पापा और मौसी की सेक्स कहानियां

हेलो दोस्तों, आज जो मौसी की सेक्स कहानियां बताने जा रहा हू वो मेरी मौसी की चुदाई की हैं । आज मैं बाटूंगा कैसे पापा ने मेरी मौसी को चोदा , कैसे पापा ने मेरी मौसी को नंगा करके चोदा, मौसी की बूब्स चूसा,कैसे मौसी की चूत चाटी, कैसे मौसी को घोड़ी बना के चोदा, कैसे 8 इंच का लण्ड से मौसी की चूत मारीमौसी की गांड मारी , कैसे मौसी की चूचियों को चूसा और खड़े खड़े मौसी को चोदा । कैसे मेरी मौसी की चूत फाड़ दी । एक दिन अचानक मेरी माँ बीमार हो गयी और उन्हे तुरंत हॉस्पिटल में भर्ति किया गया। फिर घर पर मेरे अलावा मेरे 2 छोटे भाई और एक बहिन भी थी.. जो स्कूल में पढ़ते थे। फिर जब माँ हॉस्पिटल में होती थी तो बच्चो का खाने बनाने की समस्या होती थी इसलिए मेरी माँ ने अपनी छोटी बहन यानि कि मेरी मौसी को फोन करके कुछ दिनों के लिए बुला लिया।

मौसी को लेने पापा खुद रेलवे स्टेशन गये। फिर मौसी के आने से घर का खाना हम सभी सदस्यों को फिर से नसीब होने लगा था और बच्चे भी बहुत खुश थे। मौसी अपने दो लड़को के साथ आई थी उनके पति सरकारी दफ़्तर में चपरासी है। फिर कुछ दिन बाद ऐसे ही मेरी माँ की तबीयत बिगड़ती गयी जिसके कारण उन्हें एक महीना और हॉस्पिटल में रहना पड़ा।तभी इन एक महीनों में मौसी हमारे साथ बहुत घुल मिल गयी। फिर वो कहीं पर भी जाती तो पापा के साथ उनकी बाईक पर उनके साथ बैठकर जाती.. जैसे कि वो उनकी पत्नी हो और ये बात मुझे बहुत ख़टकती थी। लेकिन में ज्यादा ध्यान नहीं देता था। फिर में कॉलेज को सुबह जाता था और शाम को वापस आता था और मेरे भाई बहन भी शाम को स्कूल से आते।फिर दिन भर मौसी और उनके दो बच्चे घर पर रहते और पापा सुबह ऑफीस चले जाते। मौसी दिखने में थोड़ी सांवली और थोड़ी मोटी थी। लेकिन उनके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे और बड़ी भारी गांड थी और शायद उनका साईंज 36–34-40 होगा और मौसी हमेशा साड़ी पहनती थी और उनका ब्लाउज हमेशा टाईट होता था जिसमे से मौसी की बड़े बड़े बूब्स निकल कर आते थे।आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मौसी हमेशा लाल कलर की लिपस्टिक लगाती थी और माथे पर बड़ा सा सिंदूर लेकिन मौसी का स्वभाव बहुत ही अच्छा था। वो पापा के साथ एक दोस्त वाला व्यवहार करती थी।

फिर पापा हमेशा किचन में जाकर मौसी का हाथ बांटते लेकिन ये बदलाव उनमे अचानक कैसे आया.. समझ में नहीं आया। वो कभी भी माँ को घर के किसी भी काम में मदद नहीं करते थे।फिर एक दिन में कॉलेज से जल्दी घर पर आ गया। तभी मैंने देखा कि पापा की बाईक सामने वाले पार्क में खड़ी थी और मौसी के दोनों बच्चे बाहर आँगन में खेल रहे थे। तभी में घर में अंदर गया फ्रेश हुआ लेकिन घर पर कोई भी नहीं था और फिर में पानी पीने किचन में जाता.. उससे पहले ही मुझे किचन में से कुछ खुसुर फुसुर आवाज़ आने लगी। फिर मैंने छुपके देखा और फिर जो कुछ मैंने उस वक्त देखा में उसे देखकर एकदम से दंग रह गया.. पापा किचन में मौसी की बाहों में थे और फिर वो दोनों एक दूसरे से लिपट कर चुंबन ले रहे थे।तभी मौसी की आवाज़ आ रही थी.. आज के लिये बस करो ना अब बच्चे आ जाएँगे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर पापा ने कहा कि मेरी जान आज तुम मुझे मत रोको। फिर यह कहकर पापा ने मौसी को करीब दबा लिया और फिर वो उनकी पीठ को और गांड को पीछे से मसलकर मसाज करने लगे और मौसी हल्की हल्की आवाज़ कर रही थी शह्ह्ह्ह आह्ह्ह। फिर मौसी अपने दोनों हाथ से पापा के बालों को सहलाने में लगी हुई थी। फिर पापा ने मौसी को उठाकर ऊपर बैठा दिया और उनकी साड़ी को ऊपर करके अपना एक हाथ अंदर डाल दिया और मौसी की चूत के अंदर ऊँगली डाल दी

मौसी के मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी.. शायद वो अब गरम हो चुकी थी। फिर पापा ने एक हाथ से उनके बूब्स भी दबाने शुरू किये और एक हाथ से चूत की चुदाई। तभी मौसी ने एकदम से उन्हें धक्का दिया और बोली जानू अब बस हो गया.. बाकी रात में करेंगे हर रोज की तरह। ये सुनकर में हैरान हो गया। फिर मुझे पता चल गया कि ये दोनों रोज रात में ऐसे ही हरकतें करते है।फिर में कुछ देर टीवी देखता रहा और फिर टीवी की आवाज़ सुनकर पापा बाहर आ गये और फिर बोले तुम कब आए? तभी मैंने कहा कि अभी अभी एक मिनट पहले। तभी पापा इतना सुनकर दूसरे रूम में चले गये लेकिन उनके चहरे से साफ साफ दिख रहा था कि वो मुझसे कुछ छुपा रहे है। फिर में सोचने लगा कि में अपने रूम में सोता था इसलिए मुझे पता नहीं चलता था कि क्या होता था। हमारा छोटा घर है। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। एक बेडरूम जहाँ पर में अपने भाई बहन के साथ सोता हूँ और एक हॉल में मौसी अपने दोनों बच्चो के साथ सोती थी और पापा बालकनी में सो जाते थे।तभी मैंने ठान लिया था कि आज की रात किसी ना किसी बहाने से इनका सारा कार्यक्रम मुझे देखना ही है। फिर में रात होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार करने लगा। फिर रात में सोने के वक़्त में अपने रूम में चला गया और मौसी हॉल में सोने के लिए गद्दे बिछा रही थी। मौसी अपने दोनों बच्चो के साथ सोती थी और उस दिन पापा ने बच्चो से कहा कि चलो बच्चो मेरे साथ बालकनी में सोते है आज में तुम्हे बहुत सी अच्छी अच्छी कहानियाँ सुनाउंगा।

फिर ये कहकर पापा ने दोनों बच्चो को बालकनी में सुला लिया जो कि कुछ ही देर में सो गये। फिर मुझे उनका पूरा प्लान पता चल गया था।फिर मौसी अकेले हॉल में थी वो भी यही चाहती थी की बच्चे जल्दी सो जाए तो उनका काम शुरू हो। फिर मैंने भी अपना पत्ता खोला और फिर हॉल में जाकर मौसी से बोला कि मौसी मेरे रूम में एक चूहा मरा है जिसकी बदबू आ रही है तो में आज सोफे पर सो जाता हूँ। तभी मौसी ने मुहं लटकाकर कहा कि ठीक है तुम चाहो जहाँ सो जाओ। फिर में सोफे पर सो गया अब मुझे लगा कि पापा नहीं आएँगे क्योंकि मेरे सामने ये कुछ नहीं करेंगे और फिर में ऐसे ही लेटा रहा। तभी कुछ देर बाद आधी रात में मैंने सोने का नाटक करते हुए थोड़ी आँख खोलकर देखा कि तभी पापा मौसी के पास आकर बोले.. उठो ना। तभी मौसी बोली अरे तुम.. आज नहीं देखो रितेश यहीं पर सोफे पर सोया है कुछ 5 मिनट की बहस के बाद पापा बोले देखो वो सो रहा है हम बिना आवाज़ करे सब कुछ करेंगे।तभी मौसी बोली कि अच्छा बाबा और ये कहकर मौसी और पापा ने पप्पी ले ली और फिर मौसी बोली ओह्ह तुम भी ना बदमाश हो बड़े। ये कहकर वो दोनों एक गद्दे पर सो गये और फिर दोनों एक दुसरे को सहलाने लगे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मौसी ने अपने बाल खुले छोड़ दिए और फिर पापा को बोली कि ओह जानू मेरे पास आओ ना। फिर पापा बनियान और लूँगी में थे और मौसी साड़ी में थी। तभी पापा बोले कि अरे रानी क्या ये साड़ी पहनी तुमने तुम्हारे पास मेक्सी या गाउन नहीं है क्या?

तभी मौसी बोली कि नहीं में लाना भूल गयी और दीदी की मेक्सी मुझे फिट नहीं होती। तभी पापा बोले कि कोई बात नहीं हम कल शॉपिंग पर चलते है तुम एक अच्छी से देखकर ले लेना।तभी मौसी बोली कि हाँ मुझे ब्रा और पेंटी भी लेनी है। फिर पापा बोले कि क्यों तुम्हारे पास नहीं है क्या? फिर मौसी बोली कि अरे बाबा तुमने मेरे बूब्स दबा दबा कर बड़े कर दिए है अब वो मेरे फिट नहीं हो रहे.. मुझे अब बड़ी साईज़ की ब्रा लेनी पड़ेगी और मेरी पेंटी भी फट गई है। तभी पापा बोले कि हाँ बाबा जो लेना है ले लेना। फिर में चुपचाप उन लोगों की बातें सुन रहा था फिर थोड़ी देर में दोनों एक दूसरे को किस करने लगे। फिर मौसी हर बार अपने दोनों पैरो से पापा के पैरो पर रगड़ती रही। फिर कुछ देर बाद मौसी ने अपने पैर से पापा की लूँगी को ऊपर किया और अपना एक हाथ लूँगी के अंदर डाल दिया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी पापा ने मौसी के होंठो पर एक चुम्मि दी मुआहह। फिर मौसी ने भी एक चुम्मि दी अहमम्मुहह। फिर मौसी अपनी जीभ पापा के होंठो पर फैरने लगी। तभी पापा ने तुरंत मौसी की जीभ को अपने मुहं में डाल लिया। फिर पापा ने लूँगी पूरी हटा दी अब पापा बनियान और अंडरवियर में थे। फिर मौसी बोली में नहीं कपड़े उतारूँगी मुझे बहुत शरम आती है। तभी पापा बोले कि मत शरमाओ मेरी जान.. ये कहकर पापा ने मौसी को फिर चूमना शुरू किया और फिर चूमते चूमते पापा ने मौसी के ब्लाउज का बटन खोल दिया और मौसी चूमने में व्यस्त थी।

फिर उनके पता चलने से पहले ही मौसी ब्रा में थी। तभी मौसी ने अपने ब्लाउज को निकालकर साईड में रख दिया। फिर मौसी ने भी बिना कहे अपनी साड़ी उतार दी। अब मौसी ब्रा और पेंटी में थी और पापा अंडरवियर में थे और फिर पापा उसके बूब्स दबा रहे थे। तभी मौसी की भी सांसे तेज होती जा रही थी। फिर पापा बूब्स दबा रहे थे लेकिन वो ब्रा पहने हुई थी। फिर पापा ने ब्रा और पेंटी को मौसी से आजाद कर दिया। फिर जैसे ही पापा ने ब्रा उतारी उनके गोर गोर 36 के बूब्स पापा के सामने आ गए। फिर पापा पागल से होने लगे और मौसी को नीचे दबाकर उसके बूब्स पर टूट पड़े। फिर एक हाथ से उनके सीधे बूब्स को और जोर से और फिर दूसरे बूब्स को अपने मुहं में लेकर चूस रहे थे और हल्के हल्के दबा रहे थे। फिर पापा के हर बार दबाने के साथ मौसी का जोश बढ़ता जा रहा था और फिर वो पापा के सर को पकड़कर अपने बूब्स में दबा रही थी। फिर पापा जोर से उनको चूसने और मसलने लगे।फिर मौसी को भी मजा आने लगा और मौसी के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी उम्म हहाहा मरी में थोड़ा धीरे चूसो प्लीज..। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। क्या मस्त चूचियाँ थी उनकी बहुत गोरी, सॉफ्ट और बहुत ही नाज़ुक पापा बेकाबू हो गये थे। फिर पापा ने मौसी की चूचियों को जी भरकर चूसा और फिर वो चूसते-चूसते एक हाथ को मौसी कीचूत पर ले गये और फिर ऊपर से ही मौसी की चूत को सहलाने लगे। फिर थोड़ा नीचे आकर पापा ने मौसी की चूत पर जीभ फैरने लगे तो मौसी पागल हो उठी।

फिर पापा धीरे-धीरे उनकी चूत को सहलाने लगे।सच में मौसी की चूत बहुत ही सेक्सी और कोमल थी। पापा तो बस मदहोश हो गये थे। फिर पापा धीरे धीरे उनकी चिकनी चूत को सहलाने लगे और उनकी चूत के दाने को उँगलियों से धीरे धीरे मसलने लगे। तभी मौसी की चूत बहुत गीली हो चुकी थी और मौसी अपने पैरो को सिकोड़ने लगी। तभी पापा समझ गये कि अब वो पूरी तरह से गरम हो चुकी है। फिर पापा ने जल्दी से उनकी पेंटी को खोलकर उसे उतार दिया और फिर चूत को चूमने लगे। तभी मौसी पापा के सर को जोर जोर से दबाने लगी और पापा भी जोश में आकर उनकी चूत को चूसने लगे। तभी पापा अपने आपे से बाहर हो रहे थे। फिर पापा ने अब मौका गंवाए बिना मौसी की चूत के पास मुहं लेकर गये और फिर चूत पर चूम लिया। तभी मौसी ने अपने दोनों पैर चौड़े कर दिये। फिर मौसी की चूत को देखकर साफ़ पता लग रहा था कि मौसी ने अपने बाल आज ही साफ़ किये थे मतलब आज वो इसके लिए तैयार थी। फिर पापा चूत के दाने को जीभ से चाट रहे था और जीभ को अंदर भी डाल रहे थे मौसी की चूत में। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मौसी बहुत गरम हो गई थी और वो अपनी कमर उठाकर पापा की जीभ को अंदर लेने लगी। फिर मौसी के दोनों हाथ पापा के सर पर थे और वो पापा के सर को दबाकर उनका मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी।

