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दिन दहाड़े पड़ोसी लड़की मोनिका की जबर्दश्त चुदाई

आज की चुदाई कहानी पड़ोसी हॉट लड़की की चुदाई की हैं । पड़ोसी लड़की को चोदा , दिन दहाड़े पड़ोसी लड़की को नंगा करके चोदा, मेनका 5 फुट की थी, उसके बाल खूब लम्बे थे। पर वो काली बहुत थी। इस तरह कई बार मेरा मन उससे हट जाता था। उनका बदन खूब गढ़ीला था। मेनका खूब मोटी तगड़ी थी। उनके शरीर में मास खूब था। उनकी चूत बड़ी भरी हुई और गद्देदार होगी। मैं अंदाजा लगाया।एक दिन वो मेरे कमरे पर थी। उन दिन कजरी तीज की छुट्टी हुई थी। मन तो कर रहा था की अगर आज ही मेनका अपनी काली चूत दे दे तो छुट्टी का मजा आ जाए। मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और इशारा करता हुआ बोला आज तो पार्टी होनी चाहिए।वो जान गयी की मैं उससे उसकी चूत मांग रहा था, मैं उसे चोदना चाहता था। इस पर काली कलूटी मेनका से एक लम्बी कहानी सुनाई।

उनकी कोई सहेली थी शशि। किसी लड़के से बेपनाह प्यार करती थी। वो लड़का भी उसको प्यार करता था। दोनों घूमने फिरने जाते थे। फिर धीरे 2 दूरियां नजदीकियों में बदल गयी। वो लड़का शशि से उनका जिस्म मांगने लगा। जब शशि ने मना किया तक वो बोला की अगर शशि उनको चूत नही देगी, तो वो उसे छोड़ देगा और किसी लड़की को अपनी गिर्लफ्रेंड बना लेगा।शशि कुछ् समज नही पा रही थी। वो भी अपने बॉयफ्रेंड को प्यार करने लगी थी। पर शशि चाहती थी को उससे शादी करले जब उसे चूत दे। शशि की 2 बड़ी बहने और थी। इसलिए शशि का नम्बर दूर था। कई दिन बीत गए। उसके बॉयफ्रेंड से फिर से शशि से चूत मांगी। थक हारकर शशि ने अपनी चूत दे दी।अब उसका बॉयफ्रेंड उसे हर दूसरे दिन चोदने लगा। जब चुदाई होती तो पलंगतोड़ होती। धीरे 2 शशि को भी मजा आने लगा। दोनों जब मिलते तो कभी होटल में जाकर चुदाई समारोह करते, कभी शशि उसे अपने हॉस्टल वाले कमरे में ले जाकर ठोकता। इस तरह दोनों की चुदाई सुरु हुई तो 8 सालों तक चली। शशि के बॉयफ्रेंड ने उसे 8 सालों तक जमकर चोदा। उसकी चूत ढीली कर दी। उनकी मशीन बिलकुल ढीली कर दी उसे चोद चोद कर।आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। इस दौरान शशि की बड़ी बहनों की शादी हो गयी। अब शशि का नंबर आया। शशि ने आपने घर में बताया की वो एक लकड़े से प्यार करती है। और उससे ही शादी करना चाहती है। तो उसके घरवाले तैयार हो गए। जब शशि ने अपने बॉयफ्रेंड से शादी के लिए कहा तो वो पूछने लगा की कितना दहेज़ मिलेगा। इस पर शशि के तोते उड़ गए।वो गरीब घर से थी। जादा अमीर नही थी। उसने बताया की बस घर का सामान मिलेगा। इस पर शशि के बॉयफ्रेंड बोला की वो वहां शादी करेगा जहाँ उसे 20 लाख मिलेगा। शशि को तो हार्टफेल होने लगा। क्योंकि ये गाण्ड उसेू 8 सालों से चोद रहा था। इतनी चुदाई की कीमत ही 20 लाख हो गयी थी।

