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पहले अपनी भाभी को चोदा फिर उसकी मदद से माँ को चोदा

यह चुदाई कहानी मेरी भाभी जी और मेरी मम्मी के साथ मेरे अवैध सम्बन्ध के ऊपर आधारित है.. और भाभी की मदद से माँ को चुदाई की है.मेरी मम्मी और भाभी जी के चूचियों बहुत मोटे है और गांड दोनों की एक जैसी ही है.. मेरी मम्मी की उम्र 42 साल है और मेरी भाभी जी की उम्र पैतीस साल है और में 21 साल का हूँ.. दोस्तों यह बात तब की है जब में एक बार मम्मी को नंगी देखकर पागल हो गया था.. मम्मी बिल्कुल नंगी होकर नहा रही थी और तब से में मम्मी के जैसे फिगर वाली औरतों में ज़्यादा रूचि लेने लगा और मेरी बहुत तमन्ना थी कि में भी चुदाई करूं.. मम्मी की नंगी बूर को चाटूं और मम्मी की गांड भी मारुँ और फिर लगता था कि सब यूँ ही रह जाएगा.. लेकिन फिर में बुआ के यहाँ गया और वहाँ पर मेरी भाभी जी भी थी..

भाभी जी हमेशा साड़ी के अंदर कभी भी पेंटी नहीं पहनती थी और यह बात मैंने भाभी जी के मुहं से सुनी थी वो एक दिन मम्मी से कह रही थी कि आप भी तो पेंटी नहीं पहनती और फिर मैंने भाभी जी को फंसाने की सोची और फिर एक दिन मेरी भाभी जी अपने बच्चे को दूध पिला रही थी और मैंने उसके मोटे मोटे चूचियों देखे और में उनको घूरकर देखने लगा.. लेकिन भाभी जी ने मुझे इस तरह उनके चूचियों को देखने पर भी कुछ नहीं कहा और ब्लाउज को थोड़ा नीचे कर लिया.. फिर में धीरे धीरे भाभी जी से बहुत मज़ाक करने लगा और खुलकर बातें करने लगा.. तो वो भी थोड़ा बहुत समझ जाती थी और फिर धीरे धीरे भाभी जी का भी मेरे साथ मन लग गया और उन्हें भी मेरे से बात करना अब बहुत अच्छा लगता था..उसके बाद एक दिन हम बातें कर रहे थे और थोड़ी ही देर के बाद भाभी जी बोली कि में नहा लेती हूँ.. मुझे बहुत गरमी लगने लगी है.. तो मैंने कहा कि हाँ नहा लो.. तो वो बहार बरामदे में दरवाजा बंद करके नहाने लगी.. तो मैंने मजाक में कहा कि दरवाजा थोड़ा अच्छे से बंद करना वरना में तुम्हे नहाते हुए देख लूँगा.. तो वो कहने लगी कि नहीं तुम अंदर ही रहना.. फिर वो थोड़ी देर के बाद नहाकर आ गई और बोली कि में बिल्कुल नंगी होकर नहाती हूँ और पेटिकोट भी नहीं पहनती.. क्योंकि वो गीला होकर चिपक जाता है और नहाने में बहुत दिक्कत होती है इसलिए में हमेशा ऐसे ही नहाती हूँ और फिर मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और चूमने लगा.. आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तो वो कहने लगी कि चल दूर हट वरना कोई आ जाएगा.. तो मैंने कहा कि कोई नहीं आएगा.. प्लीज एक बार करने दो ना और मैंने उनके होंठ को अपने होंठो से चूस लिया.. तो वो कह रही थी कि बस करो समझा करो कोई आ जाएगा.. फिर मैंने भाभी जी को छोड़ दिया और उसके अगले दिन वो कपढ़े बदल रही थी.. तो मैंने कहा कि आ जाऊं.. तो वो कहने लगी कि सब तुम्हारा ही तो है आ जाओ.. फिर भाभी जी बिल्कुल नंगी हो गई और उसने अपने पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया तो वो नीचे गिर गया और में भाभी जी से लिपट गया और मैंने कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और उसे चूमने लगा और चूचियों चूसने लगा.. तो वो कहने लगी कि उफफफफफ्फ़ आहह रविश आराम से पियो दूध और थोड़ा सा बचा देना बच्चे को भी पिलाना है.. फिर मैंने एक चूचियों पिया और फिर थोड़ी देर के बाद दूसरे वाले से भी पिया.. फिर मैंने कहा कि में नीचे की जगह भी चूस लूँ.. लेकिन उसने कोई भी जवाब नहीं दिया.. बस सिसकियाँ लेती रही.. तो मैंने देर ना करते हुए झट से अपना मुहं उसकी बूर पर लगा दिया और उसको बोला कि में दूध की जगह जूस तो सारा पी सकता हूँ ना.. तो वो कहने लगी कि रविश इसमे से जितना जूस पिया जाये पी लो उफफफ्फ़ अहह मम्मी मर गयी उफफफफफ्फ़ और वो मेरे सर को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर अपनी बूर पर दबाने लगी और फिर कहने लगी और ज़ोर से चूस और कुछ देर के बाद कहने लगी कि मुझे अपना वो दिखाओ.. तो मैंने कहा कि आपका ही है निकाल लो ना.. तो उसने मेरी पेंट को खोलकर लंड को बाहर निकाला और कहने लगी कि यह तो बहुत लम्बा है और मेरी उम्मीद से कहीं बड़ा है और मैंने इतना बड़ा लंड कभी भी नहीं देखा और यह कहकर लंड को मुहं में लिया और चूसने लगी..