तभी पापा उठे और अपनी अंडरवियर जल्दी से उतार दी और फिर पापा जल्दी से नीचे आए और फिर अपने दोनों पैर फैला कर लेट गये और मौसी को अपने ऊपर खींच लिया। तभी मौसी समझ गई और फिर मौसी लंड को हाथ में लेकर ऊपर नीचे करने लगी। फिर जैसे ही मौसी ने हिलाना शुरू किया पापा तो जन्नत का मजा महसूस करने लगे। फिर पापा ने लंड को मुहं में लेने को कहा। तभी मौसी तुरंत ही मान गई। फिर धीरे-धीरे मौसी ने लंड के टोपे को मुँह में ले ही लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। फिर कुछ 15 मिनट तक मौसी ने पापा के लंड को चूसा होगा। तभी मौसी बोली कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं होता अब डाल दो। पापा भी अब तैयार थे तभी पापा ने एक तकिया उनकी कमर के नीचे लगाया और फिर मौसी की जाँघें अपनी जाँघों पर चढ़ा लीं। फिर पापा अपने लंड को मौसी की चूत पर फैरने लगे और अब उनकी चूत तन्दूर की तरह गरम थी। फिर पापा अपने लंड को धीरे धीरे मौसी की चूत में घुसाने लगे.. लेकिन उनकी चूत बहुत गीली थी। फिर लंड का सुपाड़ा चूत के अन्दर जाते ही वो जोर से बोली कि मुझे बहुत दर्द हो रहे है। फिर पापा वहीं पर रूक गये और उनकी चूचियों को सहलाने लगे और फिर मौसी के होठों को चूमने लगे। तभी थोड़ी देर में मौसी जोश में आ गई और अपने चूतड़ उठाने लगी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी पापा ने ऊपर से थोड़ा जोर लगाया और फिर लंड उनकी चूत में तीन इंच घुस गया। तभी मौसी जोर से चिल्लाने लगी और पापा ने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिये।

फिर मौसी आँखें बंद किये सिसकियाँ भर रही थी। तभी पापा को सही मौका मिला और अचानक उन्होंने एक जोर का झटका दिया और अपना पूरा लंड उनकी चूत में घुसेड़ दिया। तभी वो बहुत जोर से चीखी और जोर से तड़पने लगी और कहने लगी कि बाहर निकालो शायद बच्चे उठ चुके है। तभी पापा वहीं पर रूक गये और फिर पापा ने मौसी को प्यार से समझाया कि मेरा पूरा लंड चूत में चला गया है। अभी थोड़ा सा दर्द होगा लेकिन बाद में जो मज़ा आएगा वो तुम्हे तुम्हारा पूरा दर्द भुला देगा और बच्चो की तुम चिंता मत करो मैंने आज खाने में नींद की कुछ गोली मिला दी है। तभी मेरे समझ में आया कि पापा ने आज मुझसे खाने के लिये क्यों पूछा था लेकिन मैंने खाना खाया ही नहीं।फिर पापा ने मौसी के लाख कहने पर भी अपना लंड उनकी चूत से बाहर नहीं निकाला। फिर पाँच मिनट तक पापा सिर्फ़ बूब्स को चूसता रहे और मौसी के पूरे शरीर पर हाथ फैरते रहे। तभी धीरे धीरे मौसी का दर्द कम हुआ और फिर पापा को जोश आने लगा और वो पापा से चिपक गई और अपने चूतड़ उठाने लगी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उनकी चूत लंड को कभी जकड़ती और कभी ढीला छोड़ती। फिर पापा इशारा समझ गये और फिर पापा ने धीरे धीरे अपने लंड को उनकी चूत में अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया।

तभी थोड़ी देर में मौसी को भी मज़ा आने लगा और फिर मौसी भी गांड को उठाकर चुदाई का मज़ा लेने लगी। फिर करीब 15 मिनट तक पापा ने उसे बिना रुके चोदा और इतनी देर में मौसी की चूत भी गीली हो गई और उनका दर्द कम हो गया और मौसी भी बहुत मज़े लेकर चुदवाने लगी। फिर मौसी भी नीचे से गांड हिलाकर पापा का साथ दे रही थी और बोल रही थी अह्ह्ह ईईइ जोर से तेज और तेज करो.. मुझे चोदते रहो जोर से और जोर से चोदो मुझे।तभी पापा ने पूरे जोश में आकर तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। फिर कुछ देर बाद मौसी एकदम से अकड़ने लगी और पापा की पीठ और कन्धों पर नाख़ून चुभाने लगी और फिर एकदम से पापा से लिपट गई और झड़ गई.. लेकिन पापा तो अभी भी जोश में थे। तभी मौसी बोली कि रुको मत पता नहीं कब मौका मिले फ़िर उनकी आँखों से आँसू निकल पड़े लेकिन पापा रुके नहीं और फिर पापा अपने लंड को अंदर बाहर करते रहे। कुछ देर बाद मौसी को भी मज़ा आने लगा और मौसी भी पापा का साथ देने लगी।तभी वो अपनी कमर को पापा के साथ साथ आगे पीछे करने लगी। इसलिए मज़ा और ज़्यादा आने लगा ऐसा करते करते कुछ देर बाद मौसी फिर झड़ गयी। उनकी गरम चूत गीली हो गई और वो शांत पड़ गई लेकिन पापा रुके नहीं और फिर से उन्हें चोदते रहे। तभी मौसी ने पापा को रुकने को कहा लेकिन पापा रुके नहीं और अपना काम करते रहे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर लगभग 10 मिनट के बाद पापा भी झड़ने लगे तो पापा ने पूछा कि बाहर निकालूँ? तभी मौसी बोली कि में मजा लेना चाहती हूँ तुम अंदर ही डाल दो। फिर पापा ने जोर जोर से झटके मारे और फिर थोड़ी देर में अपना सारा वीर्य मौसी की चूत में निकाल दिया।

दोस्तों क्या बताऊँ जिस समय उन दोनों की चुदाई चल रही थी मेरा लंड खड़ा होकर कुतुबमीनार बन चुका था। मुझे उनकी चुदाई देखकर मुठ मारने की इच्छा होने लगी। लेकिन वो दोनों मेरी छाती पर मूंग दल रहे थे और में लंड को काबू में ले रहा था। उनकी चुदाई से में सातवें असमान में उड़ रहा था ऐसा मजा मुझे आज तक नहीं मिला था।तभी मौसी बोली कि तुम्हारे गरम गरम वीर्य को में अपनी चूत में महसूस करना चाहती थी। तभी पापा ने पूछा कि तुम्हे मजा आया ना? फिर मौसी बोली कि अभी तो पूरी रात है तुम तो बिना रुके मजा देते रहो। आज हमे बच्चो की कोई चिंता नहीं। फिर उस रात पापा ने 3 बार और सेक्स किया और फिर पापा  और मौसी दोनों फिर वापस अपनी अपनी जगह पर आकर सो गये। फिर पापा ने सुबह उठकर दिनचर्या का काम पूरा का किया और ऑफिस चले गए। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर जब कभी भी उन्हें मौका मिलता वो फिर से चुदाई करते थे। फिर जब माँ की तबियत ठीक हुई तब कहीं जाकर मौसी अपने घर गई और वो भी मेरे कई बार ताने मारने पर। लेकिन मुझे अभी भी शक है कि वो दोनों कहीं ना कहीं चुदाई जरुर करते होंगे लेकिन मैंने अभी तक माँ को ये बात नहीं बताई । कैसी लगी पापा और मौसी की सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी मौसी की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/ApornaKumari

मुझे ऑटो वाले ने चोदा जंगल में

हेलो फ्रेंड्स, आज जो कुंवारी चूत की चुदाई कहानी बताने जा रही हु वो ऑटो वाले से मेरी चुदाई की कहानी हैं । आज मैं बताउंगी कैसे ऑटो वाले से चुदवाई,  कैसे ऑटो वाले से चूत चटवाई, कैसे ऑटो वाले से दूध पिलाई, कैसे ऑटो वाले से गांड मरवाई,  कैसे ऑटो वाले ने मुझे नंगा करके चोदा, कैसे ऑटो वाले ने मेरी चूत और गांड दोनों को मारा, कैसे ऑटो वाले ने मेरी चूत को चाटा, ऑटो वाले ने मेरी चूचियों को चूसा और कैसे ऑटो वाले ने मेरी चूत फाड़ दी । मेरा नाम साक्षी चौहान है और में दिल्ली की रहने वाली हूँ और मेरी उम्र 21 साल है। में एक अच्छे घर की लड़की हूँ.. मेरे बूब्स 34 साईज़ के है, मेरी कमर 28 और मेरी गांड 36 की है।

जंगल में चुदाई
मुझे ऑटो वाले ने चोदा जंगल में 
तो दोस्तों यह बात आज से दो साल पहले की है.. जब में 19 साल की थी और मैंने पहले साल कॉलेज में प्रवेश लिया था और मुझे अकेले में अपनी फोटोग्राफी करने की आदत थी.. मेरे मोबाइल में मेरे कई सारे सेक्सी हॉट फोटो थी। फिर उस दिन शनिवार था और फिर में नीले कलर की शर्ट के अंदर काले कलर की ब्रा और नीचे काले कलर की पेंटी और काले कलर की जीन्स पहन कर कॉलेज के लिए निकली। फिर मैंने जाने के लिये एक ऑटो किया और करीब 40 मिनट के बाद में कॉलेज पहुँच गयी। फिर जैसे ही में कॉलेज के गेट तक पहुँची तभी अचानक मुझे याद आया कि मेरा मोबाईल तो ऑटो में ही रह गया। तभी में झट से ऑटो के पीछे भागी लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ और वो चला गया था। फिर मुझे टेंशन उस बात की नहीं थी कि मेरा मोबाईल ग़ुम हो गया है लेकिन इस बात की टेंशन थी कि उसमे मेरी कई पर्सनल फोटो है जो मैंने खींची थी और वो बहुत ही सेक्सी और बोल्ड थी।फिर मैंने दिन भर बहुत ट्राई किया लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ.. सिर्फ़ मोबाईल की घंटी बज रही थी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर पूरा दिन टेंशन में बीतने के बाद जब में घर पहुंची और फिर रात को करीब 9 बजे मैंने फिर से ट्राई किया और उस वक़्त फोन किसी ने उठाया और उस तरफ से किसी लगभग 35 साल के आदमी की आवाज़ थी। तभी उसने कहा कि क्यों अपना मोबाईल चाहिए? फिर में झट से बोली कि हाँ चाहिए। तभी उसने कहा कि ठीक है कल दोपहर में आकर ले जाना।

फिर मैंने पूछा कि आप कौन हो? और मुझे कहाँ आना होगा मोबाइल लेने। तभी उसने कहा कि कल ठीक 2 बजे आप अपने पास वाले पार्क आ जाना और फिर बोला वैसे तुम्हारी फोटो बहुत सेक्सी है और तुम्हारी कमर तो बड़ी लचीली है और तुम्हारी गांड भी.. मज़ा आ गया तुम्हारी फोटो देखकर। यह बात सुनते ही मानो जैसे मेरे पैर के नीचे से ज़मीन खसक गयी और में रात भर सो नहीं पाई।फिर अगले दिन रोज़ की तरह कॉलेज गयी और कॉलेज से थोड़ा जल्दी निकल गयी और पास वाले पार्क में जाकर मैंने एक दुकान से कॉल किया अपने नंबर पर.. फिर से उस आदमी ने फोन उठाया और कहा कि तुम आ रही हो ना? फिर मैंने कहा कि हाँ में पार्क में आ चुकी हूँ कहाँ हो आप? और प्लीज मेरा मोबाईल मुझे दे दो मुझे घर जाना है। तभी उसने मुझे बिलकुल सही जगह बताई और कहा कि एक बार आ तो जाओ में तुम्हे दे दूंगा। फिर में घबराते हुए चल पड़ी वहाँ पर लड़के और लडकियों के बहुत जोड़े थे और सभी एक दूसरे से मज़े ले रहे थे.. मुझे थोड़ी शरम आ रही थी और कई लोग मुझे घूर घूरकर देख रहे थे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी अचानक आवाज़ आई आ गयी तुम? फिर मैंने पीछे मुड़कर देखा तो ये तो वहीं ऑटो वाला था.. जिसने मुझे उस दिन कॉलेज छोड़ा था और उसकी उम्र करीब 35 साल की थी। तभी मैंने कहा कि अंकल प्लीज मेरा मोबाईल मुझे दे दो। फिर उसने कहा कि दे दूँगा ऐसी कौन सी जल्दी है ज़रा आगे चलना। तभी मैंने मना किया तो उसने मेरा कंधा पकड़ लिया और ज़ोर से धक्का दिया..

वो बहुत मजबूत था और उसने शायद शराब भी पी रखी थी। फिर में भी उसके साथ चुपचाप चलने लगी फिर चलते चलते हम लोग बहुत आगे आ गये वहाँ पर तो ऐसा लग रहा था कि यहाँ शायद कोई कभी आया ही ना हो। फिर एक जगह आकर वो रुक गया और बोला कि ये ठीक जगह है। फिर मैंने कहा कि तुम मुझे यहाँ क्यों लाए हो?.. दे दो मेरा मोबाईल आपको पैसे चाहिए तो ले लो जीतने चाहिए।तभी उसने कहा कि मेरी जान पैसा ही सब कुछ नहीं होता और तेरी जैसी मस्त माल के सामने पैसा क्या है? तू थोड़ा मज़ा तो लेने दे मेरी जान आज तो तू क़यामत लग रही है मेरी रानी। तभी मैंने मना किया तो उसने मुझे जोर से थप्पड़ लगाया और फिर कहा कि साली रांड में ना सुनने के लिए नहीं आया यहाँ पर और अब ज्यादा नाटक करेगी तो नंगी करके तेरी फोटो खीचकर ले जाऊंगा और मोबाईल भी नहीं दूँगा और फिर सभी को तेरी फोटो भेज दूँगा और फिर बन जाना पूरी दिल्ली की रंडी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी मैंने अपने आप को उसको सौंपने का फ़ैसला मन में कर लिया था और में रोने लगी और रोते रोते मैंने कहा कि ठीक है में तुम्हारी हर बात मानूँगी लेकिन प्लीज मेरा मोबाईल मुझे दे दो।फिर उसने कहा कि अब हुई ना बात में तुझे तेरा मोबाईल दूंगा लेकिन काम खत्म होने के बाद। फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और पागलो की तरह मुझे चूमने लगा उसके मुहं से दारू की बदबू आ रही थी।

फिर उसने अपनी जीभ को मेरे मुहं में डाल दिया और एक हाथ से मेरे बूब्स दबा रहा था और वो एक हाथ मेरी गांड पर रखकर रगड़ रहा था और फिर वो मेरी ब्रा की डोरी खोलने लगा और थोड़ी देर में उसने मेरी ब्रा उतार दी। फिर में उसके सामने ऊपर से पूरी नंगी थी। फिर उसने मेरे बूब्स ज़ोर से दबाए और मसलने लगा और फिर मसलते हुए वो मेरा मुहं अपनी जीभ से चाट रहा था.. अब तो में भी उसका साथ देने लगी और अब मेरे भी तन बदन में आग लग रही थी। फिर हम घास पर कब लेट गये में समझ ही नहीं पाई।फिर उसने मुझे गांड के बल नीचे सुला दिया फिर वो मेरा सारा बदन चाटने लगा और वो कह रहा था कि रंडी तेरे बदन पर हज़ारो लंड कुर्बान, भोसड़ी की आज तेरी ऐसी चुदाई करूँगा कि दस दिन तक चल नहीं पाएगी आज के बाद तू मेरी पर्सनल रंडी बनेगी और मुझे रोज एक शॉट देगी। में यह सब सुनकर मदहोश होने लगी और फिर उसकी मजबूत बाहों में समा गयी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर में उसकी बाहों में ऐसे लग रही थी जैसे कोई अपने बच्चे को गोद में खिला रहा हो। फिर उसने मेरे बाल पकड़ कर कहा कि चल मेरी रांड अब फटाफट अपने रसिया का लंड चाट। फिर में तो कब से तैयार थी और झट से मैंने उसका तना और कसा हुआ, काला मोटा बड़ा लंड हाथ में पकड़ा और फिर चूसने लगी। फिर मैंने 1/2 घंटे तक उसका लंड चूसा और फिर उसने सारा वीर्य मेरे मुहं में छोड़ दिया और कहने लगा

