा कि अंकल मेरी मम्मी की नंगी चूत को देख रहे थे। फिर मैंने अपनी मम्मी की चूत की तरफ देखा मम्मी की चूत पर एक भी बाल नहीं था।तभी अंकल ने मेरी मम्मी की नंगी चूत पर अपना हाथ रखा दिया और मम्मी सिहर गई। फिर अंकल ने मम्मी से पूछा कि वर्षा तेरी चूत तो बहुत टाईट है तुम कब से नहीं चुदी हो? फिर मम्मी ने कहा कि बहुत दिन हो गये है और मेरी चूत बहुत दिनों से लंड के लिए तरस रही है। फिर अंकल ने कहा कि कोई बात नहीं में आज से रोज़ हर समय चोदूंगा। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मकान मलिक ने मेरी मम्मी की चूत में अपना लंड सटाकर मेरी मम्मी के होंठ चूमने लगे। तभी मम्मी के मुहं से अह्ह्ह ओह्ह्ह मरी में की आवाज़े निकलने लगी। तभी मकान मलिक ने मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया है और उसे अंदर बाहर कर रहे है और मम्मी ने अपने हाथ से अंकल के बाल पकड़ रखे थे और सिसकियाँ ले रही थी।तभी थोड़ी देर तक अंकल ऐसे ही मेरी मम्मी की चूत को चोदते रहे। फिर मैंने देखा कि मम्मी की चूत से पानी गिरने लगा और मम्मी ने अंकल से कहा कि रमेश प्लीज़ अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है चोद दो मुझे।

फिर अंकल ने कहा कि रानी आज तो में तुझे रात भर चोदुंगा। फिर अंकल घुटनो के बल बैठ गये और मैंने देखा कि अंकल ने अपने एक हाथ से अपने लंड को पकड़ रखा था और अपने लंड को मेरी मम्मी की चूत पर सटा कर रगड़ रहे थे और मम्मी ने अपने दोनों हाथ पीछे करके तकिये को पकड़ रखा था। फिर मैंने देखा कि अंकल ने एक झटका दिया और मम्मी जोर से चीख पड़ी उई ईईइ अह्ह्ह माँ मुझे बचाओ। मम्मी की चूत बहुत टाईट थी जिसकी वजह से मकान मलिक का मोटा लंड मेरी मम्मी की चूत में पूरा नहीं गया।तभी मैंने देखा कि अंकल किचन से तेल लेकर आए उन्होंने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और थोड़ा मेरी मम्मी की चूत पर लगाया। तभी उन्होंने फिर से एक जोर का झटका दिया और फिर अंकल के लंड का टोपा मम्मी की चूत के अंदर चला गया था। फिर अंकल ने धीरे धीरे अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया। अब अंकल का आधा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। तभी अंकल ने मेरी मम्मी के दोनों घुटनो को पकड़ लिया और अपनी कमर हिला रहे थे और मम्मी धीरे धीरे ओफफफफ्फ़ अह्ह्ह ससस्स्सस्स म्रीईईईईईई धीरे धीरे प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है कर रही थी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मम्मी की ऐसी आवाज़े सुनकर अंकल ने पूरी ताक़त से एक जोरदार धक्का दिया और फिर मैंने देखा कि अंकल का पूरा लंड एक बार में ही मेरी मम्मी चूत में चला गया।

फिर अंकल आगे की तरफ झुक गये और अपना हाथ बेड पर रख लिया और मम्मी को चोदने लगे अंकल का पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था और वो मम्मी से कहने लगे कि वर्षा तेरी चूत में बहुत गर्मी है मज़ा आ गया.. बहुत दिन बाद ऐसी गरम चूत मिली है और आज में तुझे जी भरकर चोदूंगा और वो मम्मी की चुदाई करने लगे। फिर मम्मी को भी अब बहुत मज़ा आ रहा था मम्मी ने उनसे कहा कि में भी बहुत दिनों से नहीं चुदी हूँ और आज मेरी प्यास बुझा दे राज़ा और ज़ोर से चोद मुझे.. ज़रा और ताक़त लगा। फिर अंकल मम्मी के ऊपर लेट गये उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरी मम्मी के बूब्स पकड़ लिए और मसलने लगे और मेरी मम्मी की चूत को चोदने लगे। फिर अंकल ने अपनी पूरी ताक़त से मम्मी को चोदना शुरू कर दिया और पूरे रूम में मेरी मम्मी की सिसकियों की आवाज़ गूँज रही थी। तभी मम्मी चूतड़ उठा उठाकर अंकल से चुदवा रही थी। तभी थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि अंकल ने एक ज़ोर का झटका दिया और मम्मी के ऊपर ही लेट गये। तभी में समझ गया था कि अंकल ने अपना पूरा का पूरा वीर्य मेरी मम्मी की चूत में गिरा दिया है। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो मेरी मम्मी को चूमने लगे और अपना लंड धीरे धीरे मेरी मम्मी की चूत में डालने लगे। फिर करीब 5 मिनट बाद अंकल मम्मी के ऊपर से हट गये और वहीं पर पास में लेट गये और मम्मी भी वहीं पर नंगी लेटी हुई थी। कैसी लगी मेरी मम्मी की चुदाई की सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी मां की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/BorshaRaniDas

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