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भाई बहन की सेक्स - भाई ने चूत की गर्मी शांत की

ये भाई और बहन की सेक्स कहानी मेरा चचेरा भाई से चुदाई की हैं भाई से खूब चुदी ।आज मैं बताउंगी कैसे भाई से चुदवाई, भाई से चूत को चटवाई, भाई को दूध पिलाई, भाई ने मुझे नंगा करके चोदा,भाई ने मेरी चूत और गांड दोनों को मारा, मेरा नाम कविता है और मेरी उम्र 20 साल है. मेरा हॉट मस्त बदन की साईज 36-30-34 है और मैं अभी भी पढाई कर रही हु. मेरा चचेरा भाई मेरे बीच एक अच्छे दोस्त की तरह दोस्ती है.. हम दोनों बहूत ही हॉट हॉट बाते करते थे लेकिन अब वो मेरी बूर का बहुत बड़ा दीवाना बन गया है.. उसका नाम किशोर है और मुझसे एक साल बड़ा है. उसकी लम्बाई 5.९ इंच है और वो दिखने में एकदम ठीक लगता है और अब में सीधी अपनी आज की कहानी पर आती हूँ. मैं रोज रोज इस वेबसाइट की कहानियां पढ़ती हु..
एक भी ऐसी कहानी नहीं है जिसको मैंने नहीं पढ़ा है मुझे यहाँ कहानियां पढ़ने में बहूत ही हॉट लगता है मुझे कहानी लिखने का मन यही से हुआ है और आज वो आप सभी के सामने है. तो दोस्तों हुआ यह कि वो एक दिन मुझसे मिलने आया तो हम लोग एक दूसरे को नॉर्मली जब भी मौका मिलता बहुत अच्छे से मिलते और अपने मज़े मस्ती में व्यस्त रहते थे और उसी मज़े मस्ती करते समय एक दिन उसका हाथ मेरे चूचियों को छू गया मुझे उसके लौड़ा आकार बड़ा होता हुआ नजर आया और अब मेरी भी बूर धीरे धीरे गीली होती जाती थी. जो मेरे लिए सब कुछ पहली बार और एकदम नया नया सा था.. क्योंकि उसके पहले मेरे साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था कि मेरी बूर गीली हुई थी और ना ही मुझे इसका मतलब पता था.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसके हाथों से मेरे चूचियों को छूने पर मेरा यह हाल हुआ था.. लेकिन में फिर भी एकदम चुप रही और बाद में धीरे धीरे हम दोनों खुलकर रहने लगे.. लेकिन वो अब कुछ नहीं कर रहा था और ना ही में कर रही थी सिवाए थोड़ा बहुत इधर उधर छूने और किस करने के. फिर एक दिन उसने मुझे अचानक से कसकर पकड़ लिया और फिर किस करते करते मेरी पीठ को सहलाता और रगड़ता रहा. फिर हमने स्मूच किया और उसकी जीभ मेरे मुहं में थी और अब हम दोनों धीरे धीरे जोश में आ रहे थे और फिर उसने अपना अगला कदम बढ़ाया और वो मेरा टॉप खोलने लगा. तो में भी अब धीरे धीरे मदहोश हो रही थी और मैंने झट से हाथ अपने दोनों हाथों को ऊपर कर दिया और उसने मेरा टॉप निकालकर दूर फेंक दिया. फिर वो मेरे 36 साईज़ के बड़े बड़े चूचियों को घूरने लगा तो मैंने कहा साले हरामी कहीं का.. तू केवल घूरता ही रहेगा या दबाएगा या चूसेगा भी?