कि ले मेरी छीनाल तेरे लिए ताज़ा ताज़ा माल है पी ले सारा, कुछ भी मत छोड़ना और भी मिलेगा डर मत अभी तूने इसका जलवा देखा नहीं है।फिर वो अपने एक हाथ से मेरी चूत रगड़ने लगा और एक हाथ से मेरे बूब्स दबाने लगा और कहने लगा कि कुतिया बता तेरे बूब्स इतने कसे हुए कैसे है? तभी उसने मेरी जीन्स उतार दी और मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत को चूमने लगा। तभी उसने जल्दी से मेरी पेंटी भी उतार दी और फिर मेरी चूत को पागलों की तरह चाटने लगा और चूमने लगा। फिर में तो अब पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी और मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। तभी उसने मेरी चूत पर ज़ोर से थप्पड़ मारा और अब वो मेरी चूत के अंदर उंगली डाल रहा था। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी में तो जैसे पागल सी हो गयी थी। फिर वाले ने मेरी चूत के ऊपर थूक दिया फिर उसने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और फिर धीरे धीरे उसे अंदर डालने लगा लेकिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था और फिर में चिल्लाने लगी।तभी उसने अपने मुहं को मेरे मुहं पर रख कर मेरी आवाज़ को बंद कर दिया। फिर मेरे भी सेक्सी सपने सच होने वाले थे। तभी अचानक उसने एक ज़ोर सा झटका लगाया और फिर ऑटो वाले का पूरा लंड मेरी चूत के अंदर था। मुझे बहुत दर्द हुआ मैंने दर्द से उसके बाल पकड़ कर खीच दिए। फिर वो करीब 5 मिनट तक ठीक वैसे ही रहा.. उसने लंड को जरा भी नहीं हिलाया। फिर मेरा दर्द भी कम हो चुका था और मुझे अब और भी ज्यादा मज़ा आने लगा और फिर में उसके होंठो को चूसने लगी।

फिर करीब 15 मिनट तक वो अपना लंड मेरी चूत के अंदर डालकर जोर जोर से झटके मारता रहा। फिर उसने अपना मोटा लंड मेरी चूत से निकाला और फिर वो अब मेरी गांड को सहलाने लगा और फिर मेरी गांड को चूमने लगा और फिर उसने मेरी गांड पर थूक लगाया और फिर अपना काला मोटा लंड मेरी गांड के छेद के पास रखकर मेरे बूब्स दबाने लगा और फिर धीरे धीरे अपने लंड को मेरी गांड के छेद में डालने लगा। फिर अपनी गांड मरवाने के लिये में भी तैयार थी.. और तभी मैंने ज़मीन पर घास को पकड़ लिया। तभी उसने अचानक एक ज़ोर का झटका लगाया और उसका मोटा, काला लंड मेरी गांड के अंदर आधा घुस गया और फिर मेरी आँख से आँसू आने लगे।फिर उसने अपना लंड और पीछे लेकर और जोर से झटका दिया इस बार में मर गयी.. ऐसा लगा कि जैसे मेरी गांड फट गयी और उसका पूरा लंड मेरी गांड के अंदर समा गया। तभी में दर्द से चिल्ला उठी.. लेकिन उसने अपने दोनों हाथों से मेरा मुहं बंद कर दिया। फिर धीरे धीरे वो अपना लंड मेरी गांड के अंदर बाहर करने लगा। फिर धीरे धीरे मुझे भी मज़ा आने लगा। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो मेरी गांड और जोर जोर से चोदने लगा में आअहह उहह ओउउच कर रही थी। फिर करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने मेरी गांड में अपने लंड का सारा वीर्य झाड़ दिया और मेरा भी दो बार पानी निकल चुका था। फिर मुझे भी मज़ा आ गया था..

हम वैसे ही 10-15 मिनट उस घास पर लेटे रहे। उस समय वो मेरी पीठ चूम रहा था और मेरी चूत को हाथ से रगड़ रहा था।दोस्तों मुझे बिलकुल भी पता नहीं था कि गांड मरवाने में इतना दर्द होता है में तो बस यही सोचती थी कि बस थोड़ा सा ही दर्द होता होगा लेकिन मुझे आ पता चल चुका था कि गांड मरवाना बच्चो का खेल नहीं है।अब उसने मेरा मोबाईल लिया और फिर मेरी नंगी फोटोग्राफ खींचने लगा। फिर उसने मुझे कपड़े पहनने को कहा और मेरा मोबाईल मुझे दे दिया और फिर से मुझे चूमने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा और फिर उसने कहा कि चल में तुझे अपने ऑटो से तुझे तेरे घर पर छोड़ देता हूँ। तभी जब में उठी तो मुझे चलने में बहुत तकलीफ़ हो रही थी और मेरा गोरा चेहरा पूरा पूरा लाल था। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने मुझे अपनी बाहों का सहारा दिया और हम एक साथ चलने लगे, चलते चलते वो मेरी गांड पर सहारा दे रहा था और आज मुझे लग रहा था कि में एक प्रोफेशनल रंडी हूँ। फिर हम ऑटो में बैठ गये और फिर उसने मुझे मेरे घर पर छोड़ दिया। फिर मैंने उसे किस दिया और अपने घर आ गयी । कैसी लगी ऑटो वाले से चुदाई की कहानी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/ShakshiChauhan

मकान मलिक के साथ मेरी मम्मी की सेक्स कहानियां

हेलो दोस्तों, आज जो  हिंदी सेक्स कहानियां बताने जा रहा हू वो मेरी मम्मी की चुदाई की हैं । आज मैं बाटूंगा कैसे मकान मलिक ने मेरी मम्मी को चोदा, कैसे मकान मलिक ने मेरी मम्मी को नंगा करके चोदा,मम्मी की बूब्स चूसा,कैसे मम्मी की चूत चाटी, कैसे मम्मी को घोड़ी बना के चोदा, कैसे 8 इंच का लण्ड से मकान मलिक ने मेरी मम्मी की चूत मारा,  मम्मी की गांड मारा , कैसे मम्मी की चूचियों को चूसा और खड़े खड़े मम्मी को चोदा । कैसे मकान मलिक ने मम्मी को रखैल बनाया । मेरी मम्मी का नाम वर्षा है और वो बहुत ही सुंदर औरत है उनकी उम्र 39 साल की है लेकिन उनका शरीर बिल्कुल फिट है और उनको देखकर नहीं लगता है कि वो 39 साल की है.. मम्मी की बूब्स बहुत ही बड़े बड़े है और मम्मी की गांड बिल्कुल गोल गोल है। फिर मेरी मम्मी मुझे अपने साथ मार्केट लेकर जाती थी.. तो सारे अंकल मम्मी को देखते ही रह जाते थे।

वो सारे मेरी मम्मी को चोदना चाहते थे.. वो लोग मेरी मम्मी को घूर घूर कर देखते ही रहते थे। मेरी मम्मी अधिकतर टाईम सलवार सूट ही पहनती थी। मम्मी की कुरती में से उनके बूब्स गजब के दिखते थे और सारे मोहल्ले के अंकल मेरी मम्मी के हुस्न के दीवाने थे। दोस्तों यह उस समय की कहानी है.. जब मेरे पापा को एक बड़े प्रॉजेक्ट के काम से एक साल के लिए बाहर जाना पड़ा और में और मेरी मम्मी अकेले ही घर पर रह गये थे। फिर हम जिस घर में रहते थे उसके ऊपर वाले कमरों में हमारा मकान मलिक रहता था और मकान मलिक की बीवी कुछ समय पहले गुजर गई थी और फिर वो बिल्कुल अकेला ही रह गया था। मेरे मकान मलिक का नाम रमेश था। हमारा मकान मलिक मेरी मम्मी को बहुत घूरकर देखता था और वो मम्मी को बहुत ही पसंद करता था। फिर पापा को गये हुए बहुत दिन हो गये थे और फिर मम्मी अपने बचाए हुए पैसों में से घर का किराया दे दिया करती थी लेकिन धीरे धीरे हमे पैसों की कमी होने लगी और किराया देने में बहुत प्राब्लम होने लगी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मेरी मम्मी ने मेरे मकान मलिक से बात की.. वो कुछ दिन का समय दे दे। फिर उसने कहा कि ठीक है। फिर कुछ दिन तक ऐसा ही चलता रहा दो महीने बाद मेरा मकान मलिक आया और उसने पैसों के लिए पूछा। तभी मम्मी ने कहा कि अभी नहीं है लेकिन वो दे देंगी लेकिन उसने कहा कि नहीं बहुत दिन हो गये है अब वो और दिन नहीं रुक सकता है और उसने मम्मी से घर छोड़ देने के लिए कहा।

तभी मम्मी रोने लगी और उन्होंने कहा कि प्लीज कुछ दिन और रुक जाइए.. में पैसे दे दूँगी.. लेकिन वो मानने वाला नहीं था लेकिन मम्मी के बहुत रोने पर उसने कहा कि ठीक है में रुक जाता हूँ लेकिन इसके बदले में कुछ लूँगा। तभी मम्मी ने कहा कि आप जो बोलेंगे में वो दे दूँगी लेकिन प्लीज आप कुछ दिन और रुक जाइए।फिर मेरा मकान मलिक मम्मी के पास आया और वो मम्मी को चुप करने लगा और वो मम्मी से कहने लगा कि रोने की ज़रूरत नहीं है। फिर उसने मम्मी को सोफे पर बैठा दिया और मम्मी के आँसू पोंछने लगा। तभी मैंने  खा कि वो मम्मी के गालो को छू रहा है और फिर उसने एक हाथ मेरी मम्मी के बूब्स पर रख दिया। तभी मम्मी ने कहा कि यह क्या कर रहे है आप? फिर उसने मम्मी से कहा कि अगर घर में रहना है तो मुझसे चुदवाना पड़ेगा। तभी मम्मी ने कहा कि यह क्या कह रहे है आप? यह नहीं हो सकता। फिर उसने मम्मी से कहा कि ठीक है आप यहाँ से चले जाओ। तभी मम्मी उसकी तरफ देखने लगी और में दूसरे रूम से खड़ा होकर सब देख रहा था। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मम्मी ने कहा कि ठीक है लेकिन अभी नहीं अभी मेरा बेटा देख लेगा.. में रात में आउंगी। तभी उसने कहा कि ठीक है। फिर अंकल चले गये और में भी तैयार होकर स्कूल चला गया लेकिन में यही सोच रहा था कि आज अंकल मम्मी को चोद देंगे। फिर में घर वापस गया मैंने अपना स्कूल का काम टाईम पर खत्म करके में खाना खाने लगा।

फिर उस समय मम्मी नहाने गई हुई थी। फिर मम्मी जब मम्मी बाहर निकली तो मैंने देखा कि मम्मी ने सफेद कलर का सलवार सूट पहन रखा था और मम्मी का सूट बिल्कुल पारदर्शी था जिसमे से उनकी लाल रंग की ब्रा दिख रही थी और मम्मी गजब की सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने देखा कि मम्मी तैयार हो रही थी। तभी मैंने मम्मी से पूछा कि मम्मी आप कहीं जा रही हो क्या? फिर मम्मी ने कहा कि हाँ बेटा में एक पार्टी में जा रही हूँ और तुम सो जाओ।फिर मैंने कहा कि ठीक है और में सोने चला गया लेकिन मेरे दिमाग़ में अंकल की बात चल रही थी कि आज वो मेरी मम्मी को चोद देंगे। फिर कुछ देर बाद मम्मी बाहर निकल गयी और फिर अंकल के कमरे की तरफ चली गयी। फिर में थोड़ी देर तक ऐसे ही बेड पर लेटा रहा और फिर में उठा और गेट खोला और फिर मम्मी के पीछे पीछे चला गया। तभी मैंने देखा कि मम्मी अंकल के कमरे के अंदर चली गई और फिर अंकल ने गेट बंद कर दिया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तभी में वहीं पर बनी एक खिड़की से जब देखने लगा। फिर मम्मी सोफे पर जाकर बैठ गयी और अंकल भी वहीं पर मम्मी के पास में जाकर बैठ गये और मम्मी से बातें करने लगे। फिर मैंने देखा कि अंकल मम्मी को घूर घूरकर देख रहे थे और फिर अंकल मम्मी के पास में बैठ गये।फिर अंकल ने मम्मी की जांघो पर हाथ रख दिया और सहलाने लगे मम्मी कुछ डरी हुई नज़र आ रही थी क्योंकि पहली बार मम्मी किसी गैर मर्द से चुदने जा रही थी।

फिर अंकल ने मम्मी का गाल पकड़ लिया और फिर मम्मी के होंठो को अपने होंठो में सटा लिया और फिर चूमने लगे और मम्मी के होंठो को चूसने लगे। तभी मैंने देखा कि अंकल मम्मी की लिपस्टिक को चाट रहे थे। फिर मेरी मम्मी ने अंकल के गले को पकड़ रखा था और वो भी अंकल का साथ दे रही थी। फिर अंकल मेरी मम्मी के गले पर किस करने लगे और मम्मी को भी बहुत मज़ा आ रहा था और फिर उन्होंने अंकल के बाल पकड़ रखे थे। फिर अंकल ने मम्मी को खड़ा कर दिया और फिर दीवार से चिपका कर खड़ा कर दिया और मम्मी के गले पर किस करने लगे मम्मी आआ आआहह कर रही थी और अंकल जानवरों की तरह मेरी मम्मी को चूम रहे थे। तभी थोड़ी देर तक ऐसे ही मेरी मम्मी को किस करने के बाद अंकल ने अपने दोनों हाथों को पीछे कर दिया और मेरी मम्मी की कुरती ऊपर उठाकर सलवार के ऊपर से मम्मी के चूतड़ मसलने लगे। तभी मैंने देखा कि मम्मी की सलवार बिल्कुल पारदर्शी थी और उन्होंने लाल कलर की पेंटी पहन रखी थी।फिर अंकल मेरी मम्मी के चूतड़ो को मसले जा रहे थे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी अंकल ने मम्मी से कहा कि वर्षा जब से मैंने तुम्हे देखा है तब से तुम्हे चोदना चाहता था लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और आज में तेरी चूत फाड़ दूँगा। फिर अंकल ने मेरी मम्मी को अपने कंघे पर उठा लिया और अपने बेड रूम में लेकर चले गये..