दोनों में जमकर झगड़ा हो गया। शशि का दिल टूटू गया। उसका उसके बोयफ़्रेंड से बोल चाल बन्द हो गयी। कुछ समय बाद पता चला की उनके बॉयफ्रेंड से एक पैसेवाले मंत्री की बेटी से शादी कर ली है। शशि डिप्रेशन में आ गयी और उसने टॉयलेट में राखी फिनायल पी ली। जहर पिने के बाद उसे खून की उल्टियाँ होने लगी।
उसके घर वालों ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 30 दिनों तक वो icu में भर्ती रही। फिर ठीक हो गयी। उसने अपने घरवालों को बताया की उनस बॉयफ्रेंड उसे 8 सालों से बाजे की तरह बजा रहा था। किसी तरह शशि की दूसरी शादी कर दी गयी।ये लम्बी कहानी जब मेनका से सुनाई तो मुझसे वैसे ही नींद आने लगी। कहाँ मैं सोच रहा था की आज छुट्टी में किसी बुर के दर्शन हो जाए, तो कहना ही क्या। पर इस काली कलूटी लड़की ने अपनी बोरिंग कहानी सुनाके मुझसे बोर कर दिया।लड़के लड़कियों को जब 1 2 बार कस के चोद लेते है तो उनका प्यार कम हो जाता है। इसलिए किसी लड़के को चूत शादी के बाद ही देनी चाहिए मेनका से मुझसे कहा।आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। देख मेनका ,मैं पण्डित हूँ और तू गुप्ता। मेरे घर वाले तो तुजसे शादी को तैयार ना होंगे। दूसरे मैं तेरी जैसी काली कलूटी से शादी नही करूँगा। इसलिए अगर तुझे लंड खाने का मन हो तो बता देना। मैं खाओ खुजाओ…बत्ती बुझाओ वाला आदमी हूँ मैंने उस मेनका की बच्ची से कहा।वो जान गयी की मैं बहुत बड़ा चोदूँ हूँ। वो जान गयी की मैं शादी वादी में विश्वास नही करता। सिर्फ फ़ुद्दी मारने में मैं अटूट विस्वास करता हूँ। काली कलूटी मेनका जान गयी की मैं बस चूत मारने में ही विस्वास रखता हूँ। उसे बुरा लग गया। कई दिनों तक हमारी बात नही हुई। मेनका जान गयी की मैं प्यार व्यार में कम चूत मारने में जादा विश्वास रखता हूँ।धीरे 2 हमारी बात फिरसे सुरु हो गयी। मैं उसे सुबह शाम गुडमोर्निंग, गुड इवनिंग बोल देता था। मेनका के मम्में 34 36 साइज़ के होंगे। उसका जिस्म भरा हुआ था। एक मस्त लौंडियाँ मेरे सामने थी। पर उसकी चूत नही मिल पा रही थी। मैं हाथ मल रहा था। मैं 29 साल का था वही मेनका 27 साल की थी।

मैं सोचता था ये भी 27 की है। क्या इसे चुदास नही चढ़ती होगी। मेरा सोचना बिलकुल सही था। एक दिन मैं मेनका से चीनी मांगने गया तो देखा उसका दरवाजा थोडा खुला था। वो नंगी थी। और अपनी चूत में प्लास्टिक का पेन पेल रही थी। मन हुआ की उसके कमरे में घुस जाऊ और कसके उसकी चुदास शांत कर दूँ। पर मैंने खुद को कण्ट्रोल कर लिया।मैं एक कागज पर लिखा अगर खुलके चुदवाना चाहो तो रात 9 बजे कुण्डी खोल दे रखना। मैंने कागज पर लिखा और दरवाजे के निचे से सरका दिया। मैं बिना चीनी लिए ही वापिस आ गया। मैं 9 बजे का बेसब्री से इंतजार करने लगा। मुझसे समझ् नही आ रहा था की ये काली कलूटी लड़की मुझसे चूत देगी की नही। क्योंकि ये दूसरे टाइप की लड़की थी जो शादी के बाद चूत मारने में विस्वास रखती थी।बिना किसी उमीद के भरी मन से मैं ऊपर वाली मंजिल पर गया। मैंने मेनका के 9 नंबर कमरे को हल्का सा धक्का दिया तो दरवाजा खुला था। मुझसे यकीन नही हो रहा था। इसका मतलब की ये काली कलूटी लकड़ी भी लण्ड का मजा लेना चाहती है। मैं दरवाजे से अंदर घुस गया। और कुण्डी बन्द कर ली।आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेनका से गुलाबी कलर का नाईट गाउन सिल्क वाला पहन रखा था। वो काली कलूटी होते हुए भी गजब का सामान लग रही थी। उसके स्तन खूब 2 उनके गुलाबी गाउन में अंदर से झाख रहे थे। उनसे अपने लम्बे रेशमी बालों को खोल रखा था।अरे वाह मेनका, तुम्हारा इरादा कैसे बदल गया ?? तुम तो शादी के बाद चुदास में यकीन रखती थी?? मैंने पूछा
मेनका शर्मा गयी और हस दी।
मैं जान गया की ये देगी।
मैंने बात करने के बजाए चुदाई पर फोकस करने लगा। फ्री में अगर एक नयी चूत मिले तो क्या हर्ज है। मैंने मेनका को नाईट गाउन के ऊपर से पकड़ लिया। और चुम्मा चाटी करने लगा। मैंने सीधे उनके ओंठों पर हमला कर दिया। मेनका के ओंठ बड़े मोटे 2 काले 2 थे। पर फ्री के नए ओंठ थे। मैं उसके ओंठों को कसके चूसने लगा।
वो गर्म होने लगा। उसने अपने आँखें बन्द कर रखी थी। क्योंकि वो पहली बार किसी लड़के के ओंठ चूस रही थी। जबकि मैं इससे सैकडों लड़कियों के ओंठ चूस चूका था। मेनका अब खोपचे में आ चुकी थी। अपनी सहेली शशि की तरह वो भी चुदाई का भरपूर मजा लेने वाली थी। वो अब एक प्रैक्टिकल लड़की की तरह पेस आ रही थी। वो जवानी का भरपूर मजा लेना चाहती थी।