मेरी बात सुनकर वो बहुत जोश में आ गया और मेरे दोनों चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही पकड़कर दबाने लगा और अब वो मेरी जीभ को कसकर चूस रहा था. फिर कुछ देर ऐसा ही चलता रहा और उसने मुझे बेड पर लेटा दिया. फिर मेरी गर्दन पर किस करने लगा और फिर धीरे धीरे नीचे की तरफ किस करते करते आगे की तरफ बड़ने लगा और अब वो मेरे चूचियों को ब्रा के ऊपर से किस करने के बाद पेट पर किस कर रहा था और फिर उसने मेरी जींस को उतार दिया और अब में केवल ब्रा और पेंटी में लेटी हुई थी और उसने अपनी टी-शर्ट और पेंट को भी उतारकर फेंक दिया और उसने किस करना लगातार जारी रखा और पेट पर किस करने के बाद जब उसने मेरी बूर पर पेंटी के ऊपर से किस किया तो मेरे मन में ऐसी खलबली हुई कि जैसे में एकदम पागल हो जाउंगी. वो किस करते करते मेरे टॉप पर फिर मेरे पैरों को किस करते करते ऊपर बढ़ा.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर पेट को एकदम बीच में चूमते चाटते हुए चूचियों के पास आया और दोनों चूचियों का कुछ हिस्सा जो ब्रा के अंदर होने के बावजूद भी दिख रहा था.. उसे चूमता चाटता रहा और फिर मेरे ब्रा का हुक खोलकर उसने मेरी ब्रा को बाहर निकाल दिया और पागलों की तरह मेरे एक चूचियों को पकड़कर चूसने लगा. तो उसका वो चूचियों का चूमना.. चाटना और मेरे दूसरे चूचियों को दबाना मुझे बिल्कुल पागल कर रहा था और अब में जोश में आकर चुदाई के लिए और भी बेकरार होने लगी थी. तो उसने कहा कि मुझे ऐसा अहसास हो रहा है कि जैसे एक मम्मी आज अपने बेटे को दूध पिला रही है. तो मैंने झटसे उसकी बात का जवाब दिया और उससे कहा कि अब मम्मी मम्मी छोड़ो और अपनी जान का दूध पियो और यह सुनकर वो और भी जोश में आ गया.. वो अब और कस कसकर मेरे एक चूचियों को चूसने लगा और दूसरे चूचियों को दबाने लगा.. लेकिन कुछ ही देर में मेरे शरीर ने जवाब दे दिया और में झड़ गई.. लेकिन यह तो अब सिर्फ़ शुरुआत थी. वो बहुत देर तक मेरे दोनों चूचियों को चूसता और दबाता रहा और में गरम होने लगी. फिर उसने मेरी पेंटी को खोला और मेरी बूर को सहलाने.. रगड़ने लगा और फिर अपनी जीभ से मेरी बूर को चाटने.. चूसने लगा. तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने उसका सर पकड़ा और अपनी बूर पर दबा दिया.. वो अब मेरी बूर को चूस रहा था. फिर उसने कहा कि आज में अपनी डार्लिंग का पूरा रस पी जाऊंगा.