अंकल का शरीर बहुत अच्छा है इसलिए मेरी मम्मी को उठाने में उन्हे ज्यादा प्राब्लम नहीं हुई। फिर में भी बेडरूम की खिड़की पर चला गया और रूम में देखने लगा। तभी मैंने देखा कि अंकल ने मेरी मम्मी को बेड पर पटक दिया और बेड पर गिरते ही मेरी मम्मी के बूब्स हिलने लगे। फिर अंकल ने अपने सारे कपड़े उतार लिए और मम्मी के सामने बिल्कुल नंगे हो गये। अंकल का लंड बहुत बड़ा था.. मकान मलिक का 7 इंच लंबा लंड था और बहुत मोटा था.. बिल्कुल काले रंग का लंड था। तभी मम्मी मकान मलिक का लंड देखकर डर गयी। फिर अंकल मम्मी के पास गये और उन्होंने अपना लंड मेरी मम्मी के मुहं में दे दिया। फिर मम्मी अंकल के लंड को चूसने लगी। तभी थोड़ी देर में मम्मी ने अंकल का पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया और अंदर बाहर करने लगी। फिर मैंने अंकल की तरफ देखा अंकल अह अह कर रहे थे और मेरी मम्मी के बूब्स को मसल रहे थे। फिर मम्मी कभी अंकल के लंड को चूसती थी तो कभी उनके लंड को सहलाती थी। फिर अंकल ने अपना लंड मम्मी के मुहं से निकाल दिया और उन्होंने मेरी मम्मी का कुर्ता निकाल कर ज़मीन पर फेंक दिया। तभी मैंने देखा कि मम्मी ने लाल कलर की ब्रा पहनी रखी थी। फिर अंकल ने मेरी मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया। तभी वो कमर के ऊपर से बिल्कुल नंगी थी। फिर मैंने पहली बार मम्मी के नंगे बूब्स को देखा था और मम्मी के निप्पल बिल्कुल भूरे कलर के थे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर अंकल तो मेरी मम्मी के बूब्स को देखते ही रह गये मम्मी के बूब्स बिल्कुल गोल गोल थे। फिर अंकल ने मेरी मम्मी को लेटा दिया और मैंने देखा कि अंकल ने तकिया मेरी मम्मी की पीठ के नीचे लगा दिया जिससे उनके बूब्स और तन गए।फिर मेरी मम्मी ने अपने हाथ पीछे कर रखे थे और बेड को पकड़ रखा था। तभी अंकल मम्मी के पास में लेट गये और उन्होंने मेरी मम्मी के एक बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। फिर अंकल बड़े मज़े से मेरी मम्मी के एक बूब्स को चूस रहे थे और दूसरे बूब्स को अपने हाथ से मसल रहे थे और मम्मी आआ…आआ ससस्स…ईईए…उई माँ कर रही थी। तभी अंकल समझ गये थे कि मम्मी को भी बहुत मज़ा आ रहा था। फिर अंकल ज़ोर ज़ोर से मेरी मम्मी के बूब्स को चूस रहे थे और मसल रहे थे। तभी अंकल ने अपने एक हाथ से मेरी मम्मी के पेट को सहलाना शुरू किया और फिर उन्होंने मेरी मम्मी के सलवार का नाड़ा खोल दिया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तभी मम्मी की सलवार थोड़ी ढीली हो गई और फिर मैंने देखा कि मकान मलिक ने अपना एक हाथ मेरी मम्मी की सलवार के अंदर डाल दिया और पेंटी के ऊपर से मेरी मम्मी की चूत को सहलाने लगे। फिर मम्मी आआ…आआ….हह मरी में कर रही थी और अंकल मज़े के साथ मेरी जवान मम्मी के जिस्म के साथ खेल रहे थे और वो एक हाथ से मेरी मम्मी के बूब्स मसल रहे थे तो दूसरे बूब्स को चूस रहे थे और अपने एक हाथ से मम्मी की चूत रगड़ रहे थे।

तभी थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद अंकल ने मम्मी की सलवार को खींच कर निकाल दिया और फिर मम्मी सिर्फ़ लाल रंग की पेंटी में अंकल के सामने थी। तभी अंकल उठकर बैठ गये और उन्होंने मेरी मम्मी की पेंटी निकाल ली। तभी मैंने देखा कि अंकल मेरी मम्मी की नंगी चूत को देख रहे थे। फिर मैंने अपनी मम्मी की चूत की तरफ देखा मम्मी की चूत पर एक भी बाल नहीं था।तभी अंकल ने मेरी मम्मी की नंगी चूत पर अपना हाथ रखा दिया और मम्मी सिहर गई। फिर अंकल ने मम्मी से पूछा कि वर्षा तेरी चूत तो बहुत टाईट है तुम कब से नहीं चुदी हो? फिर मम्मी ने कहा कि बहुत दिन हो गये है और मेरी चूत बहुत दिनों से लंड के लिए तरस रही है। फिर अंकल ने कहा कि कोई बात नहीं में आज से रोज़ हर समय चोदूंगा। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मकान मलिक ने मेरी मम्मी की चूत में अपना लंड सटाकर मेरी मम्मी के होंठ चूमने लगे। तभी मम्मी के मुहं से अह्ह्ह ओह्ह्ह मरी में की आवाज़े निकलने लगी। तभी मकान मलिक ने मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया है और उसे अंदर बाहर कर रहे है और मम्मी ने अपने हाथ से अंकल के बाल पकड़ रखे थे और सिसकियाँ ले रही थी।तभी थोड़ी देर तक अंकल ऐसे ही मेरी मम्मी की चूत को चोदते रहे। फिर मैंने देखा कि मम्मी की चूत से पानी गिरने लगा और मम्मी ने अंकल से कहा कि रमेश प्लीज़ अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है चोद दो मुझे।

फिर अंकल ने कहा कि रानी आज तो में तुझे रात भर चोदुंगा। फिर अंकल घुटनो के बल बैठ गये और मैंने देखा कि अंकल ने अपने एक हाथ से अपने लंड को पकड़ रखा था और अपने लंड को मेरी मम्मी की चूत पर सटा कर रगड़ रहे थे और मम्मी ने अपने दोनों हाथ पीछे करके तकिये को पकड़ रखा था। फिर मैंने देखा कि अंकल ने एक झटका दिया और मम्मी जोर से चीख पड़ी उई ईईइ अह्ह्ह माँ मुझे बचाओ। मम्मी की चूत बहुत टाईट थी जिसकी वजह से मकान मलिक का मोटा लंड मेरी मम्मी की चूत में पूरा नहीं गया।तभी मैंने देखा कि अंकल किचन से तेल लेकर आए उन्होंने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और थोड़ा मेरी मम्मी की चूत पर लगाया। तभी उन्होंने फिर से एक जोर का झटका दिया और फिर अंकल के लंड का टोपा मम्मी की चूत के अंदर चला गया था। फिर अंकल ने धीरे धीरे अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया। अब अंकल का आधा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। तभी अंकल ने मेरी मम्मी के दोनों घुटनो को पकड़ लिया और अपनी कमर हिला रहे थे और मम्मी धीरे धीरे ओफफफफ्फ़ अह्ह्ह ससस्स्सस्स म्रीईईईईईई धीरे धीरे प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है कर रही थी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मम्मी की ऐसी आवाज़े सुनकर अंकल ने पूरी ताक़त से एक जोरदार धक्का दिया और फिर मैंने देखा कि अंकल का पूरा लंड एक बार में ही मेरी मम्मी चूत में चला गया।

फिर अंकल आगे की तरफ झुक गये और अपना हाथ बेड पर रख लिया और मम्मी को चोदने लगे अंकल का पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था और वो मम्मी से कहने लगे कि वर्षा तेरी चूत में बहुत गर्मी है मज़ा आ गया.. बहुत दिन बाद ऐसी गरम चूत मिली है और आज में तुझे जी भरकर चोदूंगा और वो मम्मी की चुदाई करने लगे। फिर मम्मी को भी अब बहुत मज़ा आ रहा था मम्मी ने उनसे कहा कि में भी बहुत दिनों से नहीं चुदी हूँ और आज मेरी प्यास बुझा दे राज़ा और ज़ोर से चोद मुझे.. ज़रा और ताक़त लगा। फिर अंकल मम्मी के ऊपर लेट गये उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरी मम्मी के बूब्स पकड़ लिए और मसलने लगे और मेरी मम्मी की चूत को चोदने लगे। फिर अंकल ने अपनी पूरी ताक़त से मम्मी को चोदना शुरू कर दिया और पूरे रूम में मेरी मम्मी की सिसकियों की आवाज़ गूँज रही थी। तभी मम्मी चूतड़ उठा उठाकर अंकल से चुदवा रही थी। तभी थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि अंकल ने एक ज़ोर का झटका दिया और मम्मी के ऊपर ही लेट गये। तभी में समझ गया था कि अंकल ने अपना पूरा का पूरा वीर्य मेरी मम्मी की चूत में गिरा दिया है। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो मेरी मम्मी को चूमने लगे और अपना लंड धीरे धीरे मेरी मम्मी की चूत में डालने लगे। फिर करीब 5 मिनट बाद अंकल मम्मी के ऊपर से हट गये और वहीं पर पास में लेट गये और मम्मी भी वहीं पर नंगी लेटी हुई थी। कैसी लगी मेरी मम्मी की चुदाई की सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी मां की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/BorshaRaniDas

Bhai aur behan ki najayez sex sambandh

Dosto aaj jo bhai behan ki najayez sex story batane jaa raha hu wo meri choti behan ke sath najayez sex sambandh ki hai.. aaj main bataunga kaise meri behan ki chut me ungli karte huye dekha, aur kaise meri behan ki chut ki garmi nikala, kaise behan ko nanag karke choda, kaise behan ki seal toda, kaise behan ki chut chata, kaise behan ki boobs chusa, kaise behan ki gaand mari, kaise behan ko ghodi bana ke choda, kaise choti behan ki chut ko bosdha bana diya. meri behan ka name shelly hai or vo muj se teen saal choti hai vo dikhne main bahut sunder hai meri choti behan ki boobs ka size 34 hai or gaand ko dekhte hi lund khada ho jata hai ab main apni story per aata hu pehle mere man main essa koi vichar nahi tha aphi behan ko chodne ka lekin vo din bar din nikharti ja rahi thi ek din vo ghar main akeli thi sab bahar gye the or main apne collage gya tha meri chutti jaldi ho jane ki vajeh se main ghar jaldi aa gya jab main ghar pahucha to

shelly naha rahi thi ussne bathroom lock nahi kiya tha kyoki ghar main koi nahi tha main apne hand wash karne ke liye bathroom main gya to vo pani se bhigi hui bilkul nangi thi or apni chut main ungli kar rahi thi main ye sab dekh kar dang rah gya or sorry bol kar baher aa gya mere dimag main Abhi bhi behan ki nanga badan aa raha tha vo raat ko mere saath hi soti hai khana khane ke baad hum tv dekne lage lekin humne koi baat nahi ki thi jab hum sone lage to thodi der baad usse nind aa gyi main abhi jaag raha tha mere dimak main yahi baat thi ki meri behan ko lund ki jarurt hone lagi hai sali ungli kar rahi thi or socha kyo na main hi chod lu or main ab apna kaam chalu kar diya sabse pehle mene usse aavaj lagai vo kuch nahi boli main samaj gya vo puri neend main Hai main apna haath badaya or choti behan ki boobs ko dabane laga fir main thora sarak kar uske paas ho gya or dhire se apna lund nikaal kar uski gand per lagane laga muje bahut der bhi lag raha tha or bahut maja aa raha tha thori der essa karne ke baad main uski t-shirt utarne laga muje bahut mushkil ho rahi thi lekin thori der tak uski peeth nangi thi main uske saath chipak gya mera lund uske lower ke uper se uski gand ko lag raha tha thori der essa hi raha fir vo thora hili or peeth ke Bal late gyi ab muje uske boobs nange karne the maine aaram se uski tshirt uper ki or gaden tak le gya usske 34 size ke boobs mere samne the main behan ki nipple ko muh main le kar chusne laga kya maja aa raha tha ab vo dhire dhire mere baalo main haath ferne lagi main samj gya Aap ye kahani new hindi sex story .com paar paad rahe hai. saali jag rahi hai fir thora uper uttha kar usski puri t shirt nikal di ab main usske lips kiss kar raha tha fir mene uska haath paker kar apne lund per rakh diya or usse sahlane ke liye bola vo bade pyaar se

Lund ko hila rahi thi ab meri behan ke chudne ka time ho gya tha mene usse boola ki taiyar ho ja saali vo boli kis liye mene kaha chudne ke liye teri chut main bahut garmi hai na usse thanda karta hu ab main uska lower utar raha tha usne muje roka to main kaha ab mat roko meri behna or usse puri nangi kar diya kya lag rahi thi saali kya chut thi meri behan ki mene apna lund jaberdasti uske muh main de diya or usske halak main utar diya usska saans ruk gya 10 second Baad mene lund nikala to boli main ko gasti nahi jo essa kar rahe ho main tumahri behan hu bhai mene kaha ki main kab kah raha hu tu gasti hai esse sex karne main to maja hai or shelly ko leta diya or bola shelly meri behan ab tu aurat banne vaali hai main lund uski chut per ragdne laga kya maja aa raha tha mene ek jatka mara or lund ka supda behan ki chut main kar diya vo chilai mene kaha jitna marji chila le shelly tuje koi sunne waala nahi hai mene fir ek jatka mara or 5 inches Lund under kar diya vo itni jor se chilai ki abhi behosh ho jayegi muje maja aa raha tha vo rone lagi main usse chodta raha ab fir ek jatka or 7 inch lund uske under chala gya vo tadfene lagi mene kaha le tu ban gayi aurat or dhire dhire jatke marne laga thori der chilane ke baad vo shant hui to mene kaha kessa lag raha hai kahne lagi ab derd thora kam hai mene kaha Aap ye kahani new hindi sex story .com paar paad rahe hai. fir maru teri chut tej jatko se to ussne kaha pehle mujh per raham nahi kiya or ab puch rahe ho accha ab koi Derd nahi hai tuje vo boli ap bhaiya aram se chodo muje plz meri chut ki garmi nikal do bahut pareshan karti hai meri chut ki khujli or main tej jatko ke sath apni behan ki chut bajane laga meri behan ahhhhhh oohh aaaaahh ya oh ya oh ya or tej bhaiya maro meri or tej aaha aahhhhh main mer gayi bhai mai jar rahi hu bhaiya aahhh mera bhi nikalne waala tha fir main tej dhako ke saath jad gya or usske uper hi gir gya mene kaha kaise laga meri behana boli ki koi bhai essa

Bhi karta hai apni behan ke sath jo tumne kiya hai mene kya kiya hai saali tu kud hi kah rahi thior tej or tej ab bol rahi hai essa bhi karta hai koi bhai fir mene apni behan ko iss ki stories read karvayi jisse usse yakinhuya ki or bhi hain jo apni behan ko chodte hain agge ki story main apko jaldi hi send karunga ki kaise mene apni behan ki gand mari to dosto dosto kaisi lagi hum dono bhai behan ki najayez sex kahani  ascha lage to share karo .. agar kisine meri behan ki chut ki garmi  mitana chahte ho aur meri behan ki garam chut ki chudai karna chahte ho to add karo Facebook.com/ShellyKumari

Bhabhi ki navel chusa chut ko chata aur choda

Dosto aaj jo bhabhi ki chudai ki story batane jaa raha hu wo meri bhabhi ke sath chudai ki kahani hai.. aaj main bataunga kaise meri bukhar bhabhi ko choda, kaise bukhar bhabhi ki garam chut ka maza liya, kaise bhabhi ko nanga karke bhabhi ki boobs chusa, bhabhi ki garam chut chata , kaise bhabhi ko ghodi bana ke choda, kaise bhabhi ko baithe baithe choda,kaise bhukhar bhabhi ko raat bhar choda.Meri bhabhi gori, 36 years old, 34dd,28,38  ka mast maal thi.. Me 2 saal ke uska diwana tha.. Par kuch kar nahi sakta tha… Ab me direct story pe aata hu. Huva yu k me new year manane ke liye uske ghar 24 dec ko gaya.. Meri mere bhatije ke sath bahut banti he aur bhabhi bhi kafi frank hai mujhse…Mein kahi baar bhabhi ki bade boobs aur bhabhi ki moti gaand ko ghurta hu..wo pakad leti he ghurte hue to Wo sirf smile deti he aur bolti he ki ab jald hi shadi karani padegi.