तो में कहने लगा कि हाँ भाभी जी और लो पूरा डालो मुहं में.. हाँ और आगे पीछे करो.. भाभी जी हाँ बहुत अच्छे.. हाँ ऐसे ही करो.. तो बोली कि हाँ रविश में कर रही हूँ और फिर थोड़ी देर बाद कहने लगी कि अब रहा नहीं जा रहा.. तो वो कहने लगी कि एक मिनट रूको.. में मेक्सी पहन लूँ फिर नीचे से नंगी रहूंगी तो तुम आराम से कर लेना और कपढ़े पहने में भी ज्यादा देर नहीं लगेगी और फिर उन्होंने मेक्सी पहनी और उन्होंने अपनी मेक्सी को बूर से ऊपर अपने चूचियों तक उठा लिया..फिर मैंने उनको नीचे लेटा दिया और लंड को एक ही धक्के के साथ बूर के अंदर डाल दिया तो वो बहुत ज़ोर से चिल्ला पढ़ी अहह उईईई मम्मी मरी.. धीरे करो.. तो मैंने कहा कि क्या हुआ? क्या ज्यादा दर्द हो रहा है? तो वो कहने लगी कि हाँ तुम्हारा लंड बड़ा है ना.. तुम एक काम करो थोड़ा मक्खन लगा लो.. तो मैंने अपने लंड पर मक्खन लगाया और लंड को एकदम ज़ोर से धक्का देकर अंदर डाल दिया.. तो वो उफफफफ्फ़ अहह मम्मी मर गई और फिर उसने मेरी कमर में अपने दोनों पैर फंसा दिए और मुझे गंदे तरीके से चूमने लगी.. फिर में नीचे से पूरा दम लगाकर धक्के मारता रहा और फिर वो भी अपने बूरड़ उछाल कर मरवाने लगी और कहने लगी कि अब तुम थक गए होंगे में तुम्हारे ऊपर आती हूँ और फिर वो मेरे ऊपर आकर बूरड़ो को घुमाने लगी और चूचियों मेरे मुहं में डाल दिया.. फिर मैंने उसे कुतिया बनाया.. वो कुतिया बनी हुई क्या लग रही थी? पेरों में पायल और हाथों में चूड़ियाँ और चूचियों पर लटकता हुआ मंगलसुत्र.. बस मैंने और तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए और फिर कहने लगी कि में झड़ गयी हूँ और फिर थोड़ी देर के बाद में भी झड़ने लगा तो उन्होंने मेरा सारा वीर्य अंदर ही गिरा दिया और कहने लगी कि तुमने आज मुझे बहुत खुश कर दिया और फिर मेक्सी को नीचे किया और फिर हम किस करने लगे..आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर हमने साथ में बैठकर खाना खाया और फिर हम एक हफ्ते तक लगातार ऐसे ही चुदाई करते रहे.. फिर कुछ दिनों के बाद मुझे मम्मी ने घर बुला लिया.. तो मेरे जाते वक्त भाभी जी रोने लगी और में भी रोने लगा.. तो मैंने कहा कि में तुम्हारे बिना कैसे रहूँगा और अब में घर में अकेला क्या करूँगा.. मुझे आपकी बहुत याद आएगी और कहा कि आपके पास तो आपके पति का लंड है और में किसकी बूर से मजे लूँगा और मेरी तो अभी शादी भी नहीं हुई है.. पापा, मम्मी को चोदते है.. में उन्हें देख देख कर भी थक चुका हूँ और मम्मी के अलावा घर पर कोई औरत नहीं है में क्या करूं? कैसे अपने लंड को शांत करूं और मम्मी को नंगी देखकर तो मुझे आपकी और याद आएगी और में उन्हे रोज़ नंगी नहाते हुए देखता हूँ.. फिर भाभी जी बोली कि तुम अपनी मम्मी को पटा लो और हर रोज़ तुम्हे मज़े आ जाएगे और तुम्हारा लंड भी शांत हो जाएगा.. तो मैंने कहा कि मम्मी नहीं मानेगी और वो बोली कि तुम्हारा लंड देखकर तो हर औरत मान जाएगी और वो भी लंड की बहुत भूखी है और साड़ी के नीचे बिल्कुल नंगी रहती है.. वो साली तुम्हारे पापा से चुदने के अलावा और किसी से अभी तक नहीं चुदी है.. लेकिन में तुम्हारी मदद करूँगी और फिर वो मान जाएगी और फिर तुम मम्मी को बहुत खुश रखना.. दोस्तों ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है..

