Home » , , , » लण्ड की प्यासी एक विधवा औरत की सेक्स कहानी

लण्ड की प्यासी एक विधवा औरत की सेक्स कहानी

ये चुदाई कहानी एक विधवा औरत के साथ चुदाई की हैं. आज मैं आपको बाटूंगा कैसे विधवा औरत को चोदा होटल में, कैसे विधवा औरत को घोड़ी बना के चोदा, कैसे 8 इंच का लण्ड से विधवा औरत की चूत मारी,
केसे मैने विधवा औरत की बड़ी गांड मारी.आंटी की पहली चुदाई के बाद मैने उनके साथ कई बार सेक्स किया और अलग अलग पोज़िशन मे उनको चोदा ये बात तब की हे जब मेरे घर पर कोई नही था मे अकेला ही था तो मे टीवी पर पोर्न मूवी देख रहा था वो मोविए अनल सेक्स की थी मुझे भी जोश आ गया और मे अपने लंड को बाहर निकल कर उसको सहलाने लगा और मूठ मरने लगा बड़ा मज़ा आ रहा था तभी मेरे दिमाग़ मे आंटी की गांड मरने का आइडिया आया तो मैने तुरंत आंटी को कॉल किया और अपने घर आने को कहा तब आंटी मार्केट गई हुई थी तो एक घंटे के बाद आने को बोला उस वक़्त उनको ये नही था की मे उनकी गांड चोदने के लिए उन्हे बुला रहा हू खैर कुछ देर बाद आंटी मार्केट से सीधे मेरे घर आ गई उन्होने मुझे बताया की वो अंडरगार्मेंट्स लेने मार्केट गई थी.

उस वक़्त टीवी पर एक गन्दी मूवी देख ही था तो आंटी भी सोफे पर मेरे से चिपक कर बैठ गई और अनल सेक्स देखने लगी. आंटी ने मुझ से पूछा दीपक ऐसे करने मे ज़यादा मज़ा आता हे क्या तो मे बोला नही आंटी मैने कभी किया नही इसलिए मुझे नही पता अगर आप को जानना हे तो चलो अभी ये भी ट्राइ कर लेते हे तो आंटी बोली नही नही मेरी गांड का छेद बहुत छोटा हे और ये तेरा लंड नही सह सकती टीबी मैने आंटी को थोड़ा फाॅर्स किया और समझाया तब जाकर आंटी गांड फदवाने के लिए राज़ी हो गई.तब मैने आंटी को कस कर पकड़ लिया और किस करने लगा आंटी भी मेरा साथ देने लगी कुछ देर हम ऐसे ही किस करते रहे और एक दूसरे की ज़बान को चूसने लगे दोस्तो इतना मज़ा आ रहा था की मे बयान नही कर सकता अगर आप भी ट्राइ करोगे तो टा चल जाएगा आप को फिर हम ने धीरे धीरे एक दूजे के सारे कपड़े खोल दिए कुछ ही देर मे हम दोनो नंगे हो गये मे आंटी की गांड पकड़ के सहला रहा था और आंटी मेरे लंड को पकड़ कर आगे पीछे कर रही थी और किस करते हुए हम दोनो बेडरूम मे चले गये और आंटी को बिस्तर पर पटक दिया और अपना लंड उनके मूह मे देकर खुद उनकी चूत की तरफ मूह कर उन पर चढ़ गया टीबी हम 69 पोज़िशन मे थे.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। आंटी मेरे लंड को पूरा का पूरा निगल रही थी जो गले तक जा रहा था और इधर मे आंटी की चूत को ज़बान से चोद रहा था जिस से हम दोनो को ऐसा लग रहा था जैसे हम जन्नत मे पहुच गये हो और आस पास का हमें कुछ भी पता नही था और हम आनंद के सागर मे गोते लगाने लगे.अब आंटी की चूत पानी चोदने लगी थी जिसे मे मज़े से चाट रहा था और उधर मेरा भी होने वाला था तो आंटी ने मूह मे झाड़ने को बोला मे अपने लंड को आंटी के मूह मे और जौर से दबाने लगा कुछ देर बाद मेरा भी पानी निकल गया और आंटी उसे पी गई. हम दोनो को थोड़ी थकान लग रही थी तो मे किचन मे गया और संतरे का जूस लेकर आया और हम ने पिया कुछ देर आराम करने के बाद आंटी फिर से मेरे लंड से खेलने लगी और वो भी धीरे धीरे खड़ा होने लगा.