bhabhi ki chudai
Bhabhi ki navel chusa chut ko chata aur choda
ham sab 25 dec christmas ko khub ghume aur maza kiya Uske baad bhaiya ko koi urgent kaam aa gya aur wo 26 ko subah hi 2 din ke liye delhi chale gaye. Baad me main aur bhabhi hi the.. Tabhi bhabhi ki tabyt thodi kharab ho gayi use thoda bukhar ho gaya to me medical store se dawai le aaya aur pura din bhabhi ka bahut khyal rakha.. use kuch kaam karne nahi diya… Raat ko dinner ke baad mera bhatija so gaya. Bhabhi aaram kar rahi thi me t.v. Dekh raha tha… Thand ka mausam tha. Tabhi bhabhi ne mujhe paas bulaya aur kaha ki use bahot thand lag rahi hai to maine use 2 rajai odha kar di. Thodi der baad me fir check karne gaya. Bhabhi ko bukhar tha. Jab mene pucha to usne bola ki use abhi bhi thand lag rahi hain. Maine doctor ko ghar bulane ki baat ki to usne mana kiya. Fir me thoda pareshan ho gaya. Tabhi mere man ka shaitaan jaag utha. Us waqt bhabhi ne night gown pehna tha. Aap ye kahani new hindi sex story .com paar paad rahe hai. Maine use bataya ki thandi generally haath aur paanv ki hatheli se sharir me entry karti hai. Aur dhire se puchha If u dont mind me thoda ghis ke maalish kar du… Aur me uska haath apne haath me lekar uski hatheli ghisne laga. Use achchha feel ho raha tha. Fir kya meri kismat chamakne lagi. Thodi der baad uski paav ki hatheli aur panjo par bhi me maalish karne laga. Use good feel ho raha tha. Dhire dhire wo sone lagi. Lekin mere man ka shaitan jaag gaya. Jarasal wo sone ka naatak kar rahi thi. Jab main uske pair ka maalish kar raha tha tab mujhe bhabhi ki choot saaf dikh rahi thi. Mera land kadak hone laga. Thodi der baad unhone fir se nind me kaha ki mujhe bahot thand lag rahi hai. Aur boli k kuch karo.

Me ghabra gaya. Kafi koshish par sab nakaam. Bhabhi ki thandi badhati hi ja rahi thi. Vaastav mein vo natak kar rahi thi vo mujhe baad me pata chala. Uske baad maine ek bold faisla kiya aur me uski rajai me jaakar usse chipak gaya. Tab mera koi kharab intension nahi tha. Me sirf uski thand mitana chahta tha. Dhire dhire use accha lagne laga. Lekin mera shaitan jaag gaya. Dawaiyo ka asar hone laga ab wo gahri nind me thi…
Tabhi maine mauke pe chauka marte huve uska gown k upar se uske boobs pe hath rakha..wo gahri nind me thi dhire dhire maine ek button khola but no movement from her… Baad me kya tha.. Meine sare button ek ek kar ke khol diye.. Ab wo sirf bra penty mein hi thi.. Aur maine apne saare kapde nikaal fenke. Me sirf apne boxer mein tha.aur usko chipak ke so gya. Mujhe kab nind aa gayi pata hi nahi chala… Subah meri nind 9 baje khuli. Jab dekha to mein bhabhi ke bed pe tha par bhabhi nahi thi. Me turant bahar gaya wo kitchen me thi. Aap ye kahani new hindi sex story .com paar paad rahe hai. Mene fauran waha jakar use sorry bola aur raat ki saari baat bataayi. Kafi samjaane ke baad wo maani aur boli its ok. Fir hamne nasta kiya. aaj uski tabyat thik thi. Par me usse aankh nahi mila pa raha tha. Dopahar ko jab bhatija school gaya to uske baad hamne lunch kiya. Baad me wo boli ki me nahane ja rahi hu, me phir excited ho gaya. Nahane ke baad wo night gown me bahar aayi me uske room me tha to jaane laga. Wo boli kaha ja rahe ho. Maine kaha aap ko change karna hoga.To usne kaha haa me change kar lungi plz tum yahi raho waise bhi kal raat tumne sab dekh hi liya hai… Aur usne bina mera reply sune apna gown nikal diya. Uska blouse mere najdik tha to wo boli plz wo blouse dena… Me use dekhta hi rah gaya.. Mere liye ye green signal tha… Fir kya maine use blouse dene ke bahane uske bhige haath ko 6ua.. Aur bhabhi ki sexy badan ko dekhta hi rah gaya…

wo boli kyo ghur ghur ke dekh rahe ho… Maine kaha ek baat bolu aap bura na maano to.. Wo boli haa I say u r so attractive and beautiful… Uske chehre pe smile thi… Maine tabhi use apni aur khincha aur apni baaho me le liya… Maine jaise use lipkiss karne ki try ki usne thodi der pativrata hone ka naatak kiya aur nahi ye galat hain… Esa bola… 10 mint samjaane ke baad wo pigal gayi.. Fir maine pehle 10 mint lipkiss kiya… Dhire dhire wo saath dene lagi.. Wo sirf bra penty mein hi thi.. Baad me uske gaal aur gardan ko khub chuma aur dono haatho se bhabhi ki boobs dabaye. Kyoki mujhe slow sex pasand hain… Maine phir uski navel ko khub chusa aur chata. Itni der me usne mere saare kapde utar fenke the. Jab ki wo abhi bhi bra penti me hi thi. Phir maine uski pith chati baad me bra aur penti utar fenki aur ek ek kar uske sab body parts ko khub chata. Phir usko apna lund muh me lene ko bola. Aap ye kahani new hindi sex story .com paar paad rahe hai. Usne mana kar diya. Maine kaha its ok. Aur maine apna muh bhabhi ki bukhar garam chut par laga diya. Wo kahar uthi.. Use bahot maza aaya… Wo aanandit ho kar tarah tarah ki aawaze nikalne lagi.. Baad me maine apna lund uske haath me thama diya… bhabhi ne apni chut me mera lund ghused diya.. .. aur boli aabh dalo na dheere dheere ahhhhh..  bhabhi ki chut bilkul gili thi.. main dhakka marte hi bhabhi ki chut me mera pura ka pura lund ghus gaya.. bhabhi ahh uuuuhh maza agayii januuuuuuu chodo mujhe ahhhhhhhhhhhh uii maaaa aur me josh me akar jor jorse bhabhi ko choda, phir bhabhi ko ghodi banaya, aur piseche bhabhi ki chut me lund dala aur jor jorse bhabhi ko choda, bhabhi jhad gayi thi.. phir main baitha aur bhabhi ko bola mera lund me baitho .. bhabhi mera lund apni chut me set karke baith gayi.. aur mera lund pochat karke bhabhi ki chut me ghus gaya.. lagta hai ki bhabhi ki navle taak mera lund pouch gaya tha.. bhabhi up down kaar rahi thi aur main bhabhi ki boobs chus raha tha.. aise hi bhabhi muj par sawar ho gayi.. 20 mint me hum dono jad gaye… Aur so gaye… Shaam ko 5 baje nind khuli.. Aur maine doosra round liya .. friends.. kaise laga bhabhi ki chudai kahani .. ascha lage to share karo .. agar kisine meri bhabhi ke sath sex karna chahte ho to add karo Facebook.com/GouriSharma

कुत्ते के साथ मेरी सेक्स की कहानियों

हेलो फ्रेंड्स, आज जो जानवर से चुदाई की कहानी बताने जा रही हु वो मेरी कुत्ते के साथ चुदाई की कहानी हैं । आज मैं बताउंगी कैसे कुत्ते ने मुझे चोदा, कैसे मैं कुत्ते से चुदी,कैसे कुत्ते ने मेरी चूत चाटा, कैसे कुत्ते ने मेरी गांड मारा, कैसे मैंने कुत्ते से बूर चटवाया, कैसे मैंने कुत्ते से चुदवाया, कैसे कुत्ते ने चूत फाड़ दी, कैसे मैंने कुत्ते का लण्ड से चूत की खुजली मिटवाई । हालाँकि मुझे चुदाई का तजुर्बा नहीं था लेकिन मैं चुदाई से मुत्तलिक सब जानती थी। सत्रह-अठारह साल की उम्र से ही मैं भी हम-उम्र लड़कियों की तरह सैक्स में दिल्चस्पी लेने लगी थी। स्कूल के दिनों में ‘मिल्स एंड बून’ की रोमाँटिक किताबें बहुत मज़े लेकर पढ़ती थी

और फिर बी-कॉम के दिनों से धीरे-धीरे गंदी सैक्सी किताबें पढ़ने का शौक लग गया था। दिन में कईं बार अपनी उंगलियाँ या केले,  मोमबत्ती और वैसी कोई भी चीज़ अपनी चूत में घुसेड़-घुसेड कर चोदते हुए मज़े लेती थी। बी-कॉम के फाइनल इयर में ही थी जब मैंने पहली बार कुछ सहेलियों की सोहबत में ब्लू-फिल्म देखी थी और अब तक पाँच छः दफा ब्लू-फिल्में देख चुकी थी। लेकिन आज तो मैंने चुदाई का एक ऐसा हैरत‍अंगेज़ और चुदास नज़ारा अपनी आँखों से देखा था जो मैंने पहले कभी किसी ब्लू-फिल्म या सैक्सी किताब में भी नहीं पढ़ा था और ना ही ऐसा कभी तसव्वुर किया था। फिर एक हफ्ते बाद मैं नासिक वापस आ गयी और धीरे-धीरे वक्त गुज़र गया। एम-कॉम पूरा करने के बाद मुझे एम-बी-ए करने के लिये बैंगलौर के बहुत ही जाने-माने कॉलेज में दाखिला मिल गया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। बैंगलौर में हॉस्टल में रहती थी और इस दौरान मैंने कभी-कभार शराब पीना भी शुरू कर दिया। मैं बेहद खूबसूरत और हसीन थी और स्कूल के ज़माने से ही कितने ही लड़के मुझे लाइन मारते थे लेकिन मैं कभी भी किसी के इश्क़ में नहीं पड़ी ना ही शादी से पहले कभी किसी से चुदवाया। एम-बी-ए पूरा होते ही मेरा निकाह हो गया। मेरे शौहर भी काफी तालीम-याफता थे और उनकी बेहद अच्छी नौकरी थी। शादी के बाद शुरू-शुरू में उनके साथ बेहद खुश थी पर धीरे-धीरे मुझे पता चला कि मेरे शौहर को सट्टे-बाजी का शौक था। अक्सर क्रिकेट मैचों के वक्त बड़ी-बड़ी शर्तें लगाते थे।

मैंने कईं दफा उन्हें समझाने रोकने की कोशीश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर में एक दिन बहुत बड़ी शर्त हार कर दिवालिया भी हो गये तो मुझे दहेज के लिये परेशान करने लगे। आखिर में तंग आ कर शादी के दो साल बाद ही मैंने तलाक ले लिया और मुम्बई में एक बड़े प्राइवेट बैंक में नौकरी कर ली।मुम्बई में मैं अकेली किराये के फ्लैट में रहने लगी। इसलिये हिफाज़त और अकेलापन दूर करने के लिये एक एलसेशन कुत्ता ले लिया। आहिस्ता-आहिस्ता ज़िंदगी बाकायदा चलने लगी। ज्यादा वक्त तो मैं काम में ही मसरूफ रहती और अक्सर मुझे दूसरे शहरों और कभी-कभार गैर-मुल्कों जैसे अमेरिका, यूरोप भी दौरों पर जाना पड़ता। ज़िंदगी वैसे तो पुरसुकून थी लेकिन तन्हाई की वजह से मैं कुछ ज्यादा ही चुदासी रहने लगी थी। हालाँकि ऐसे हज़ारों मौके आये कि जब अगर मैं चाहती तो गैर-मर्दों से चुदवा सकती थी लेकिन मैं कभी हिम्मत नहीं जुटा पायी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। पाँच-छः साल पहले स‍इदा आँटी के किस्से के बावजूद अपने कुत्ते जैकी से चुदवाने का ख्याल भी कभी मेरे ज़हन में नहीं आया। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ाअपनी चुदासी चूत की भड़कती प्यास बुझाने के लिये मैं हर रोज़ मैस्टरबेशन का सहारा लेती।  कॉलेज के ज़माने की तरह ही फिर से गंदी सैक्सी किताबों और ब्लू-फिल्मों का चस्का लग गया। इसके अलावा मैंने अक्सर शराब पीना भी शुरू कर दिया।

जब भी काम के सिलसिले में यूरोप जाती तो डिल्डो और ब्लू-फिल्में ज़रूर  खरीद कर लाती। इस तरह मैंने तरह-तरह के छोटे-बड़े कईं डिल्डो जमा कर लिये और रात-रात भर मैं इन डिल्डो से अपनी चूत की आग बुझा कर मज़ा लेती। ऐसे ही करीब दो साल बीत गये। एक दिन की शाम को मैं बैंक से घर लौटी तो मैं बेहद चुदासी महसूस कर रही थी। लौटते हुए रास्ते में मैं चर्च-गेट स्टेशन के नज़दीक सड़क किनारे पटरी पर बिकने वाली हिंदी की दो-तीन गंदी सैक्सी कहानियों की किताबें ले कर आयी थी। अगले दिन इतवार था इसलिये शराब की चुस्कियों के साथ चुदासी कहानियों का मज़ा लेने का प्रोग्राम था। दरसल अंग्रेज़ी की सैक्सी कहानियों के मुकाबले मुझे हिंदी और उर्दू  के गंदे अश्लील अल्फाज़ों वाली चुदासी कहानियाँ पढ़ने में ज्यादा मज़ा आता है। घर पहुँचते ही कपड़े बदले बगैर ही मैं ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठ कर वोडका की चुस्कियाँ लेते हुए वो रंगीन चुदासी किताबें पढ़ने में मसरूफ हो गयी। कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते जल्दी ही मेरी चूत मचमचाने लगी और शराब का भी थोड़ा नशा होने लगा। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने अभी भी काले रंग का फॉर्मल पेन्सिल स्कर्ट और सफेद टॉप पहना हुआ था। इस दौरान शराब और किताब का मज़ा लेते हुए मैं अपनी स्कर्ट का हुक और ज़िप खोल चुकी थी और पैंटी के अंदर हाथ डाल कर चूत सहला रही थी।