फिर भाभी जी ने कहा कि तुम बाथरूम से नहाकर बाहर निकलना और अपना तोलिया उसके सामने गिरा देना और उसे अपना लंड दिखा देना.. फिर में घर आ गया और मैंने ऐसा ही किया.. नहाते हुए बिल्कुल नंगा हो कर नहाने लगा और जानबूझ कर तोलिया और अंडरवियर बाथरूम में नहीं लेकर आया और मम्मी को आवाज़ दी और मुहं पर साबुन लगा लिया और आंख बंद करके हाथ बाहर निकल कर तोलिया लेने लगा और दरवाजा ज्यादा खोल दिया और मेरी मम्मी तोलिया देते हुए और मेरे लंड को देखती रह गयी और चली गयी.. तो मैंने भाभी जी को फोन पर सब कुछ बताया.. फिर उसने मुझे दूसरा प्लान बताया और वो कहने लगी अपनी चैन में अपना लंड फंसाना पढ़ेगा और फिर चिल्लाना पढ़ेगा.. तो मैंने कहा कि भाभी जी में मम्मी के लिए कुछ भी करूंगा और मैंने ऐसा ही किया और हल्का सा पेंट की चैन में लंड फंसाकर चिल्लाया तो मम्मी मेरी आवाज सुनकर आ गई और बहुत डर गयी.. फिर मेरे लंड की तरफ देखने लगी और हाथ लगाते हुए डरने लगी और एकदम से लंड पकड़कर चैन पर तेल डाला और लंड पेंट की चैन से निकल गया और मेरा लंड एकदम से मम्मी के मुहं की तरफ खड़ा हो गया.. तो मम्मी उसके सुपाड़े की खाल उतारकर देखने लगी और कहने लगी कि अंडरवियर क्यों नहीं पहनते हो?आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तो मैंने कहा कि मम्मी तुम भी तो नहीं पहनती हो.. तो वो कहने लगी कि हमारी बात कुछ और है.. तो मैंने कहा कि क्या बात है? वो कहने लगी कि हमारा इतना मोटा केले जैसा नहीं होता है तो मैंने कहा कि मम्मी फिर कैसा होता है? मम्मी ने कहा कि बस थोड़ा छोटा सा छेद होता है.. तो मैंने कहा कि मम्मी आप भी आपका वो दिखाओ ना कैसा होता है? तो मम्मी ने मेरे लंड हाथ से छोड़ दिया और फिर मैंने मम्मी से कहा कि आपने भी मेरा देखा है ना.. आप भी दिखा दो ना.. फिर मम्मी ने कहा कि नहीं में नहीं दिखा सकती हूँ और फिर मैंने कहा कि मम्मी प्लीज आपको मेरी कसम.. तो मम्मी ने कहा कि इसमे कसम देने की क्या ज़रूरत थी? तो मैंने कहा कि मम्मी क्या आप मेरी कसम तोड़ोगी? तो मम्मी ने अपनी साड़ी को ऊपर करके मुझे दिखाने लगी.. उनकी बूर पर हल्के हल्के बाल थे और में नीचे बैठकर बड़े ध्यान से देखने लगा और मैंने कहा कि मम्मी साड़ी को ऊपर करके पकड़े रहो और दोनों पैर खोलकर दिखाओ ना और मम्मी ने अपने दोनों पैर खोल दिए और मुझे अपनी बूर दिखाने लगी..