मेरे हाथ उनके स्तनों पर सरकने लगे। दोस्तो खूब बड़े 2 स्तन थे उसके। नाईटी में काली कलूटी लड़की भी झकास मॉल लगती है, मैंने पहली बार जाना। मेनका के मोटे 2 ओंठ चूसने के बाद मैं धीरे 2 उसके स्तन दबाने लगा। वो गर्म होने लगी। धीरे 2 मेरे हाथों उसकी मोटी 2 झांगों पर दौड़ने लगे। मैंने धीरे 2 अपने काम की जगह तलाशने लगा।वो चुदना तो चाहती थी। मैं अच्छी तरह जानता था। पर मैं ये भी दिखाना चाहता था की मैं भी उसे प्यार करता हूँ। ऐसा करने पर ही वो मुझसे बार बार चूत देगी। मैं जानता था।मेनका ई लव यू! तुम बहुत खूबसूरत हो!! झूठमूठ मैंने उसकी तारीफ कर दी।वो मेरे झांसे में आराम से आ गयी।मेनका कोई 80 किलो भरी होगी। बड़ी 2 मोटी 2 भरी टांगें जिनमे गोश ही गोश था। मैं 60 65 किलो होगा। मैं जानता था इसकी चूत बड़ी मस्त मालदार होगी। जवानी के जोश में हम दोनों पागल हो गए। मेरा हाथ उनकी चिकनी सिल्क चड्डी में सरकने लगा। मैं उसकी बुर ढूंढने लगा। उसकी बुर की बिच की धारी को मैंने अपनी उँगलियों से महसूस किया। बेहद गर्म चूत!आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। ओंठ पिने का राउंड अब खत्म हो गया था। मैंने उनकी गुलाबी नाइटी को उतरने लगा। मेनका के स्तन इतने बड़े 2 थे की नाइटी फस गयी। मैंने झटका दिया तो नाइटी निकल गयी। 2 खूब बड़े 2 स्तन मेरे सामने थे। हलाकि थोड़े काले स्तन थे पर बेहद मुलायम और चिकने स्तन दे। मेनका के कच्चे दशहरी आमो को देखकर मैं बेकाबू हो गया। मैंने उन्हें तत्काल पिने लगा।दोस्तों मेरी किस्मत तो खुल चुकी थी। मैंने उसके स्तनों पर हमला कर दिया और उन्हें पिने लगा। मलाई जैसे गोले थे उनके। मैंने गले में भरके मेनका के स्तन पिने लगा। वो गर्म होने लगी। इतना ही नहीं उसकी चूत भी तर होने लगी। मेनका गरम गरम आहे छोड़ने लगी। उसके स्तनों के घेरे बड़े 2 थे। इस variety के स्तन देखकर मुझसे नशा सा हो जाता है।

