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रज़ाई में बहन की जमकर चुदाई

ये भाई बहन के बीच सेक्स कहानी,भाई बहन की चुदाई की हैं,कैसे भाई ने बहन को चोदा और बहन ने अपने भाई से चुदवाया.मेरी चचेरी बहन सरिता वो एकदम पतली दुबली सी और दिखने में बहुत सुंदर, सेक्सी लड़की थी, लेकिन उसके बूब्स की साईज़ 32 उभरे हुए बिल्कुल सुडोल थे और उसकी कमर बहुत पतली थी, उसकी कमर का साईज 26 था. दोस्तों वो मुझे बहुत ही अच्छी लगती थी और उसे देखकर मेरा मन करता था कि में उसे अभी पकड़कर चोद दूँ. हम पहले भी एक बार किस कर चुके थे जब वो गर्मियों की छुट्टियों में मेरे गाँव आई हुई थी. हम पहली बार मिलकर एक दूसरे से इतना करीब हुए थे. दोस्तों वो दिखने में बहुत ही सुंदर और हमेशा खुलकर बात करने वाली एक लड़की थी.

बहन की जमकर चुदाई
रज़ाई में बहन की जमकर चुदाई 

दोस्तों में उसे पहली बार देखते ही उसकी तरफ पूरी तरह से आकर्षित हो गया और फिर लगातार उसके सुंदर बदन को देखता रहा. उसके शरीर का हर एक हिस्सा उस एकदम टाईट कपड़ो में मेरे सामने उभरकर बाहर आ रहा था, जिसको देखकर में उका बिल्कुल दीवाना हो चुका था. फिर वो मेरे इस तरह घूरकर देखने का मतलब समझकर मेरी तरफ थोड़ा सा मुस्कुराई और मुझसे पूछने लगी कि क्या हुआ मुझसे पहले कभी कोई लड़की नहीं देखी क्या? तब मुझे थोड़ा सा होश आया और फिर में उससे बोला कि मैंने लड़कियाँ तो बहुत देखी है, लेकिन आज तक मैंने तुम्हारी जितनी सुंदर लड़की कोई भी नहीं देखी, दोस्तों वो मेरी यह बात सुनकर शरमा गई और फिर मुस्कुराकर वहां से चली गई और में उसे जाते समय पीछे से घूरकर देख रहा था.आप ये चुदाई कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसी शाम को जब हम छत पर बैठे हुए इधर उधर की बातें कर रहे थे कि तभी अचानक से उसने कुछ देर बाद मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? दोस्तों पहले तो में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत चकित हुआ और फिर मैंने कुछ देर सोचकर तुरंत उससे कहा कि नहीं, तो वो झट से बोली कि यह तुम्हारी बात सच है या तुम मुझे ही पागल बना रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि मुझ जैसे लड़के को कौन सी लड़की अपना बॉयफ्रेंड बनाएगी? तो वो तुरंत बोली कि क्यों ऐसी क्या कमी है तुम में, जो तुम यह सभी बातें सोचते हो?

दोस्तों मुझे उसकी बातों से अब कुछ बातें समझ में आ रही थी, वो शायद अब मेरी तरफ झुकने लगी थी और फिर ऐसे ही हमारे बीच बातें चल रही थी. फिर छत पर कुछ घंटे बिताने के बाद हम नीचे आ गए. अब हमने नीचे आकर देखा तो सभी लोग सो चुके थे और उस बात का फायदा उठाते हुए हम दोनों रात को एक ही रज़ाई में बैठकर टीवी देखने लगे और कुछ देर बाद जब उसे ज्यादा सर्दी लगी तो वो अपने पैरों को मेरे पैरों से छूने लगी, लेकिन धीरे धीरे अब वो अपना एक हाथ मेरी जाँघो पर ले गई.फिर मैंने भी थोड़ी हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा. अब हम दोनों ही कुछ देर बाद सोने का नाटक करके रज़ाई के अंदर आ गये. वहां पर हम अब एक दूसरे के नाज़ुक अंगो से खेल रहे थे और में जैसे ही उसके गाल पर किस करने के लिए थोड़ा आगे बढ़ा तो उसने अपने होंठो को आगे कर दिया और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे. हमें ऐसा बहुत अच्छा लग रहा था और हम दोनों यहाँ पर किस से ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते थे, क्योंकि हमारे साथ और भी दो कज़िन सो रहे थे इसलिए हम बस एक दूसरे को प्यार कर रहे थे. फिर हम दोनों उठकर अलग अलग रूम में जाकर सो गये. आप ये चुदाई कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर हमे उसके बाद एक दूसरे के इतना पास आने का समय ही नहीं मिला, क्योंकि वो दूसरे दिन अपने घर पर चली गई, लेकिन वो हमारी अधूरी कहानी को पूरी करने के लिए पूरे 6 महीने बाद मेरे बहुत करीब अपनी सगाई में आई.दोस्तों इस बार मेरा प्लान उसे चोदने का था और पहले दिन ही वो मुझे देखते ही मेरे पास आ गई थी. अब उस समय घर पर बहुत सारे मेहमान आए हुए थे तो सभी लोगों को रात में सोने के लिए जगह की बहुत बड़ी समस्या थी, उस समय रात भी बहुत हो चुकी थी. कुछ लोग पहले ही इधर उधर जाकर सो चुके थे और उस समय सर्दियों का समय था तो इसलिए सभी रज़ाई ओढ़कर सो रहे थे, वो भी अपनी एक रज़ाई में बिल्कुल अकेली ही थी और उसके पास थोड़ी जगह थी उसने मुझे अपने पास आने का इशारा किया, तो में पहले बाहर गया और सभी लोगों को सोता हुआ देखकर चुपचाप जाकर उसकी रज़ाई में घुस गया और हम दोनों एक बार फिर से पूरे 6 महीने बाद एक दूसरे के बहुत पास थे. में अब अपना हाथ उसके नाजुक अंगो पर घुमाने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी.