तो मैंने एकदम से मम्मी की बूर के दाने को मुहं से कसकर चूसा और मम्मी चिल्लाई उफफफफ्फ़ आईई क्या कर रहा है.. छीईई.. मुहं हटा वहाँ से वो गंदी चीज़ है बेटा.. तो में कहने लगा कि नहीं मम्मी मुझे अच्छी लगती है और मम्मी उफफफ्फ़ अहह कर रही थी.. फिर मुझे जोश चड़ने लगा तो में और बूर पर मुहं से झटके लगाने लगा मम्मी उफफफफफ्फ़ अहह और मेरा सर बूर में दबाने लगी.. फिर मम्मी ने कहा कि चल बस हो गया अब छोड़ दे.. तो मैंने कहा कि अभी तो इसकी प्यास बुझाऊंगा मम्मी यह सुनते ही बोली कि तू समझदार है और सब जनता है.. फिर भी मुझे तड़पा रहा है.. इतना प्यारा लंड है तेरा.. कितना मज़ा देगा यह आह उफ़फफफफ और फिर शरमाने लगी और वो पूरे जोश में थी.. फिर कहने लगी कि बेटा मेरी साड़ी खोल दो ना.. तो मैंने मम्मी की साड़ी खोली और मम्मी का ब्लाउज, ब्रा और अब मम्मी के विशाल चूचियों मेरे मुहं में थे और मम्मी ने सिसकियाँ भरना शुरू कर दिया और दूसरा चूचियों मेरे मुहं में डाल दिया.. तो मैंने मम्मी का नाड़ा खोल दिया और मम्मी का पेटिकोट खुल गया और नीचे गिर गया.. मम्मी पूरी नंगी थी.. अब मम्मी क्या लग रही थी.. सर पर बिंदी चूचियों पर लटकता मंगलसूत्र और हाथों में चूड़ियां और पेरों में पायल और बिल्कुल नंगी.. दोस्तों आज मेरा सपना सच होने जा रहा था.. आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने कहा कि मम्मी में आपकी चुदाई के पहले बूर में सिंदूर भरूँगा.. तुम्हे पहले अपना बनाऊँगा फिर चोदूंगा.. तो मम्मी कहने लगी कि तुझे जो करना है कर.. लेकिन मेरी प्यास बुझा दे.. में बहुत बहुत दिनों से भूखी हूँ.. तेरे पापा भी यहाँ पर नहीं रहते है.. फिर मैंने सिंदूर का लाल तिलक झांटो के ऊपर लगा दिया और मम्मी की बूर के होंठो पर लिस्टिक लगाई और फिर उसे किस करने लगा मम्मी उफफफफफ्फ़ कितना अच्छा बेटा है तू.. थोड़ा लंड पर शहद लगा ले.. में भी तेरा लोलीपोप चूसूंगी.. तो मम्मी और में 69 पोज़िशन में एक दूसरे के लिंग और योनि को चूसने लगे उफफफफ्फ़ हफफफ्फ़ बेटा बहुत मज़ा आ रहा है.. तुम्हारे लंड से शादी करके अच्छा लग रहा है और में मम्मी के ऊपर ही लेट गया तो मैंने मम्मी की बूर पर मेरा लंड लगाया.. वो एकदम चिल्ला गई.. लेकिन बूर गीली होने के कारण मम्मी ज्यादा ज़ोर से नहीं चिल्लाई और कहने लगी कि उफफफ्फ़ कितना मोटा है.. मेरी बूर को इसे लेने के लिए पूरा मुहं खोलना पढ़ रहा है.. फिर मैंने धक्के और तेज़ कर दिए और मम्मी ने भी बूरड़ को उछालना शुरू कर दिया..आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो कहने लगी कि उफ़फ्फ़ अह्ह्ह बेटा और तेज़ करो.. मम्मी को चोद और चोद उउफफफफ्फ़.. बुझा दे इसकी प्यास.. तो में मम्मी के दोनों पैर अपने हाथ से पकड़कर चोदने लगा और चूमने चाटने लगा.. तो मम्मी कहने लगी कि तू मुझसे कितना प्यार करता है? तो मैंने मम्मी को अपनी गोद में ले लिया और हम एक दूसरे से चिपक कर चूमने लगे.. मम्मी उफफफफफ्फ़ आअहह बेटा बहुत मज़ा आ रहा और मम्मी ने कहा कि तू थक गया होगा और मम्मी मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड पर बैठ गयी और उचकने लगी और फिर लंड पर बूरड़ को गोल गोल घुमाने लगी.. मम्मी उफफफ्फ़ आह बेटा में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और मम्मी कहने लगी कि में झड़ने वाली हूँ और फिर मैंने मम्मी को गोद में ले लिया और मम्मी को लेकर खड़ा होकर चोदने लगा.. मम्मी की बूर और बूरड़ को खड़े खड़े उछाल रहा था और मम्मी मेरे गले में हाथ डालकर किस कर रही थी और मेरे निप्पल चूस रही थी.. फिर स्मूच करते ही मम्मी झड़ गयी और फिर मैंने भी झड़ गया और फिर में और मम्मी नंगे ही सो गये.. फिर मम्मी और मैंने खाना खाया और हम दोनों पूरे दिन नंगे रहे और हमने 6 बार और चुदाई की और फिर हम सो गये माँ को चोदा भाभी की मदद से खूब चुदाई की अपने माँ की,कैसी लगी भाभी की मदद से माँ की चुदाई कहानियों , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर तुम मेरी भाभी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/SeemaBhabhi

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