अब मे भी आंटी की चूत को सहलाने लगा और अपनी एक उंगली चूत मे डाल दी जिस से आंटी की आह निकल गई उनकी चूत अभी भी गीली थी तो मेरी उंगली भी पूरी तरहा से चिकनी हो गई अब मैने उंगली को चूत से निकाला और उनकी गांड के छेद मे घुसा दिया जिस से आंटी कराह उठी अब मे उंगली को अंदर बाहर करने लगा और एक बार फिर एक ही झटके से पूरी उंगली उनकी गांड मे घुसा दी और आंटी चीख पड़ी अब मे आंटी के उपर चढ़ गया और किस करने लगा साथ ही अपनी उंगली से आंटी की गांड को चोदने लगा आंटी को मज़ा आने लगा और वो आआहह आअहह उऊहह करने लगी मुझे भी उनकी गांड मेडिया उंगली करना अच्छा लग रहा था अब आंटी का भी मन कर रहा था की मे लंड उनकी गांड मे डाल डू पर मे उनको और तड़पाना चाहता था इसलिए मे उठा और किचन से आइस के कुछ टुकड़े ले आया और उनको रग़ाद कर थोड़ा गोल कर अब मैने आंटी को सीधा लेटने को कहा और वो लेट गई.मैने कुछ आइस के टुकड़े उनकी नाभि पर रखे और उनके पेट पर मलने लगा जो आंटी को थोड़ा अजीब सा लगा पर मज़ा भी बहोत आ रहा था उनको इसीलिए वो आहे भर रही थी अब मैने एक टुकड़ा उठाया और धीरे से उनकी गांड मे घुसा दिया जिस से आंटी तिलमिला उठी और मैने अपनी उंगली से उसको और अंदर तक दबा दिया आंटी हहुउ आअहह सस्स ऊहह यार बड़ा मज़ा आ रहा हे आअहह मुउउहह उउउइमा मे मर जाउंगी अब जल्दी से लंड को घुसा गांड मे.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मे भी अब उतावला हो रहा था उनकी गांड फाड़ने के लिए मे खड़ा हुआ और आंटी की दोनो टॅंगो को ज़यादा से ज़यादा फैला दिया जिस से उनकी चूत और गांड दोनोसाफ नज़र आ रहे थे अब मैने 3 तकिये आंटी की गांड के नीचे लगा दिए उनकी गांड का छेद अब मेरे लंड के बराबर मे आ गया था मैने देर ना करते हुए अपने लंड को सेट किया और ज़ौर से एक झटका लगाया पर लंड फिसल कर उनकी चूत मे घुस गया मैने एक बार फिर ट्राइ किया इस बार लंड को गांड पर रख कर थोड़ा दबाया जिस से लंड का सुपरा गांड मे घुस गया पर आंटी चीखी और उछल पड़ी जिस से लंड वापस बाहर आ गया.

आंटी को ज़यादा दर्द हुआ तो अब वो गांड मरवाने के लिए ना बोलने लगी फिर मैने उनको किस करते हुए फिर से मनाया अब मे वॅसलीन की डिब्बी लाया और आंटी को घोड़ी बनाने को कहा आंटी घोड़ी बन गई और मे वॅसलीन अपने हाथ पर निकल कर उनकी गांड के छेद पर लगाने लगा और एक उंगली से उनकी गांड के अंदर भी वॅसलीन डाल दिया उनकी गांड चिकनी हो गई थी जिस से उंगली अब आराम से अंदर बाहर हो रही थी फिर मैने थोड़ा वॅसलीन अपने लंड पर भी माल दिया.अब मे फिर से गांड मरने के लिए उठा और लंड को गांड के छेद पर टीकाया आंटी अब भी घोड़ी बनी हुई थी और मैने इस बार ज़ौर से झटका लगाया जिस से मेरा आधा लंड आंटी की गांड मे घुस गया था आंटी चीखी और लंड बाहर निकालने की कोशिश करने लगी लेकिन वो लंड बाहर निकले इस से पहले मैने उनकी गांड को कस कर पकड़ाफिर एक ज़ौरडार झटका लगाया और अब पूरा का पूरा लंड आंटी की गांड मे फस गया था मुझे भी थोड़ा दर्द हुआ पर गांड चुदाई का मज़ा लेने के लिए मैने दर्द की परवाह नही की मे कुछ देर ऐसे ही रुका और आंटी का दर्द जब कम हुआ तो वो गांड हिलने लगी मे भी समझ गया और पलंगतोड़ चुदाई शुरू कर दी आंटी आअहह आअहह उउउहह फाड़ दे मेरी गांड को भी आज तो अभी तक कुँवारी थी आज इसकी भी प्यास बुझा दे आअहह उऊहह ससस्स और ज़ौर से चोद मेरे दीपक आआहह हं मज़ा आ रहा हे स्पीस और तेज कर आअहहा और ऐसे ही चिल्लाते हुए आंटी झाड़ गई पर मे अब तक लगा हुआ ही था कुछ देर बाद आंटी भी फिर से गरम हो गई और हम ने पोज़िशन चेंज की.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मे बिस्तर पर बैठ गया और अपने पेर लंबे कर दिए अब आंटी को मेरे लंड पर बैठाया और लंड उनकी गांड मे दे दिया और आंटी ने पैरों को मेरी कमर मे लपेट लिया अब आंटी धीरे धीरे उपर नीचे होने लगी और मे भी नीचे से अपनी गांड उठा कर उनको झटके लगा रहा था और मज़ा भी बहुत आ रहा था हम ने इस पोज़िशन मे 20 मिनट तक गांड चुदाई की अब आंटी से रहा नही जा रहा था तो अब हम नौरमल पोज़िशन मे आ गये और चुदाई करने लगे अब मेरा भी होने वाला था तो मैने भी अपनी स्पीड बड़ा दी और कुछ देर बाद मे आंटी की गांड मे ही झाड़ गया. शाम का टाइम हो गया था और अब आंटी को जाना था तो आंटी फ्रेश होकर अपने कपड़े पहन कर जाने लगी तो मैने उनको कस कर पकड़ा और किस किया फिर आंटी चली गई.कैसी लगी विधवा औरत की सेक्स कहानियों , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर तुम विधवा औरत के साथ सेक्स करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/NidhiVerma

1 comments:

Bookmark Us

Delicious Digg Facebook Favorites More Stumbleupon Twitter