कुछ देर बाद जब वो थोड़ा सा गरम हो गई तो में उसकी कमीज में अपना एक हाथ डालकर उसके मुलायम, बड़े बड़े बूब्स को दबाने मसलने लगा. दोस्तों मैंने कुछ देर बाद महसूस किया कि उसके निप्पल अब तक बहुत टाईट हो चुके थे और सरिता भी अपना एक हाथ मेरे लंड पर ले गई वो भी अब तक तनकर बहुत टाईट हो गया था. अब धीरे धीरे हम दोनों थोड़ा आगे बढ़े और उस समय रूम में और भी बहुत लोग थे, इसलिए हमें उनका भी ध्यान रखना था कि किसी को हम पर शक ना हो.फिर सरिता ने अपने मुहं को रज़ाई से थोड़ा सा बाहर रखा, बस वो कभी कभी अपना मुहं अंदर करके मुझे किस कर रही थी, लेकिन उसका हाथ लगातार मेरे लंड को सहला और ज़ोर ज़ोर से हिला रहा था और हम एक दूसरे के अंगो के साथ खेल रहे थे. अब मैंने उसकी कमीज को पूरा ऊपर किया और फिर दोनों बूब्स को ब्रा से बाहर निकालकर एक बूब्स को चूसने तो दूसरे बूब्स को दबाने लगा दोस्तों ऐसा करने से मुझे बहुत मजा आ रहा था और में कभी उसके निप्पल को काटता तो कभी बूब्स को पूरा अपने मुहं में लेने की कोशिश करता.आप ये चुदाई कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। दोस्तों मैंने करीब 15 मिनट तक बूब्स से खेलने के बाद उसकी सलवार में अपना एक हाथ डालकर उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को मसलने लगा था और वो भी अब तक पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, लेकिन दोस्तों बस में उसकी चूत की गरमी और गीलेपन को महसूस कर सकता था, देख नहीं सकता था, क्योंकि उस समय रजाई के अंदर बहुत अंधेरा था.फिर मैंने बहन की पेंटी को पूरा नीचे कर दिया और मैंने अपनी एक अंगुली को उसकी चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से वो एकदम से सीहर उठी. दोस्तों में इससे पहले भी एक लड़की की सील तोड़ चुका था इसलिए में उसकी चूत में ऊँगली डालते ही समझ गया था कि यह पहले से ही चुद चुकी हुई है, लेकिन मुझे क्या करना था मुझे तो बस पानी निकालना था और फिर मैंने अपनी एक अंगुली को एक ज़ोर से झटके के साथ पूरा अंदर डाल दिया जिसकी वजह से उसके मुहं से धीरे धीरे सिसकियाँ निकल रही थी, लेकिन उसने अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया, क्योंकि और भी लोग हमारे पास में सो रहे थे.

अब उसने मुझे एक किस किया और मुझसे अपनी चूत को चाटने के लिए कहा, दोस्तों में अब धीरे धीरे रज़ाई में ही उसकी चूत के पास जाकर चूत को चूमने और चाटने लगा जिसकी वजह से उसे बहुत अच्छा लग रहा था और वो अपने चूतड़ को ऊपर उठा उठाकर मेरे सर को अपनी चूत के मुहं पर दबाकर मुझसे अपनी चूत को चटवा रही थी. अब मैंने कुछ देर चूत को लगातार चूसते हुए अपनी एक अंगुली को चूत में डालकर पूरा खोल दिया और फिर में अपनी जीभ से उसकी चूत के दाने को चाटने लगा. फिर करीब दस मिनट तक चूत को अपनी जीभ से चोदने के बाद मैंने उसे किस किया और उससे कहा कि अब तुम रज़ाई के अंदर आ जाओ और मेरा लंड चूसो, में रजाई से बाहर निकलकर ध्यान रखता हूँ.दोस्तों उसने एक बार तो मुझसे लंड को चूसने से साफ मना कर दिया, लेकिन फिर कुछ देर बाद मेरे बहुत समझाने के बाद वो मान गई. अब उसने रज़ाई में घुसकर सबसे पहले लंड को किस किया और उसके बाद उसने सुपाड़े को धीरे किस किया और अपनी जीभ से छुआ, जिसकी वजह से मेरी हालत अब धीरे धीरे बहुत खराब हो रही थी, मेरे मुहं से आह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह जैसी आवाज़े निकलने लगी थी.आप ये चुदाई कहानी निऊ हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब वो लंड का सुपड़ा अपने मुहं में लेकर चूसने लगी, वो अब इतनी ज़ोर से चूस रही थी कि जिसकी वजह से मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे अभी मेरे लंड से पानी निकल जाएगा और उसने करीब दस मिनट तक मेरा लंड चूसा, वो लंड चूसने के काम में बहुत अच्छी थी और वो बहुत ही अच्छे से मेरा लंड चूस रही थी जैसे आज वो सब बाहर निकाल देगी और फिर से हमने किस किया, क्योंकि दोस्तों उस जगह पर हम सेक्स नहीं कर सकते थे, इसलिए हमने बस ऐसे ही चुदाई का मज़ा लिया और कुछ देर लंड चूसने के बाद में उसके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरा गरम गरम वीर्य गटक गई. दोस्तों इसके बाद हमने दोबारा कैसे सेक्स किया और बहुत मज़े किये.कैसी लगी हम डॉनो भाई बहन की सेक्स स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी बहन के साथ सेक्स करना चाहते हैं तो उसे अब ऐड करो Facebook.com/Chudai ki pyasi sexy behan

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