ऐसे ही कुछ देर में नशा इस कदर परवान चढ़ गया कि मैं झूमने लगी। किताब में छपे हर्फ भी साफ नहीं पढ़ पा रही थी तो आखिरकार किताब एक तरफ उछाल कर फेंकते हुए मैं खड़ी हुई और सैंडलों में लड़खड़ा कर चलती हुई और रास्ते में अपनी स्कर्ट और बाकी कपड़े उतारती हुई मैं  बेडरूम की तरफ बढ़ी। जब मैं बेडरूम में पहुँची तो पैरों में ऊँची पेन्सिल हील के काले सैंडलों के अलावा मैं मादरजात नंगी थी। बेडरूम में आदमकद आइने के सामने खड़े हो कर मैंने अपना जिस्म निहारा और खुद को आइने में देखते-देखते बेड तक पीछे हटते हुए बिस्तर पर बैठ गयी। अभी भी अपने सामने आइने में देखते हुए मैंने अपनी टाँगें फैलायी और अपनी चूत के ऊपरी लबों पर उंगली फिराते हुए खुद को देखा। फिर आहिस्ता से अपनी दो उंगलियाँ अंदर घुसेड़ दीं। चूत की मचमचाहट और झड़ने की तमन्ना मुझ पर हावी हो गयी और मैं अपनी चूत में दो उंगलियाँ अंदर बाहर करती हुई पीछे बिस्तर पर कमर के बल लेट गयी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेरे चूतड़ बिस्तर के किनारे पर थे और पैर ज़मीन पर। मेरी चूत बेहद भीगी हुई थी और मैंने तीसरी उंगली भी अंदर घुसेड़ दी और आहिस्ता-आहिस्ता अंदर बाहर करने लगी। दूसरे हाथ से अपने निप्पल उमेठते हुए मैं सिसक रही थी। फिर अपनी भीगी उंगलीयाँ बाहर निकाल कर मैंने आहिस्ते से उन्हें फिसलाते हुए अपने तंग छेद की तरफ खिसका दिया जो मुझे दिवाना कर देता है।

अपनी बीच वाली भीगी हुई चिकनी उंगली मैंने अपनी गाँड के छेद पर फिरायी और फिर आहिस्ता से अंदर घुसेड़ दी। उसी लम्हे मुझे वो महसूस हुआ! यही वो लम्हा था जब मेरी ज़िंदगी में एक नये हसीन दौर का आगाज़ हुआ लेकिन दुनिया की नज़रों में ये मेरी बदकार और बदचलन ज़िंदगी का आगाज़ था! लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा मुझे अपनी गाँड के छेद और उसके अंदर घुसी हुई उंगली के आसपास गरम और मुलायम भीगा सा एहसास हुआ। मैं चौंक कर घबराते हुए हड़बड़ा कर बैठी तो देखा कि कुत्ते ने मेरी उंगली चाट रहा था। उसने मेरी तरफ देखा लेकिन उसने चाटना बंद नहीं किया। मेरे अंदर कतरा-कतरा चींख उठा कि उसे रोक दूँ! उसे परे ढकेल दूँ! लेकिन फिर अचानक कईं साल पहले सईदा आँटी और उनके कुत्ते की चुदाई का नज़ारा मेरे ज़हन में उभर आया और फिर शराब के नशे और अपनी उंगली और गाँड के छेद पर जैकी की ज़ुबान के एहसास ने मुझे कमज़ोर बना दिया।आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।  मैं अपनी उंगली अंदर-बाहर करती हुई जैकी को अपनी वो उंगली और गाँड ज़ुबान से चाटते हुए देखने लगी। मैंने नज़रें उठा कर सामने आइने में खुद को कुत्ते की ज़ुबान से मज़े लेते हुए देखा। ज़लालत का एहसास होने की बजाय ये नज़ारा देख कर मेरी चाहत और ज़्यादा बढ़ गयी। मैंने उसे परे ढकेल सकती थी.... चिल्ला कर डाँटते हुए उसे रोक सकती थी... ! लेकिन उसे रोकने की बजाय मैंने उसकी ये हरकत ज़ारी रहने दी।

मुझे कुत्ते की ज़ुबान अपनी चूत के ऊपर क्लिट की तरफ चाटती महसूस हुई। एक बार फिर उसने ऐसे ही किया लेकिन इस बार उसकी ज़ुबान का दबाव ज्यादा था जिससे कि उसकी ज़ुबान मेरी चूत के अंदर घुस कर चाटते हुए मेरी क्लिट तक ऊपर गयी। चाटते हुए कुत्ते की ज़ुबान मेरी चूत के अंदर बाहर फिसलने लगी। बहुत ही मुख्तलिफ़ एहसास था। मुझे उसकी ज़रूरत थी...उसकी आरज़ू थी। काँपते हाथों से मैंने अपनी चूत फैला दी इस उम्मीद के साथ कि वो मेरी तड़पती चूत को अपनी खुरदुरी ज़ुबान से चाटना ज़ारी रखेगा। कुत्ते ने ऐसा ही किया... अपनी लालची ज़ुबान से कुत्ते ने मेरी चूत चाटते हुए रस पीने लगा। बे-इंतेहा हवस और वहशियाना जुनून सा मुझ पर छा गया था।फिर मैं बिस्तर के बीच में अपने हाथों और घुटनों के बल झुककर कुत्तिया की तरह हो गयी और जैकी को भी बिस्तर पर आने को कहा। वो कूद कर बिस्तर पर चढ़ गया और कुत्ते ने पीछे से मेरी चूत चाटने लगा। मैंने देखा कि उसका लाल-लाल चमकता हुआ लौड़ा कड़क हो कर बाहर निकला हुआ था। उसके लौड़े का नाप देख कर बेखुदी-सी की हालत में मैंने अपना हाथ बढ़ा कर उसका अज़ीम लौड़ा अपनी मुठ्ठी में ले लिया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेरी इस हरकत से जैकी झटके मारते हुए मेरी मुठ्ठी में अपना लौड़ा चोदने लगा। लेकिन साथ ही उसने मेरी चूत चाटना बंद कर दिया जो मैं नहीं चाहती थी। उसे मसरूर करना उस वक्त मेरी नियत नहीं थी।

मैंने उसका लौड़ा सहलाना बंद कर दिया तो वो फिर से कुत्ते ने मेरी चूत अपनी ज़ुबान से चाटने लगा। मैं मस्त होकर ज़ोर-ज़ोर से सिसकने लगी और कुछ ही देर में चींखते हुए झड़ गयी। जैकी ने फिर भी मेरी चूत चाटना बंद नहीं किया और इसी तरह मेरी चूत ने दो बार और पानी छोड़ा। मुझे ज़बरदस्ती जैकी का सिर अपनी चूत से दूर हटाना पड़ा क्योंकि लगातार चाटने से मेरी क्लिट बहुत ही नाज़ुक सी हो गयी थी और दुखने लगी थी। जैकी के चाटने की मिलीजुली दर्द और मस्ती अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रही थी। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा तीन बार झड़ने के बाद भी मेरी हवस कम नहीं हुई थी। बल्कि अब तो मैं कुत्ते का लंड अपनी चूत में लेने के लिये बेताब हो रही थी। प्यास की वजह से मेरा गला सूख रहा था तो पानी पीने पहले मैं नशे में लड़खड़ाती हुई किचन में गयी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। जैकी भी मेरे पीछे-पीछे आ गया। मैं तो नंगी ही थी और जैकी बीच-बीच में मेरी टाँगों के बीच में अपना सिर घुसेड़ने की कोशिश कर रहा था। मैं उसकी ये कोशिश कामयाब नहीं होने दे रही थी तो वो मेरे टाँगें या फिर मेरे पैर और सैंडल चाटने लगता। पानी पी कर मैं पेंसिल हील के सैंडलों में झूमती हुई ड्राइंग रूम में आ गयी और धड़ाम से गिरते हुए सोफे पर बैठ गयी। फिर अपनी टाँगें फैला कर मैंने जैकी के आगे वाले पंजे अपने हाथों में लेकर उसे अपने नज़दीक खींचते हुए अपने कंधों पर रख दिये।

उसका लौड़ा अब बिल्कुल मेरी बेताब चूत के सामने था। अपना एक हाथ नीचे ले जा कर मैंने कुत्ते का लौड़ा अपनी मुठ्ठी में लिया और उसे अपनी चूत में हांक दिया। कुत्ते ने जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मैं भी सोफे से अपनी गाँड ऊपर उठा कर उसके धक्कों का जवाब देने लगी। लेकिन मैं ज्यादा देर तक इस तरह उसका साथ नहीं दे सकी और वापस सोफे पर अपनी गाँड टिका कर बैठ गयी और आगे की चुदाई उस पर ही छोड़ दी। मैंने महसूस किया कि इस पूरी चुदाई के दौरान उसके लौड़े से पतला सा चिपचिपा रस लगातार मेरी चूत में बह रहा था। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं दो दफा चींखें मारते हुए इस कदर झड़ी कि मेरी आँखों के सामने अंधेरा छा गया। फिर थोड़ी देर बाद इसी तरह ज़ोर-ज़ोर से चोदते हुए अचानक कुत्ते ने एक ज़ोर से धक्का मारते हुए अपने लौड़े के आखिर की गाँठ मेरी चूत में ठूँस दी। मेरी तो दर्द के मारे साँस ही गले में अटक गयी। दर्द इस कदर था कि मैं छटपटा उठी। मुझे अपने शौहर के साथ पहली चुदाई याद आ गयी। थोड़ी सी देर में मेरा दर्द थम गया और मुझे एहसास हुआ कि जैकी झड़ने के बहुत करीब था। उसने चोदना ज़ारी रखा और मैं प्यार से उसके कान सहलाने लगी। फिर अचानक मुझे गरम और बहुत ही गाढ़ा चिपचिपा रस अपनी चूत में छूटता हुआ महसूस हुआ। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा बाद में मुझे एहसास हुआ कि हम दोनों आपस में वैसे ही चिपक गये थे जैसे मैंने सईदा आँटी और उनके कुत्ते को आपस में जुड़ते हुए देखा था।

मैं जैकी को खुद से अलग नहीं कर सकती थी इसलिये मैंने उसे उसी हाल में रहने दिया और मैं उसे पुचकारते हुए उसका जिस्म अपने हाथों से सहलाने लगी। जैकी से इस तरह जुड़ कर चिपके हुए मुझे अजीब सा मज़ा और सुकून महसूस हो रहा था। करीब बीस मिनट बाद उसके लंड की गाँठ सिकुड़ी और हम अलग हुए। उस एक नशीली शाम के बाद सब कुछ बदल गया और मेरी ज़िंदगी में फिर से बहारें आ गयी... ज़िंदगी का खालीपन दूर हो गया। मैं तो जैकी की इस कदर दीवानी हूँ कि उससे बकायदा हर रोज़ ही तरह-तरह से चुदवाती हूँ... कुत्ते का लंड चुसती हूँ और अक्सर गाँड भी मरवा लेती हूँ। जैकी भी बहुत शौक से मेरी चूत चाटने और चोदने के लिये मुश्ताक रहता है। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। इसके अलावा जज़बाती तौर पे भी हमारे दरमियान बेपनाह मोहब्बत है। हमारा रिश्ता बिल्कुल मियाँ-बीवी जैसा ही है। काश की ये ज़लिम दुनिया हमारे रिश्ते को समझ पाती। कैसी लगी कुत्ते के साथ सेक्स की स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई घोड़े से मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो अब जोड़ना Facebook.com/SnehaKumari

आँटी को कुत्ते ने चोदा हिंदी ऐनिमल सेक्स कहानी

हेलो दोस्तों, आज जो जानवर के साथ सेक्स कहानियों बताने जा रही हु वो मेरी आँटी की  कुत्ते से चुदाई की कहानी हैं । आज मैं बताउंगी कैसे आँटी ने कुत्ते से चुदवाया, कैसे कुत्ते ने आँटी को चोदा, कैसे आँटी ने कुत्ता के लण्ड से चुदवाईकुत्ते ने आन्टी की चूत चाट चाटकर चोदाकुत्ते ने आन्टी की गांड मारा ।मेरा नाम शाज़िया मिर्ज़ा है और मैं सैंतीस साल की मॉडर्न ख्यालों वाली तालीम-याफता तलाकशुदा औरत हूँ। एक प्राइवेट बैंक में जनरल मैनेजर हूँ। अच्छी-खासी तनख्वाह है जिसकी वजह से मेरा लाइफ-स्टाइल भी काफी हाई-क्लास है।

मैं नासिक में ही एम-कॉम कर रही थी और फाइनल ईयर शुरू होने के पहले दो महीने ट्रेनिंग के लिये मुम्बई आयी थी। मेरे अब्बू के किसी दोस्त की एक दूर की रिश्तेदार तब मुम्बई में जुहू इलाके में अकेली रहती थीं और मैं उन ही के साथ उनके शानदार फ्लैट में पेईंग-गेस्ट बन कर रहने लगी। उनका नाम सईदा था और वो करीब चालीस साल की बहुत ही खूबसूरत और खुशदिल औरत थीं। उनके शौहर किसी दूसरे मुल्क में नौकरी करते थे। शायद दुबई या कुवैत में पर मुझे ठीक से याद नहीं। मैं उन्हें ‘सईदा आँटी’ कह कर बुलाती थी। उनके पास एक बड़ा सा काले रंग का डोबरमैन कुत्ता भी था जिसे वो ‘जानू’ कह कर बुलाती थीं। ट्रेनिंग के लिये मुझे नारीमन पॉइन्ट के करीब जाना पड़ता था इसलिये मैं सुबह ही निकल जाती थी और शाम को लौटती थी। शाम को मैं खाना बनाने में सईदा आँटी की मदद करती और उनके कुत्ते जानू के साथ खेलती और टीवी देखती थी। उनके शानदार फ्लैट में तीन बेडरूम थे इसलिये मैं और सईदा आँटी अलग-अलग कमरे में सोती थीं। एक-दो हफ्तों में मैं सईदा आँटी से काफी वाकिफ हो गयी। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। सईदा आँटी काफी खुले और आज़ाद ख्यालों वाली थीं। हर रोज़ रात को खाने से पहले टीवी देखते हुए शराब के एक-दो पैग पीती थीं। मुझसे भी बॉय-फ्रेंड्स वगैरह के बारे में पूछती और अपने कॉलेज के दिनों में इश्कबाज़ी के किस्से और शादी से पहले गैर-मर्दों से अपनी चुदाई के किस्से भी मुझे सुनाती। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा

एक दिन शाम को मैं घर आयी तो सईदा आँटी ने मुझे बताया कि उन्हें एक पार्टी में जाना है और उन्हें लौटने में रात को काफी देर हो जायेगी। उन्होंने मुझे हिदायत दी कि मैं दरवाजा ठीक से अंदर से लॉक कर लूँ और खाना खा कर सो जाऊँ और उनके लौटने का इंतज़ार ना करूँ। उनके पास बाहर से दरवाजा खोलने के लिये दूसरी चाबी थी। मैं खाना खा कर टीवी देखने लगी और टीवी देखते-देखते वहीं सोफे पर ही सो गयी। करीब आधी रात के वक्त सईदा आँटी वापस लौटीं तो मेरी नींद खुली। मैंने देखा कि सईदा आँटी काफी नशे में थीं। इससे पहले मैंने उन्हें कभी इतने नशे में नहीं देखा था। उन्होंने ऊँची हील के सैन्डल पहने हुए थे और नशे में उनके कदम ज़रा से लड़खड़ा भी रहे थे। “काफी मज़ा आया पार्टी में... आज थोड़ी ज्यादा ही पी ली”, सईदा आँटी मुस्कुराते हुए बोलीं। “तू फिक्र ना कर और अंदर जा कर सो जा.... सुबह जाना भी है तुझे.... मैं थोड़ी देर टीवी देखुँगी... मेरी सहेली ने एक इंगलिश मूवी की कैसेट दी है!” आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। (उस ज़माने में सी-डी या डी-वी-डी प्लेयर नहीं थे) लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा उन्हें ड्राइंग रूम में छोड़ कर मैं अपने बेडरूम में जा कर सो गयी। सोते हुए मुझे करीब एक घंटा हुआ होगा जब सिसकरियों की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी। हालाँकि मुझे चुदाई का कोई तजुर्बा नहीं था लेकिन मैं बा‍ईस साल की थी और सैक्सी किताबों और ब्लू-फिल्मों की बदौलत उन सिसकरियों का मतलब बखूबी समझती थी।