धीरे 2 हम दोनों चुदाई के जोरदार सेसन की ओर बढ़ रहे थे। मैं और कसके उनके बड़े 2 औरतों जैसे स्तन चूसने लगा। वो गर्म होने लगी। मैंने उसके घने बालों को पीछे कर दिया। बार 2 मेरे मुँह में आ रहे थे। मेनका के स्तन को कोई पहली बार कोई पी रहा था तो मैं ही था। आजतक उसे किसी ने हाथ नही लगाया था।उसके स्तनों को मैंने जी भरकर पिया और खूब दबाया। उसे भी बराबर मजा आया। मैंने उसे खीचकर बिस्तर पर लेटा दिया। मैंने उसकी पैंटी से मैच करती गुलाबी सिल्क पैन्टी भी उतार दी। बड़ी की बदसूरत चूत थी। बड़ी काली थी जैसे कोयले की खान हो। पर फिर वही बात याद आई। ना मामा होने से काला मामा भला।ना चूत मिलने से काली चूत ही भली। अब कोई लकड़ी ठोकने के लिये नही है तो इसे पे प्रैक्टिस करूँ। अपने चाकू में खुछ धार ही लगाओ। इसलिए यारों मैंने भले ही बेमन से ही सही, मेनका की काली चूत मारने का मन बना लिया। इस काली चूत को चाटने का तो मेरा एक परसेंट मन नही था।मेनका ने दर और उत्तेजना से अपनी आँखे बन्द कर ली। वो थोडा घबरा गयी।कुछ होगा तो नही?? डरकर काली कलूटी मेनका ने पूछाअरे मेनका डर मत!! चुदाई कोई रॉकेट साइंस नही होती है। कोई डरने की बात नही है। मैंने उसे समझाया।दूसरी तरह मेनका की गाड़ इसलिए भी फ़टी थी की कहीं वो लोड ना हो जाए। कहीं उसके बच्चा ना रुक जाए। इस बात को लेकर उनकी गांड फ़टी थी।
अरे मेनका, तेरी गाड़ तो फिजूल ही फटी है। तू एकदम फट्टू है! तेरी तरह अगर हर लड़की ये सोचने लग जाए तो कोई जवानी में चुदाई का मजा ले ही ना पाए मैंने कहा,आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं भी अपनी किस्मत को कोसने लगा की कौन सी पुराने ज़माने की लड़की पेलने के लिये मिली है। किसी तरह मैंने उनकी फिक्र दूर की। वो सामान्य हुई। उसने महीने से झांटे नही बनाई थी।ये क्या मेनका! तू कभी झांटे नही बनाती है?? मैंने पुछामुझसे यकीन नही था की तुम आओगे वो बोली।मैंने दोनों हाथों से उनकी बुर फैलाई। मगरमच्छ के मोटे चमड़े की तरह चूत थी। एक्स्ट्रा मास था चूत पर।मेनका तेरी चूत तो बड़ी मोटी है। कहीं मेरा लण्ड ही ना टूट जाए तेरी चूत मारने में। मैंने कहा।यारों, इतनी बदसूरत चूत मैंने आज तक नही देखी थी। पर अब तो इसको मारना ही होगा। मैंने दोनों हाथों की उँगलियों से उनकी काली सांड जैसी चमड़े वाली चूत हिलानी सुरु की। एकदम नई कुवारी चूत। ये काली है वरना इसकी चूत कुंवारी नही बचती। मैंने सोचा। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे हैमैंने मेनका की बुर की क्लोटोरिस को जल्दी 2 सहलाने लगा। उसकी बुर से vibration सुरु हो गया। मैंने उसकी बुर नही चाटी और उसकी क्लिटोरिस को मलते हुए ही उसे गरम करने लगा। बिच 2 में उसके स्तन भी दबाने लगा।

करीब 17 18 मिनट बाद मेनका की चूत ने अपना मक्खन छोड़ना सुरु कर दिया। मैं पकड़े उतारे। खुद नंगा हुआ। लगा जैसे मैं कोई श्राद्ध या धार्मिक कर्मकांड करने जा रहा था अपने पूर्वजो की आत्मा की शांति के लिए। कर्मकांड तो नही पर मैं कांड जरूर करने जा रहा था।अपने लण्ड को मैंने हाथ से मलकर खड़ा किया और सुपाड़े को मेनका की कोयले जैसी चूत पर रखा और धक्का पेल दिया। लण्ड उसकी मगरमच्छ जैसी मोटे चमड़े वाली चूत को फाड़कर अंदर घुस गया। सब तरह खून बिखर गया। मेनका थोडा चिल्ला दी।। मैं उसे चोदने लगा। बड़ी टाईट चूत थी दोस्तों।धीरे 2 मेरा लण्ड उनकी बुर की गहराई में गोटे लगाने लगा। वो लण्ड आराम से खाने लगी। मैं उसे पेलने लगा।देखा मेनका, चुदाई कोई बहुत बड़ा हौव्वा नही होता है। हिंदुस्तान की जादातर लड़कियों के साथ तो यही समस्या है की चुदाई को हौव्वा बना देती है। मैंने उससे कहा।दोस्तों फिर मैंने उसके 1 घण्टे तक जम कर चोदा। मैंने उसकी काली चूत से नजरे हटालि और उसके बड़े 2 गोल चिकने नरम स्तनों को सहलाने लगा। अच्छी तरह से मास्टरनी मेनका जी की चूत मरके मैंने पानी उसकी बुर में ही छोड़ दिया।आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। कुछ सेकंड बाद उनकी चूत से पानी वापिस आ गया।देखा पानी वापीस आ गया है। अब तू लोड नही होगी। मैंने कहाबाद में मैंने उसे unwanted 72 की गोली खिला दी। फिर हर सन्डे मैं उसे चोदने लगा। धीरे 2 वो चुदाई में खुल गयी और अपने कमरे में बुला बुलाके चुदवानी लगी।अगर कोई मेरी पड़ोसी लड़की की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/MonicaPatil


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