तो मैंने पूछा कि डार्लिंग का क्या मतलब? तो उसने कहा कि यह तुम्हारी बूर आज से मेरी डार्लिंग है और में इसे डार्लिंग कहकर बुलाऊंगा. तो वो मेरी बूर को चूसने के साथ साथ मेरे चूचियों को दबाता रहा था और कभी मेरी गांड को घिस रहा था. तो में बिना चुदवाए ही मदहोशी के शिखर पर थी और में अपनी बूर पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं रख सकी और में झड़ गई. फिर उसने मेरी बूर का सारा रस पी लिया और बूर को चाटना.. चूसना लगातार जारी रखा.. लेकिन अब मुझे उसका मेरी बूर चूसना फिर से आउट ऑफ कंट्रोल करने लगा और अब में अपने पैरों को पटकने लगी और में अपना खुद का चूचियों पकड़कर दबाने लगी और जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने कहा कि साले हरामी केवल तड़पाएगा या अब चुदाई भी करेगा? तो उसने मेरे दोनों पैरों को फैलाया और अपनी अंडरवियर को खोलकर अपने लौड़ा को मेरी बूर पर रगाड़ने लगा और उसने मुझसे कहा कि साली आज तो में तुझे ऐसे चोदूंगा जैसे कि तू मेरी पर्सनल रंडी है.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर वो अपने लौड़ा को मेरी बूर पर रगड़ने लगा और अब आखिरकार वो पल आ ही गया जब उसने अपना लौड़ा को मेरी बूर के छेद पर रखा.. मेरी कमर को पकड़ा और झटका दे दिया.. लेकिन वो भी साला मेरी तरह वर्जिन था वो भी बिना किसी अन्य चुदाई अनुभव के मेरी चुदाई करने लगा. तो मैंने कहा कि रूको और उसके सरिए जैसे लौड़ा को अपने मुहं में लेकर थोड़ी देर तक चूसा ताकि वो गीला हो जाए. फिर थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने कहा कि हाँ अब घुसाओ और उसने फिर से वैसा ही किया.. लेकिन इस बार पहले झटके में उसका लौड़ा मेरी बूर के थोड़ा अंदर चला गया और मेरे मुहं से आआहह आऐईईई भाईईईईईईई थोड़ा आराम से करो औऊह्ह्ह्ह और बस आधा ही लौड़ा अंदर गया था.. लेकिन में वर्जिन थी इसलिए बहुत दर्द हो रहा था और पता नहीं खून भी कितना निकाला.. लेकिन में उस दिन के पहले तक सच में वर्जिन थी और मुझे इस चुदाई में बहुत दर्द हो रहा था.. लेकिन में बिल्कुल चुप रही. मेरी आँखे दर्द के मारे नम हो गई थी. तो उसे शायद समझ में आ गया था कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है तो वो थोड़ा सा रुका और मेरे चूचियों को कसकर दबाने लगा और चूसने लगा.

फिर चूसने चाटने के बाद उसने एक और ज़ोर का झटका दिया और अपने लौड़ा को मेरी बूर की गहराईयों तक डाल दिया और उस दर्द के मारे मेरी जान निकल रही थी.. लेकिन अब मुझे चुदाई का मज़ा लेना था इसलिए में चुप रही और फिर थोड़ी देर तक वो मेरे चूचियों को दबाता रहा. मेरे ऊपर लेटकर मुझे किस करता रहा और अब उसने धीरे धीरे लौड़ा को अंदर बाहर करना शुरू किया और मुझे किस भी करता रहा और थोड़ी देर में मुझे भी मज़ा आने लगा. तो मैंने अपने पैर से उसकी कमर को जकड़ लिया. अब उसने अपनी स्पीड को बढ़ा लिया और मेरी बूर पर ताबड़तोड़ धक्के देने लगा. दोस्तों में क्या बताऊँ? वो इतना अच्छी तरह मुझे चोदेगा.. मुझे नहीं लगा था. वर्ना में कब से उससे चुदवा चुकी होती और आज उसने मेरी बूर की सील को तोड़कर मुझे एक पूरी औरत बना दिया था. आज में अपनी चुदाई में खोई हुई थी और वो मुझे ज़िंदगी के मज़े दिला रहा था और इधर उसका लौड़ा मेरी बूर में तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था और में भी अपनी गांड हिला हिलाकर उसका साथ दे रही थी. तो मेरे मुहं से सिसकियां निकल रही थी और में बोले जा रही थी कि हाँ भाई और कस कसकर हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे और तेज़ और तेज़. तो थोड़ी देर की चुदाई के बाद ही उसने कहा कि में झड़ने वाला हूँ.. लेकिन मेरी प्यास अभी भी बुझी नहीं थी तो में थोड़ी उदास हुई.. लेकिन मैंने कहा कि मेरे चूचियों पर अपनी क्रीम गिराओ. तो उसने अपना सारा क्रीम मेरे चूचियों पर गिराया और फिर मैंने उसके लौड़ा को अपने मुहं में ले लिया और चूसना शुरू किया.