लेकिन मुझे ताज्जुब इस बात का था कि सईदा आँटी के साथ आखिर था कौन। मैं बिस्तर से उठी और दरवाजे के पास जाकर बिना आवाज़ किये धीरे से थोड़ा दरवाजा खोला। जब मैंने ड्राइंग रूम में झाँक कर देखा तो मुझे अपनी नज़रों पर यकीन नहीं हुआ।सईदा आँटी ने जो सलवार-कमीज़ पहले पहन रखी थी वो अब सोफे पर एक तरफ पड़ी थी और उनके जिस्म पर इस वक्त सिर्फ एक छोटी सी ब्रा और उनके पैरों में वही ऊँची पेंसिल हील वाले सैन्डल मौजूद थे। सबसे हैरत की बात ये थी कि सईदा आँटी फर्श पर अपने हाथ और घुटनों के बल झुकी हुई थीं और उनका कुत्ता जानू पीछे से उनकी कमर के दोनों तरफ अपनी अगली टाँगें जकड़े हुए उनके चूतड़ों पर चढ़ा हुआ था और आहिस्ता-आहिस्ता झटके मार रहा था। सईदा आँटी की पीठ पर पुरी तरह से झुका हुआ वो कुत्ता सामने देख रहा था और उसके कुल्हे एक लय में सईदा आँटी के चूतड़ों पर आगे-पीछे ठुमक रहे थे। सईदा आँटी अपनी आँखें मूंदे सिसक रही थीं। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। करीब दो मिनट तक मैं हैरत-अंगेज़ आँखें फाड़े देखती रही और उसके बाद मेरे होशो हवास बहाल हुए। साफ ज़ाहिर था कि उस डोबरमैन कुत्ते के लन्ड से अपनी चूत चुदवाते हुए सईदा आँटी दुनिया जहान से बिल्कुल बेखबर थीं। फिर अचानक जानू ज़ोर से झटका मारते हुए सईदा आँटी की कमर पर और आगे झुक गया और उसके कुल्हे हैरत-अंगेज़ रफ्तार से आगे-पीछे चोदने लगे।

जानू के पिछले पैर ज़मीन पर फिसलने लगे थे लेकिन उसने चोदने की रफ्तार ज़रा भी कम नहीं की। “आऊ...! आआऊ...! ऊऊऊहहह...! ऊँआआऊ!” सईदा आँटी ज़ोर से कराहने लगीं और अपना एक हाथ नीचे से अपनी टाँगों के करीब ले गयीं। “ओहह नहींऽऽ! आआऊऊऽऽऽ! ऊँऽऽ...! मर गयीऽऽऽ!” कुत्ता जो भी कर रहा था उसकी हरकत से सईदा आँटी को तकलीफ हो रही थी। उनकी मुठ्ठियाँ फर्श के मुकाबिल जकड़ कर बंद और खुल रही थीं। उनका खुला हुआ मुँह दर्द से बिगड़ा हुआ था। “ऊँहहऽऽ आआईईऽऽऽ! मादरचोद.... जानू! आज फिर तूने अपनी ज़ालिम गाँठ अंदर ठूँस दी!” कराहते हुए सईदा आँटी फर्श पर ज़रा सा आगे की ओर खिसकीं तो कुत्ता भी उनके साथ चिपका हुआ खिंच गया लेकिन उनसे अलग नहीं हुआ। कुत्ते ने उसी तेज़ रफ्तार से चोदना ज़ारी रखा। मुझे साफ ज़ाहिर था कि सईदा आँटी तकलीफ में थीं। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उनके खिसकने से अब वो दोनों साइड से मेरी नज़रों के सामने थे और मैं उनकी तकलीफदेह हालत साफ-साफ देख पा रही थी। कुत्ते के लन्ड की जड़ में गेंड जैसी फूली हुई गाँठ आँटी की चूत में पैंठ कर फंस गयी थी और दोनों एक दूसरे से वैसे ही जुड़ गये थे जैसे कुत्ता और कुत्तिया अक्सर आपस में चिपक कर जुड़ जाते हैं।“ऊँऊँऽऽ जानू...!” सईदा आँटी कराही पर फिर उन्होंने जूझना बंद कर दिया और अपनी गाँड हवा में कुत्ते के मुकाबिल और ऊपर ठेल कर अपना सिर फर्श पर टिका दिया।

जानू अभी भी ज़ोर-ज़ोर से आगे पीछे चोदना ज़ारी रखे हुए था। सईदा आँटी अब पुर-सकून हो गयी थीं तो कुत्ता बहुत तेज़ रफ्तार से छोटे-छोटे झटके मार कर चोद रहा था। जानू के कुल्हे लरजते और काँपते नामुदार हो रहे थे। मुझे फिर से सईदा आँटी की सिसकियाँ और कराहें सुनाई दीं लेकिन अब ऐसा लग रहा था कि एक बार फिर हालात उनके काबू में थे और अब उन्हें मज़ा आ रहा था। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा मुझे भी एहसास नहीं हुआ कि मैंने कब अपनी नाइटी उठा कर पैंटी में हाथ डाल कर अपनी चूत सहलाना शुरू कर दिया था। मैंने देखा कि सईदा आँटी के ऊपर झुके हुए जानू ने अचानक अपने कुल्हे चलाना बंद कर दिये और उसी तरह बे-हरकत खड़ा हो गया। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। सईदा आँटी से कस कर चिपका हुआ कुत्ता ऐंठ कर काँप रहा था। उसकी आँखें भी शीशे की तरह जम गयी थीं। फिर उसने आहिस्ता-आहिस्ता अपने कुल्हे चला कर चोदना शुरू किया लेकिन एक-दो मिनट में ही फिर से बिल्कुल रुक गया। उस वक्त मुझे एहसास हुआ कि कुत्ते ने सईदा आँटी की चूत में अपना रस छोड़ दिया है। जानू तो निबट गया था लेकिन जब उसने सईदा आँटी से अलग होने की कोशिश की तो ज़ाहिर हो गया कि वो और सईदा आँटी अभी भी एक दूसरे से चिपक कर जुड़े हुए थे। “नहीं... जानू...! प्लीज़! रुक! जानु रुक!” सईदा आँटी ने उसे हुक्म दिया।

जानू भी फरमाबरदार था और सईदा आँटी की कमर से उतरने की और कोशिश नहीं की और मुँह खोलकर अपनी जीभ बाहर निकाले हाँफता हुआ उनकी कमर पर चढ़ा रहा। सईदा आँटी भी हाँफ रही थीं और गहरी साँसें ले रही थीं। “मेरा अच्छा बच्चा जानू!” वो प्यार से बोलीं, “नाइस बॉय! बस ऐसे ही रुके रहो!” जानू सईदा आँटी की पीठ पर निढाल सा हो गया और उनकी गर्दन और बालों को चाटने लगा। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा सईदा आँटी बहुत ही एहतियात से आहिस्ता से खिसकीं ताकि उनकी चूत में फंसी कुत्ते के लन्ड की गाँठ पर खिचाव ना पड़े। ऐसे ही कुलबुलाते हुए सईदा आँटी थोड़ा और इधर उधर खिसकीं और अपना दाहिना हाथ अपनी टाँगों के बीच में ले जा कर अपनी चूत और कुत्ते के लन्ड को टटोला। फिर सईदा आँटी अपनी चूत सहलाने लगीं। बहुत ही चोदू नज़ारा था। दो-तीन मिनट में ही सईदा आँटी पूरे जोश में अपनी चूत अपने हाथ और उंगलियों से ज़ोर-ज़ोर से सहला रही थीं जबकि उनका आशिक-कुत्ता जानू उनकी कमर पर सवार था और उसका लन्ड उनकी चूत में फंसा हुआ था। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। इधर मैं भी अपनी चूत ज़ोर-ज़ोर से रगड़ रही थी। मुझे ये देख कर हैरत हुई कि कुत्ते ने फिर आहिस्ता-आहिस्ता अपने कुल्हे चलाने शुरू कर दिये। सईदा आँटी के हिलने डुलने और लन्ड से भरी चूत सहलाने से शायद जानू का लन्ड फिर से उकसा गया था। “नहीं जानू! फिर से नहीं! रुक..!”

सईदा आँटी कराहते हुए चींखी लेकिन वो खुद उस वक्त बहुत मस्ती में थीं और झड़ने के करीब थीं। कुत्ते ने ज़ोर-ज़ोर से अपने लण्ड आँटी की चूत में आगे-पीछे चलाने लगा था और सईदा आँटी भी अपने चूतड़ हिलाती हुई पूरे जोश में अपनी चूत रगड़ने लगीं। “आआआईईईऽऽ! आआऽऽऽ ऊँआआआईईईऽऽऽ!” सईदा आँटी की चूत में झड़ने की आगाज़ी लहरें फूटने लगीं तो वो मस्ती में कराहने लगीं। कुत्ते का लन्ड आँटी की चूत में वैसे ही कायम था और दोनों ने अपनी-अपनी मस्ती में डूबे हुए अपनी अलग-अलग ताल पकड़ ली। “ऊँहह आँहह ऊँऽऽ आँईईऽऽ!” सईदा आँटी ज़ोर-ज़ोर से कराह रही थीं। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उनका चमकीला जिस्म ऐंठ गया था। एक हाथ अपनी चूत सहलाने में मसरूफ होने की वजह से वो एक ही हाथ के सहारे झुकी हुई थीं और उनके तने हुए मसल लरज़ते हुए अलग ही नज़र आ रहे थे। वो रुक-रुक कर लंबी साँसें लेती तो फुफकारने जैसी आवाज़ निकलती। कुत्ते ने बेहद जोश में आँटी की चूत में लन्ड पेल रहा था और सईदा आँटी भी वैसे ही डटी रही। सईदा आँटी की चूत में झड़ने की आखिरी लहरें दौड़ने लगीं तो उनकी ताल अहिस्ता हो गयी और उन्होंने अपना हाथ चूत से हटा लिया। एक बार फिर अपने दोनों हाथों और घुटनों के सहारे झुकी हुई स‍इदा आँटी अपनी कमर पर कुत्ते को सम्भालने लगीं।

कुत्ता भी वैसे ही झड़ने लगा जैसे कि पिछली बार झड़ा था। बस इतना फर्क था कि इस बार झड़ते हुए वो दो -तीन बार रिरियाया। “ओहह जानू! आँहह जानू!” स‍इदा आँटी सिसकीं,  “ऊँह! आँह! उँहह.. ऊँह!” सईदा आँटी की सिसकियों और कुत्ते की रिरियाहट से साफ ज़ाहिर था कि कुत्ते के लन्ड से गरम शीरा सईदा आँटी की चूत में बह रहा था। सईदा आँटी उस वक्त जानू की कुत्तिया बनी हुई थी। कईं सारे हल्के-हल्के झटके मारते हुए जानू का झड़ना बंद हुआ और फिर से वो सईदा आँटी की कमर पर निढाल सा हो गया। “मादरचोद जानू! तूने फिर से चोद दिया! मेरी चूत दर्द कर रही है!” सईदा आँटी सिसकते हुए बोली,  “बस अब ऐसे ही रुके रहो!” जानू को तो जैसे पहले से ही स‍इदा आँटी के इस हुक्म की उम्मीद थी। वो पहले से ही बिना हिले-डुले उनकी पीठ पर झुका हुआ था। दोनों थके हुए और ज़ाहिरन मुतमाइन थे। आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। स‍इदा आँटी ने अपना सिर फर्श पर टिका दिया लेकिन अपनी गाँड कुत्ते के मुकाबिल उठी रहने दी जिसका लन्ड इस वक्त अपनी कुत्तिया की चूत में कस कर बंधा हुआ था। कैसी लगी हिंदी ऐनिमल सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई घोड़े से आँटी की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/SaaridaKumari

दोस्त की मां और बहन की रोज चुदाई

हेलो दोस्तों, आज जो माँ और बहन की सेक्स कहानियों बताने जा रहा हू वो मेरी दोस्त की माँ और बहन के साथ चुदाई हैं । आज मैं बाटूंगा कैसे दोस्त की माँ और बहन को चोदा, कैसे दोस्त की माँ की बूब्स चूसा और दोस्त की बहन की चूत चाटी, कैसे एक साथ दोस्त की माँ बहन की गांड और चूत को ठोका, कैसे दोस्त की माँ की गांड मारी और बहन की चूत मारी । यह कहानी मेरे और मेरे दोस्त की बहन के प्यार की है जो आगे बढ़कर उसकी और उसकी माँ की चुदाई पर खत्म हुई और जिसमें मैंने उसको बहुत मज़े से चोदा और साथ में उसकी भी भूख को शांत किया. मेरे दोस्त की बहन का नाम तानिया है और उसकी उम्र 21 साल की है. दोस्त की बहन की बड़े बड़े बूब्स और गोल गोल गांड है.

दोस्त की बहन की फिगर का साईज 38-32-38 है और दोस्तों जब मैंने पहली बार उन्हे देखा था तो उन्हे देखकर मेरी आँखें खुली की खुली रह गई, क्योंकि उनकी माँ की उम्र करीब 42 साल है और उनका फिगर भी बहुत तगड़ा है, करीब 42-34-40 है और वो शादीशुदा होने के बाद भी बहुत सेक्सी दिखती है और मुझे उन्हे देखकर तो पहले दिन से ही प्यार हो गया था, लेकिन वो उनकी माँ थी इसलिए में कुछ कर ना सका. दोस्तों चलो अब में पहले आप सभी को वो घटना बताता हूँ कि यह सब स्टार्ट कैसे हुआ.में उस समय अपने दोस्त के यहाँ पर पढ़ने जाया करता था और उसकी बड़ी बहन हम दोनों को पढ़ाती थी और तब तक मेरे मन में उनके लिए कोई भी ग़लत विचार नहीं था, लेकिन धीरे धीरे मेरी उनसे बातें कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी और अब हम एक दूसरे से बहुत ज्यादा हंसी मजाक और हर रोज फोन पर भी बातें किया करते थे, लेकिन मेरे दोस्त को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था कि हमारे बीच में अब क्या चल रहा था और हम हमेशा उससे छुपकर बातें किया करते थे और हम थोड़ी बहुत पढ़ाई की बातें भी किया करते थे.फिर हम धीरे धीरे एक दूसरे की जिन्दगी की छुपी हुई बातों के बारे में जानने लगे थे. आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
एक दिन जब वो हमे पढ़ा रही थी तो उनके टॉप का गला थोड़ा बड़ा था और फिर वो जैसे ही थोड़ा नीचे झुकी तो मेरी नज़र उनकी छाती पर गई और उस नजारे देखकर मेरा लंड एकदम हरकत करने लगा. में करीब दो मिनट तक लगातार छुप छुपकर दोस्त की बहन की छाती को ही देखता रहा,

लेकिन वहां पर मेरा दोस्त भी मेरे साथ बैठा हुआ था इसलिए में इसके आगे कुछ भी नहीं कर सका और अब में रोज उनके यहाँ पर जाता और सुबह से शाम तक उनके घर पर ही रहता, लेकिन में हमेशा यहीं बात सोचता रहता कि कैसे में दोस्त की बहन की बूब्स को देखूं? और हर रोज में किसी ना किसी तरह से एक दो बार उनके बूब्स तो देख ही लेता था, जिससे मेरे मन को थोड़ी बहुत संतुष्टि मिल जाती थी और वो मेरी तरफ देखकर मेरी आग को और भी बढ़ा देती, लेकिन में फिर भी शांत रहता. फिर एक दिन मेरा दोस्त किसी जरूरी काम से कहीं बाहर गया हुआ था और मेरा उसके अगले दिन एक पेपर था तो में सुबह से ही उनके यहाँ पर पढ़ने चला गया और मैंने वहां पर पहुंचकर देखा कि वहां पर सिर्फ़ मेरे दोस्त की बहन और उसकी माँ घर पर अकेली थी.वो नहाकर बाथरूम से बाहर आई थी तो उन्हे देखकर में बिल्कुल चकित रह गया, वो उस एकदम टाईट टी-शर्ट में मेरे सामने खड़ी थी,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। जो अब पानी से पूरी तरह गीली होकर उनके सुंदर बदन पर चिपक रही थी और जिसकी वजह से मुझे उनके जिस्म का हर एक अंग साफ साफ नजर आ रहा था, मेरी नजर उनके ऊपर से हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और में खुद जानबूझ कर उनको देखकर अपने लंड को सहला रहा था और फिर मैंने महसूस किया कि उनके जिस्म से बहुत ही अच्छी खुश्बू आ रही थी और जिसे सूंघकर में उनकी तरफ आकर्षित हो रहा था.

तभी उन्होंने मुझे देखकर मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि तू अंदर जाकर बैठ में अभी थोड़ी देर में आती हूँ, अब में ना चाहते हुए भी जबरदस्ती उनके कहने पर अंदर जाकर चुपचाप सोफे पर बैठ गया और फिर उनके गदराए बदन के बारे में सोचने लगा और में पागल हुए जा रहा था. तभी कुछ देर बाद वो आईं और मुझे पढ़ाने लगी और अब उनके बड़े बड़े झूलते हुए बूब्स ठीक मेरी आखों के सामने थे और मेरा पूरा ध्यान उन्ही पर था. उनकी टी-शर्ट बहुत टाईट थी तो उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उन्होंने उसे ज़बरदस्ती पहन रखी हो और मेरा लंड अब अपने पूरे जोश में तनकर खड़ा हो गया था और में बहुत कोशिश में था कि किसी ना किसी तरह आज में उनके बूब्स दबा लूँ. आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
तभी उन्होंने मुझे देखा कि मेरा पूरा ध्यान उनके बूब्स पर था और फिर वो अचानक से उठकर दूसरे रूम में चली गई और अब एक चुन्नी ओढ़कर आ गई और फिर से मेरे सामने बैठ गई. फिर में समझ गया था कि शायद उन्हे मेरी कोई बात बहुत बुरी लग गई है, जिसकी वजह से उन्होंने ऐसा किया है और मैंने जल्दी से पढ़ा और चुपचाप अपने घर पर चला गया. मुझे बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था तो मैंने उन्हे अपने घर पर पहुंचने से पहले ही फोन करके सॉरी कहा और मैंने उनसे बोला कि आप हो ही इतनी सुंदर कि मेरी नज़र आपके ऊपर जाते हुए रुकी ही नहीं. मैंने तो बहुत बार कोशिश की थी, लेकिन में हर बार ना काम रहा, प्लीज आप मुझे माफ़ कर दो.

तभी वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और फिर बोली कि आज तक किसी और लड़के ने मुझसे ऐसा कभी नहीं कहा है. फिर मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए मज़ाक में उनसे कहा कि एक हीरे की असली पहचान सिर्फ एक ज़ोहरी ही कर सकता है.मेरी यह बात सुनकर एक बार फिर से ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी तो मैंने बात को और आगे बड़ाने के लिए उनसे पूछा कि क्या आपका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है? तो वो बोली कि नहीं मुझे उनकी यह बात सुनकर महसूस हो गया था कि वो थोड़ी उदास है, लेकिन फिर वो मुझसे कहने लगी कि चल हम घर पर बिना बताए कहीं बाहर घूमने चलते है. मैंने बहुत खुश होकर झट से कहा कि ठीक है चलो हम कोई फिल्म देखने चलेंगे और फिर में उनके बताए हुए ठीक समय पर और पते पर पहुंच गया और हम लोग फिल्म देखने चले गये और वहां पर पहुंचने के कुछ घंटो बाद बातों ही बातों में उन्होंने मुझसे पूछा कि तू क्या मेरा बॉयफ्रेंड बनना चाहेगा? आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया और झट से बोला कि हाँ क्यों नहीं? तो उन्होंने मुझे ज़ोर से हग कर लिया और एक किस भी किया. उनके दोनों बूब्स मेरी छाती से दब गये थे और मैंने भी जोश में आकर उनके बूब्स पर हाथ रख दिए, लेकिन तभी उन्होंने कहा कि अभी नहीं, आज तो बस हम आराम से फिल्म देखकर घर पर जाएगें और यह सब फिर कभी करेंगे. ऐसे ही एक दो सप्ताह निकल गये और अब हम घंटो तक छुप छुपकर फोन पर बातें किया करते थे.

फिर एक दिन बातों ही बातों में उन्होंने मुझे बताया कि वो अभी तक वर्जिन है, लेकिन वो कभी कभी छुपकर ब्लूफिल्म देखती है और अपनी चूत में उंगली भी कर लेती है. मैंने हंसकर कहा कि में भी यही सब करता हूँ और फिर हम लोग फोन सेक्स करने लगे. ऐसा करने से हमें बहुत मज़ा आता था. फिर एक दिन उनका फोन आया और उन्होंने मुझसे कहा कि आज घर पर कोई नहीं है और में बिल्कुल अकेली हूँ, तुम जल्दी से आ जाओ. फिर मैंने इस बात का पूरा पता करने के लिए अपने दोस्त के फोन नंबर पर फोन किया और उससे पूछा कि तू इस समय कहाँ पर है? तो वो बोला कि में अपने मामा के यहाँ पर किसी काम से आया हूँ और अब में समझ गया था कि वो मुझसे बिल्कुल सच कह रही थी, लेकिन उसने मुझसे अपनी मम्मी की बात मुझसे जरुर छुपाई थी. आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने सोचा कि आज जो भी होगा देखा जायेगा और फिर में जल्दी से तैयार होकर उनके घर पर गया. मैंने वहाँ पर पहुंचकर देखा कि वो मेरा बहुत बेसब्री से इंतजार कर रही थी और अब वो मुझसे बोली कि चल मेरे रूम में चलते है. मैंने कहा कि लेकिन आंटी भी तो घर पर है? तो वो बोली कि वो अभी इस समय सो रही है और वो इतनी आसानी से उठने वाली नहीं है क्योंकि वो बहुत गहरी नींद में सोती है और वैसे भी आज तो वो नींद की गोली खाकर सोई है तो उनके उठने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. दोस्तों में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और अब दोस्त की बहन की चुदाई के सपने देखने लगा.

में उनकी बात को सुनकर बिल्कुल फ्री हो गया था और मुझे अब किसी भी बात का कोई भी डर नहीं था. अब हम उनके रूम में चले गए और मैंने सीधा उनको कसकर पकड़ लिया और उनके गुलाबी रस भरे होंठो को चूसने लगा और वो भी मुझे कसकर पकड़ने लगी. तभी मैंने जल्दी से अपना एक हाथ उनके टॉप के अंदर डाल दिया और बहन की मुलायम बूब्स को एक एक करके दबाने मसलने लगा और अब मेरा लंड फौलाद की तरह तनकर खड़ा हो गया था और उन्होंने जल्दी से उनके कपड़े उतारे और फिर उन्होंने मेरे भी कपड़े बारी बारी से खोल दिए. उन्हे देखकर मुझे लग रहा था कि वो भी अब पूरे जोश में थी और में उनके बूब्स को देखे ही जा रहा था. तभी वो मुझसे बोली कि बस ऐसे ही देखता रहेगा या कुछ करेगा भी और फिर उन्होंने मुझे अपने बूब्स की तरफ खींच लिया और में ज़ोर ज़ोर से उनके दोनों बूब्स को दबाने लगा और चूसने लगा. वो आह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्हहह आईईइईईईई करने लगी. दोस्तों मेरी तड़प भी अब धीरे धीरे बढती जा रही थी और अब मैंने सीधा उनकी पेंटी को नीचे किया और मुझे उनकी सुंदर कामुक चूत को देखकर ऐसा लगा कि जैसे मुझे जन्नत के दर्शन हो गए हो और वो पूरी साफ तो नहीं थी, लेकिन उस पर थोड़े थोड़े बाल बहुत अच्छे लग रहे थे.मैंने उन्हे अपनी बाहों में लेकर बेड पर बिल्कुल सीधा लेटा दिया और अब धीरे धीरे उनकी चूत के साथ साथ पूरे जिस्म को चाटने लगा. वो पहले तो मना करने लगी, आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

लेकिन धीरे धीरे उन्हे भी मज़ा आने लगा था और फिर वो मुझसे बोलने लगी कि हाँ और तेज और तेज चाटो खा जाओ इसे हाँ उह्ह्ह्ह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और ज़ोर से चाटो. फिर हम 69 पोज़िशन में आ गए और वो मेरा लंड हिलाने लगी. दोस्तों हमें ऐसा करते हुए बस पांच मिनट ही हुए थे कि हम दोनों एक बार झड़ गये और अब मैंने धीरे धीरे दोस्त की बहन की चूत में उंगली करना शुरू किया और मेरी उंगली भी उनकी चूत में आसानी से घुस नहीं रही थी इसलिए मैंने अपने हाथ पर थोड़ा सा तेल लगा लिया और ऊपर ऊपर मसलने लगा. इतने में उन्हे भी जोश चड़ गया और मेरा लंड अब पूरा तनकर खड़ा हो गया था. फिर मैंने सोचा कि अब ज़्यादा देर करना बेकार है और मैंने अपने लंड का टोपा उनकी चूत के मुहं पर रख दिया और धीरे धीरे अंदर धक्का देने लगा, लेकिन उन्हे भी अब बहुत दर्द हो रहा था और मुझे भी. में उन्हे किस करने लगा और एक हाथ से बहन की बूब्स को दबाने लगा और एक ज़ोर का धक्का अंदर दिया और अब मेरा आधा लंड अंदर घुस गया था जिसकी वजह से वो बहुत ज़ोर से चिल्ला पड़ी और उन्होंने मेरी कमर पर अपने नाखून गड़ा दिए.एक दो मिनट तक हम एक दूसरे से ऐसे ही चिपके रहे और फिर कुछ देर बाद मैंने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया वो आह्ह्हहह ऊऊहह उफफ्फ्फ्फ़ करने लगी और बोलने लगी कि प्लीज थोड़ा आराम से कर मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मेरे सर पर तो चुदाई का भूत चड़ा हुआ था. में उनकी कैसे कोई बात सुनता. आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

मैंने एक और ज़ोर का धक्का दिया और मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर घुस गया. उनकी ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने की आवाज को सुनकर अब उनकी माँ भी वहां पर आ गई और हम दोनों को इस तरह पूरे नंगे चुदाई करते हुए देखकर बिल्कुल चकित हो गई. एक दो मिनट तक वो एकदम चुपचाप खड़ी रही.हमने जल्दी से कपड़े पहने और उन्हे समझाने लगे और ऐसी गलती कभी भी नहीं करने की कहने लगे और माफ़ी मांगने लगे, लेकिन तभी पता नहीं उन्हे क्या हुआ? उन्होंने धीरे से कहा कि तुम दोनों अकेले अकेले चुदाई के मज़े कर रहे हो क्या तुमने एक बार भी मेरे बारे में सोचा? अब मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि वो यह सब क्या बोल रही है? आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो मुझसे बोली कि तुझे मेरी बेटी को चोदने से पहेल मुझे चोदना पड़ेगा. दोस्तों अब तो मेरी खुशी का तो कोई ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि मुझे आज वो सब मिल गया था जिसको में कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था. दोस्त की माँ और बहन दोनों की चुदाई मेरे लंड से होनी थी. में यह बात मन ही मन सोचकर बहुत खुश था और भगवान को धन्यवाद कह रहा था. तभी उन्होंने मेरे बिल्कुल पास आकर मेरा लंड पकड़ा और फिर मुझसे कहा कि इतना बड़ा लंड तो इसके बाप का भी नहीं है. फिर मैंने जल्दी से दोस्त की माँ की साड़ी को उतारा और दोस्त की माँ की बड़े बड़े बूब्स को घूरकर देखने लगा और मैंने अपने दोस्त की बहन को भी उनके साथ में खड़ा कर दिया

और फिर मैंने बहुत ध्यान से देखा कि उन दोनों के बूब्स एक से बढ़कर एक थे फिर उनकी माँ ने मेरा लंड पकड़कर झट से मुहं में ले लिया और बोली कि वाह आज पहली बार सेक्स करने में मज़ा आ गया और इतने में वो अपनी बेटी को सीखाने लगी कि मुहं में लंड को कैसे लेते है, लेकिन अब मुझसे तो कंट्रोल नहीं हो रहा था और में करीब दस मिनट में दूसरी बार झड़ गया. अब उसकी माँ मुझसे मुस्कुराते हुए बोली कि कोई बात नहीं बेटा तुम अभी इस काम में नये नये हो तो ऐसा हो जाता है और फिर उन्होंने अपनी बेटी को कहा कि तू इसका लंड चूस में अभी आती हूँ फिर वो दो मिनट में आ गई और अपने साथ एक कंडोम लेकर आई और मुझसे बोली कि बेटा तू सेक्स जरुर कर, लेकिन कल अगर मेरी बेटी गर्भवती हो गयी तो बहुत दिक्कत हो जाएगी तू यह पहन ले और फिर जमकर सेक्स कर. इतने में मेरा लंड खड़ा हो गया और उन्होंने लंड को पकड़कर कंडोम लगा दिया, आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। क्योंकि मुझे नहीं आता था और फिर अपनी बेटी को बेड पर लेटा दिया और उसकी चूत पर अपना मुहं रखकर कुछ देखा और मुझसे कहा कि चल अब मार इसकी भी मेरी जैसी है. मैंने उन्हे एक बार में पूरा का पूरा लंड डालकर चोदना शुरू कर दिया और मुझे दोस्त की माँ की चुदाई करते समय धक्के देने से बिल्कुल भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वो दो बच्चों की माँ है. उनकी चूत एकदम चिकनी और गोरी थी.

उस दिन में आधे घंटे तक नहीं झड़ा और जबकि इस बीच मेरे दोस्त की माँ भी एक बार झड़ गई थी और में तब भी ज़ोर ज़ोर से धक्के दिए जा रहा था और फिर उसकी बहन दो बार झड़ गई थी उस दिन के बाद आज तक में हर सप्ताह में एक बार कम से कम अपने दोस्त की बहन और माँ को बारी बारी से चोदता हूँ. उस दिन भी मैंने ऐसा ही किया और दोस्त की माँ की चूत को बहुत जमकर चोदा. दोस्तों यह थी मेरी अपने दोस्त की माँ और बहन की चुदाई की कहानी.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। कैसी लगी दोस्त की माँ और बहन की चुदाई  स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी दोस्त की माँ और बहन की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/RekhaKumari

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