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तो देखते ही देखते उसका लौड़ा फिर से सरिए की तरह मेरी चुदाई के लिए खड़ा हो गया.. में भी झट से अच्छी चुदेल की तरह अपने दोनों पैर फैलाकर बेड पर लेट गई और कहा कि अब जब तू बोलेगा में ऐसे ही पैर फैलाकर तेरा बिस्तर गरम करूंगी और अब तू मुझे अपनी रखैल समझना और जब जी करे मुझे जमकर चोदनाज में हमेशा तुम्हे ऐसे ही मज़ा देती रहूंगी. तो मेरे पैर फैलाने के साथ ही उसने बिना वक़्त बर्बाद किए अपने लौड़ा को मेरी बूर पर रखा और इस बार पूरे जोश में कस कसकर चुदाई शुरू कर दी और कहा कि हाँ आज से तू मेरी रखेल है और में तुझे हमेशा चोदता रहूँगा और चोद चोदकर तेरी बूर को फाड़ दूँगा. तो मैंने कहा कि हाँ तो कर ना जो तुझे करना है. में आज तेरे साथ सब कुछ करने के लिए तैयार हूँ.. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था और वो भी पूरे जोश से मेरी चुदाई कर रहा था.. लेकिन हमारी ऐसी बातें हम दोनों को और भी जोश दिला रही थी. फिर मैंने उससे यह भी कहा कि तुम मुझसे वादा करो कि में जब भी तुमसे बोलूँगी.. तुम अपना लौड़ा मेरे लिए तैयार रखोगे.आप ये कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो थोड़ा मुस्कुराकर मुझसे बोला कि हाँ मेरी जान.. यह लौड़ा तुम्हारा ही तो है और अब तुम जब भी बोलोगी में तुम्हारी सेवा में हमेशा हाजिर रहूँगा. फिर बहुत देर तक वो मुझे चोदता रहा और वो अपने लौड़ा को मेरी बूर के अंदर बाहर अंदर बाहर करता रहा.. लेकिन में उस बीच दो बार झड़ चुकी थी और आखिरकार वो भी कुछ देर बाद मेरे साथ ही झड़ गया.. लेकिन इस बार वो मेरे अंदर ही झड़ गया. मैंने गुस्से में कहा कि क्या तू मुझे प्रेग्नेंट करेगा? उसने स्माइल देकर कहा कि गुस्सा क्यों करती हो जान कल एक गर्भनिरोधक गोली खा लेना.. प्रेग्नेंट नहीं होगी. फिर हम नंगे ही एक दूसरे को बाहों में लेकर सो गये. फिर एक बार मेरी आँख खुली तो मैंने भाई के लौड़ा को बहुत देर तक चूसकर खड़ा किया और उस दिन उसने मेरी तीन बार और चुदाई की एक बार मुझे पीछे से कुतिया पोज़िशन में चोदा और दूसरी बार उसने मुझे टेबल पर लेटाया और मेरी जमकर चुदाई की और एक बार मुझे बेड के साईड में लेटाकर मेरे पैर को उठाया और फिर से चोदा. तो दोस्तों इसके बाद में उसकी रांड बन गई जो उससे चुदवाने के लिए हर पल पैर फैलाने के लिए तैयार थी. दोस्तों यह मेरी पहली चुदाई थी और में इसे कभी भी भूल नहीं सकती और साथ ही साथ में इसके बाद अपने भाई के लौड़ा की दीवानी हो गई और अब उसके लौड़ा से चुदाई के बिना मेरी बूर की प्यास नहीं मिटती. बस आप लोग दुआ करें कि वो मुझे हमेशा चोदता रहे और मेरी रसीली बूर और मेरी जवानी का असर हमेशा उस पर रहे और वो हमेशा मेरी प्यास बुझाता रहे ,अगर कोई मेरी गरम चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो अब जोड़ना Facebook.com/KavitaSharma


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